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Tehri News: डीएलएड प्रशिक्षुओं को कार्यशाला में दी एनईपी की जानकारी
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नई टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में डीएलएड प्रशिक्षुओं का पांच दिवसीय थिएटर इन एजुकेशन कार्यशाला समापन हो गई। कार्यशाला में 39 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। डायट प्राचार्य सुमेर सिंह कैंतुरा ने कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को एनईपी के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुमन नेगी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में पाठ्यक्रम, शिक्षण शास्त्र अधिगम समग्र, एकीकृत, आनंददायी को और रुचिकर बनाना है। कार्यशाला में विनोद पेटवाल, डॉ़. वीर सिंह रावत, सीमा शर्मा, संजीव भट्ट, नरेश चंद कुमांई, डाॅ. राज किशोर, मानसी, ऋतिक राणा, सुष्मिता जोशी, नितिका मौजूद थे।
ग्रामीणों ने हर्षोल्लास के साथ दुबडी पर्व मनाया
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनुपुर ब्लॉक के ग्राम खंड़ा, पापरा तल्ला, मल्ला, कुआं, मुंदणी, भुयांसारी, दिक्क, किंन्सू, औतण, बंगशील, तेवा, मोलधार सहित अन्य गांवों में दुबडी (दुर्वाअष्टमी) पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूर्व प्रधान विजेंद्र सजवाण, कृपाल सिंह रावत, महावीर चमोली, रघुवीर नौटियाल, वीरेंद्र दत्त नौटियाल ने बताया के पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दुबडी पर्व के बाद क्षेत्र में त्योहार की शुरूआत मानी जाती है। बताया दुबडी पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन या उसके बाद मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष यह पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व पड़ है। दुबड़ी पर्व पर ग्रामीणों ने पंचायती चौक पर मक्का, मंडुवा, कौणी, चीणा आदि फसलों के पौधों को जमीन में गाडकर खड़ा देते हैं।
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ग्रामीणों ने हर्षोल्लास के साथ दुबडी पर्व मनाया
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनुपुर ब्लॉक के ग्राम खंड़ा, पापरा तल्ला, मल्ला, कुआं, मुंदणी, भुयांसारी, दिक्क, किंन्सू, औतण, बंगशील, तेवा, मोलधार सहित अन्य गांवों में दुबडी (दुर्वाअष्टमी) पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूर्व प्रधान विजेंद्र सजवाण, कृपाल सिंह रावत, महावीर चमोली, रघुवीर नौटियाल, वीरेंद्र दत्त नौटियाल ने बताया के पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दुबडी पर्व के बाद क्षेत्र में त्योहार की शुरूआत मानी जाती है। बताया दुबडी पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन या उसके बाद मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष यह पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व पड़ है। दुबड़ी पर्व पर ग्रामीणों ने पंचायती चौक पर मक्का, मंडुवा, कौणी, चीणा आदि फसलों के पौधों को जमीन में गाडकर खड़ा देते हैं।
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