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केदारनाथ सेंचुरी क्षेत्र: हेलीकॉप्टर के शोर से वन्यजीवों पर पड़ रहा असर, वन्यजीव प्रभाग करेगा अध्ययन

Sun, 01 Nov 2026 12:55 PM IST
Alka Tyagi प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 01 Nov 2026 12:55 PM IST
सार
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वर्ष 2017 में भी हेलीकॉप्टरों  के शोर से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों को लेकर अध्ययन किया गया था। उस दौरान वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव सामने आए थे।

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Impact of helicopter noise on wildlife will be studied In Chamoli
हेलीकॉप्टर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं के शोर से वन्यजीवों के व्यवहार और प्राकृतिक आवास पर पड़ रहे प्रभाव का केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग अध्ययन करेगा। इसमें केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ान निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। सेंचुरी क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ान भूमि से कम से कम 600 मीटर की ऊंचाई पर होनी चाहिए।

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वर्ष 2017 में भी हेलीकॉप्टरों के शोर से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों को लेकर अध्ययन किया गया था। उस दौरान वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव सामने आए थे। अब दोबारा इस विषय पर अध्ययन की तैयारी की जा रही है। इसमें वन्यजीव संस्थान के साथ अन्य संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य करीब 975 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। पंचकेदार के मंदिर भी इसके अंतर्गत आते हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जाती हैं। केदारनाथ में वर्तमान में 15 हेलीकॉप्टर कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। यात्रा सीजन में दिनभर हेलीकॉप्टरों की आवाजाही और शोर से वन्यजीवों के विचलित होने और आवासीय क्षेत्रों में भटकने की आशंका बनी रहती है।
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केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि सेंचुरी क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ान से वन्यजीवों के व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवास पर पड़ रहे प्रभाव का अध्ययन कराया जाएगा। इसमें उड़ान के निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। जल्द ही अध्ययन शुरू किया जाएगा।

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कंपनियों ने नहीं दिया उड़ानों का डाटा, नोटिस की तैयारी
केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित कर रही कंपनियों से केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने बीते माह नियमित उड़ानों का डाटा मांगा था, लेकिन अभी तक किसी भी कंपनी ने डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में अब वन्यजीव प्रभाग कंपनियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।

बिना अनुमति हेलीकॉप्टर उतारने पर सेना को नोटिस
मदमहेश्वर क्षेत्र में बिना अनुमति दो चेतक हेलीकॉप्टर उतारने के मामले में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने सेना को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। घटना बीते 20 अक्तूबर की है। सेना के दो हेलीकॉप्टर मदमहेश्वर क्षेत्र में उतरे थे। वन विभाग के अधिकारियों से इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। कुछ देर रुकने के बाद दोनों हेलीकॉप्टर बदरीनाथ की ओर रवाना हो गए। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के रेंजर ने इसकी जानकारी डीएफओ रजत सुमन को दी। डीएफओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन अधिनियम के तहत सेना को नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में बिना अनुमति हेलीकॉप्टर उतारना गंभीर कानूनी अपराध है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में पूर्व में भी चीता हेलीकॉप्टर रेकी करते हुए देखा गया है।

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