बागेश्वर: हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश, 24 घंटे में 5 डिग्री गिरा तापमान
बागेश्वर जिले में मौसम ने तीखे तेवर दिखाए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में दिनभर मूसलाधार बारिश से अचानक ठंड बढ़ गई। महज 24 घंटे के भीतर जिले का अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
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बागेश्वर जिले में बुधवार को मौसम ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में दिनभर हुई मूसलाधार बारिश से अचानक ठंड बढ़ गई है। महज 24 घंटे के भीतर जिले का अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने सबसे बड़ा झटका किसानों को दिया है, जहां खेतों में पकी धान की फसल पानी में डूबने से बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
बुधवार तड़के करीब पांच बजे झमाझम बारिश शुरू हुई लेकिन सात बजे हल्की धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, दोपहर 12 बजे के बाद अचानक आसमान में काले बादल घिर आए और आकाशीय बिजली की गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई जो शाम छह बजे तक जारी रही। कपकोट और दुग-नाकुरी तहसील क्षेत्रों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला। तापमान में आई इस गिरावट के चलते मंगलवार को जो अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था वह बुधवार को गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलमारियों से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
किसानों पर दोहरी मार, कांडा में सड़क बंद
गरुड़, कपकोट और दुग-नाकुरी क्षेत्र में इन दिनों धान की कटाई और मढ़ाई का काम जोरों पर चल रहा है। अचानक हुई तेज बारिश से धान के खेत तलैया में तब्दील हो गए हैं। कटी पड़ी फसल और पुआल खेतों में ही सड़ने लगी है जिससे किसानों के सामने आगामी दिनों में मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका बन गई है। कांडा क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के कारण विशालकाय पेड़ गिरने से देवतोली-ठांगा मोटर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।