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Rishikesh News: अटैचमेंट में उलझा इलाज, सुमेरुसैंण स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला
Sat, 22 Aug 2026 05:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 22 Aug 2026 05:58 PM IST
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नोट- गढ़वाल, कोटद्वार के लिए महत्वपूर्ण
-डॉक्टर कुंभ मेले में अटैच, दूसरा मेडिकल लीव पर, एक माह से इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण
- सर्दी, जुकाम की दवाई के 80 किलोमीटर लगानी पड़ रही दौड़
- एक महीने से अस्पताल से डॉक्टर गायब
मुनीश चंद्र रियाल
ऋषिकेश। द्वारीखाल विकासखंड के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुमेरुसैंण पर स्वास्थ्य विभाग की अटैचमेंट व्यवस्था भारी पड़ रही है। करीब दो माह पहले यहां तैनात डॉक्टर को हरिद्वार कुंभ मेले में अटैच किया गया। इसके बाद सतपुली से दूसरे डॉक्टर की तैनाती की गई लेकिन उनके मेडिकल अवकाश पर जाने के बाद करीब एक माह से स्वास्थ्य केंद्र बंद है। इलाज के लिए ग्रामीणों को करीब 80 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पीएचसी सुमेरुसैंण में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ के सापेक्ष केवल एक डॉक्टर तैनात थी। यहां तैनात डॉक्टर को करीब दो माह पहले कुंभ मेले की ड्यूटी के लिए हरिद्वार अटैच कर दिया गया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली से एक डॉक्टर को यहां भेजा गया था। वह डॉक्टर भी करीब एक माह पहले मेडिकल लीव पर चले गए, जिसके बाद से स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है।इस स्वास्थ्य केंद्र से चांदपुर, काटल, असनेत, खरीक, टाटरी, मंजोखी, अमखोली, झैड़ और बलोगी (विजयपुर) समेत कई गांवों के ग्रामीण जुड़े हैं। ग्रामीण सोहन बिष्ट और राजीव बिष्ट ने बताया कि इन दिनों सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन अस्पताल बंद होने से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।सोहन बिष्ट ने बताया कि सामान्य बीमारी जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार के इलाज के लिए भी ग्रामीणों को टैक्सी से ऋषिकेश जाना पड़ रहा है। आने-जाने में करीब 500 रुपये किराया खर्च होने के साथ कई बार रात में ऋषिकेश में कमरा लेकर रुकना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से केंद्र में तत्काल डॉक्टर की तैनाती कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
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कोट-
स्वास्थ्य केंद्र सुमेरुसैंण में व्यवस्था पर आए डॉक्टर मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। डॉक्टर के अवकाश पर जाने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए। -प्रतिभा बिष्ट, ग्राम प्रधान, चांदपुर
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कोट-
राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरुसैंण में एक माह से ताला लगा है तो यह गंभीर मामला है। इस बारे में अधीनस्थाें से जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही वहां पर डॉक्टर की तैनाती कर ताला खुलवाया जाएगा। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा। -मेघना असवाल, सीएमओ पौड़ी गढ़वाल
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-डॉक्टर कुंभ मेले में अटैच, दूसरा मेडिकल लीव पर, एक माह से इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण
- सर्दी, जुकाम की दवाई के 80 किलोमीटर लगानी पड़ रही दौड़
- एक महीने से अस्पताल से डॉक्टर गायब
मुनीश चंद्र रियाल
ऋषिकेश। द्वारीखाल विकासखंड के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सुमेरुसैंण पर स्वास्थ्य विभाग की अटैचमेंट व्यवस्था भारी पड़ रही है। करीब दो माह पहले यहां तैनात डॉक्टर को हरिद्वार कुंभ मेले में अटैच किया गया। इसके बाद सतपुली से दूसरे डॉक्टर की तैनाती की गई लेकिन उनके मेडिकल अवकाश पर जाने के बाद करीब एक माह से स्वास्थ्य केंद्र बंद है। इलाज के लिए ग्रामीणों को करीब 80 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पीएचसी सुमेरुसैंण में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ के सापेक्ष केवल एक डॉक्टर तैनात थी। यहां तैनात डॉक्टर को करीब दो माह पहले कुंभ मेले की ड्यूटी के लिए हरिद्वार अटैच कर दिया गया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली से एक डॉक्टर को यहां भेजा गया था। वह डॉक्टर भी करीब एक माह पहले मेडिकल लीव पर चले गए, जिसके बाद से स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है।इस स्वास्थ्य केंद्र से चांदपुर, काटल, असनेत, खरीक, टाटरी, मंजोखी, अमखोली, झैड़ और बलोगी (विजयपुर) समेत कई गांवों के ग्रामीण जुड़े हैं। ग्रामीण सोहन बिष्ट और राजीव बिष्ट ने बताया कि इन दिनों सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन अस्पताल बंद होने से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।सोहन बिष्ट ने बताया कि सामान्य बीमारी जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार के इलाज के लिए भी ग्रामीणों को टैक्सी से ऋषिकेश जाना पड़ रहा है। आने-जाने में करीब 500 रुपये किराया खर्च होने के साथ कई बार रात में ऋषिकेश में कमरा लेकर रुकना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से केंद्र में तत्काल डॉक्टर की तैनाती कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
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कोट-
स्वास्थ्य केंद्र सुमेरुसैंण में व्यवस्था पर आए डॉक्टर मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। डॉक्टर के अवकाश पर जाने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए। -प्रतिभा बिष्ट, ग्राम प्रधान, चांदपुर
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राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरुसैंण में एक माह से ताला लगा है तो यह गंभीर मामला है। इस बारे में अधीनस्थाें से जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही वहां पर डॉक्टर की तैनाती कर ताला खुलवाया जाएगा। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा। -मेघना असवाल, सीएमओ पौड़ी गढ़वाल