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Rishikesh News: तेज बारिश में सड़क पर गिरा पेड़, बिजली की तारें टूटी
Thu, 20 Aug 2026 06:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 20 Aug 2026 06:59 PM IST
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रायवाला। पुराने हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर सड़क किनारे खड़े दर्जनों जर्जर यूकेलिप्टस के पेड़ राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। बुधवार रात तेज बारिश के दौरान एक यूकेलिप्टस का पेड़ बिजली की तारों को तोड़ते हुए सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर नहीं था।
मोतीचूर से नेपाली फार्म तक हाईवे के किनारे कई ऐसे पेड़ खड़े हैं, जिनकी जड़ें कमजोर और खोखली हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में तेज हवा और बारिश के बीच कभी भी इन पेड़ों का सड़क पर गिरने का खतरा बना हुआ है। हाईवे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में जर्जर पेड़ों को समय रहते न हटाने पर बड़े हादसे की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से पूर्व में कुछ जर्जर पेड़ों को काटकर हटाया गया था लेकिन अब भी कई पेड़ ऐसे हैं जो गिरने की स्थिति में हैं। जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने बताया कि जर्जर और हादसे का कारण बन रहे पेड़ों को हटाने की मांग पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मोतीचूर से नेपाली फार्म तक हाईवे किनारे खड़े सभी सूखे, खोखले और कमजोर पेड़ों का सर्वे कराया जाए और दुर्घटना की आशंका वाले पेड़ों को तत्काल हटाया जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
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मोतीचूर से नेपाली फार्म तक हाईवे के किनारे कई ऐसे पेड़ खड़े हैं, जिनकी जड़ें कमजोर और खोखली हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में तेज हवा और बारिश के बीच कभी भी इन पेड़ों का सड़क पर गिरने का खतरा बना हुआ है। हाईवे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में जर्जर पेड़ों को समय रहते न हटाने पर बड़े हादसे की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से पूर्व में कुछ जर्जर पेड़ों को काटकर हटाया गया था लेकिन अब भी कई पेड़ ऐसे हैं जो गिरने की स्थिति में हैं। जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने बताया कि जर्जर और हादसे का कारण बन रहे पेड़ों को हटाने की मांग पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मोतीचूर से नेपाली फार्म तक हाईवे किनारे खड़े सभी सूखे, खोखले और कमजोर पेड़ों का सर्वे कराया जाए और दुर्घटना की आशंका वाले पेड़ों को तत्काल हटाया जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
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