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हांसी में कांग्रेस ऑब्जर्वर के सामने भिड़े नेता, चेयर पर बैठने को लेकर विवाद
हांसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से हरियाणा में संगठन सृजन अभियान के तहत पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसी अभियान के तहत वे हांसी पहुंचे, जहां उन्होंने नए जिले के कांग्रेस जिला अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
आपको बता दे कि कांग्रेस की बैठक के दौरान कांग्रेस ऑब्जर्वर अजय कुमार लल्लू के सामने ही कांग्रेसी नेताओं के बीच विवाद हो गया। चेयर पर बैठने को लेकर नेताओं में कहासुनी हुई, जिसके बाद बैठक का माहौल गरमा गया। ऑब्जर्वर की मौजूदगी में हुए इस विवाद ने एक बार फिर कांग्रेस के भीतर चल रही अंतरकलह को सामने ला दिया। विवाद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिले में जिला अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के लिए वे हांसी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्पष्ट मंशा है कि जिला अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति बने जो पारदर्शी हो, जनता के बुनियादी सवालों को लेकर लगातार संघर्ष करता हो और कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करता हो।
उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष किसी गुट या व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता होना चाहिए। जिला अध्यक्ष पद के लिए कम से कम पांच साल पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता को आवेदन करने की व्यवस्था की गई है। यूथ कांग्रेस, NSUI, महिला कांग्रेस, सेवा दल, फ्रंटल संगठनों, प्रकोष्ठों, ब्लॉक अध्यक्ष, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, PCC या AICC सदस्य और वरिष्ठ नेता समेत कोई भी पात्र कार्यकर्ता फॉर्म लेकर नामांकन कर सकता है।
लल्लू ने कहा कि PCC के पर्यवेक्षक सभी इच्छुक कार्यकर्ताओं को फॉर्म उपलब्ध करवाएंगे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद में यह बात सामने आई थी कि कांग्रेस को कैडर आधारित संगठन बनाने की जरूरत है। कई कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा था कि पार्टी में गुटबाजी के कारण सड़क पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की प्रतिभा दब जाती है। इसी सोच के साथ संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे स्वयं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष, CLP नेता और AICC प्रभारी जैसे पदों पर रह चुके हैं, फिर भी उन्हें जिला संगठन के अध्यक्ष के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी अलग-अलग जिलों में जिला अध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है।
वंदे मातरम को लेकर उठे विवाद पर अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जिन लोगों की स्वतंत्रता आंदोलन में कोई विरासत या संघर्ष की गाथा नहीं है, वे कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का ज्ञान न दें तो बेहतर है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, राम प्रसाद बिस्मिल और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रवादी नेताओं ने वंदे मातरम के माध्यम से देश में क्रांति की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और परंपरा को आगे बढ़ा रही है तथा अपने पुरखों को याद करते हुए आगे बढ़ना उसका दायित्व है।
सिरसा की राजनीति और कांग्रेस संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर लल्लू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी से बड़ा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर दूसरी पार्टियों का रुख किया, आज उनकी स्थिति सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं की पहचान कांग्रेस ने बनाई और जिन्हें पार्टी ने मान-सम्मान दिया, उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद क्या स्थिति है, यह जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि सिरसा में भी संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्ष का चुनाव होगा और जल्द ही सामने आ जाएगा कि वहां कौन जिला अध्यक्ष बनता है।
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस लगातार संघर्ष के रास्ते पर है और जनता एवं कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर चंडीगढ़ में सरकार का घेराव किया जा रहा है। कांग्रेस के विधायक, जिला अध्यक्ष, पार्टी प्रत्याशी और संगठन के पदाधिकारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं तथा जरूरत पड़ने पर जेल जाने और लाठी खाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
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