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एक्सप्लेनर: 75 देशों का वॉकआउट; नरसंहार के आरोप पर पलटवार, ममदानी को लताड़, नेतन्याहू के भाषण पर हंगामा क्यों?
Fri, 25 Sep 2026 05:39 PM IST
अमन तिवारी
स्पेशल डेस्क
स्पेशल डेस्क
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 25 Sep 2026 05:39 PM IST
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएनजीए में अपने भाषण के दौरान गाजा में नरसंहार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव किया और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी समेत अपने आलोचकों पर जमकर निशाना साधा। आइए जानते हैं कि अपने भाषण में इस्राइली प्रधानमंत्री ने और क्या-क्या कहा...
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यूएनजीए में नेतन्याहू ने सबको सुनाया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक चल रही है। दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान महासभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। वे जैसे ही मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधियों ने उनका कड़ा विरोध जताया और भारी संख्या में उनका बहिष्कार किया। नेतन्याहू इस दौरान लगभग तीन मिनट तक शांत खड़े रहे और इसके बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया। आइए बिंदुवार समझते हैं कि यूएन के मंच पर क्या-क्या हुआ, नेतन्याहू ने अपने भाषण में क्या-क्या कहा? उनके भाषण पर किसने क्या प्रतिक्रिया दी?
भाषण से पहले बड़े पैमाने पर वॉकआउट
नेतन्याहू के भाषण के दौरान सभागार का एक बड़ा हिस्सा खाली नजर आया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई प्रतिनिधि बाहर निकलने लगे। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान को कई बार सभागार में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
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भाषण से पहले बड़े पैमाने पर वॉकआउट
नेतन्याहू के भाषण के दौरान सभागार का एक बड़ा हिस्सा खाली नजर आया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई प्रतिनिधि बाहर निकलने लगे। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान को कई बार सभागार में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इस्राइल
- फोटो : अमर उजाला
वॉकआउट करने वालों को बताया 'नैतिक रूप से कायर'
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर बेंजामिन नेतन्याहू के पहुंचते ही भारी हंगामे के करीब तीन मिनट बाद नेतन्याहू ने अपना भाषण शुरू किया और विरोधी देशों पर जमकर निशाना साधा। सबसे पहले उन्होंने उन प्रतिनिधियों पर निशाना साधा, जो उनके भाषण से पहले ही सभागार से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने उन्हें 'नैतिक रूप से कायर' कहा और इसके बाद उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'अगर कोई और नैतिक रूप से कायर है और अभी तक इस हॉल से नहीं गया है, तो कृपया वह भी चला जाए।' रिपोर्टों के मुताबिक, भाषण शुरू होने से पहले 75 देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज कराते हुए वॉकआउट किया।
दरअसल इससे पहले फिलिस्तीनी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों को संदेश भेजकर अपने कर्मचारियों और प्रतिनिधियों से नेतन्याहू के भाषण के समय सामूहिक रूप से सभागार से बाहर निकलने की अपील की थी। मिशन ने कहा था कि इससे नेतन्याहू और उनकी सरकार को यह संदेश जाएगा कि कोई भी देश कथित नरसंहार, युद्ध अपराध और अवैध कब्जे में सहायता या भागीदारी नहीं करना चाहता।
गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया 'सदी का सबसे बड़ा झूठ'
अपने भाषण में नेतन्याहू ने गाजा में इस्राइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को सदी का सबसे बड़ा झूठ बताया। उनका कहना था कि इस्राइल अपने बचाव के लिए कार्रवाई कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर बेंजामिन नेतन्याहू के पहुंचते ही भारी हंगामे के करीब तीन मिनट बाद नेतन्याहू ने अपना भाषण शुरू किया और विरोधी देशों पर जमकर निशाना साधा। सबसे पहले उन्होंने उन प्रतिनिधियों पर निशाना साधा, जो उनके भाषण से पहले ही सभागार से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने उन्हें 'नैतिक रूप से कायर' कहा और इसके बाद उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'अगर कोई और नैतिक रूप से कायर है और अभी तक इस हॉल से नहीं गया है, तो कृपया वह भी चला जाए।' रिपोर्टों के मुताबिक, भाषण शुरू होने से पहले 75 देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज कराते हुए वॉकआउट किया।
दरअसल इससे पहले फिलिस्तीनी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों को संदेश भेजकर अपने कर्मचारियों और प्रतिनिधियों से नेतन्याहू के भाषण के समय सामूहिक रूप से सभागार से बाहर निकलने की अपील की थी। मिशन ने कहा था कि इससे नेतन्याहू और उनकी सरकार को यह संदेश जाएगा कि कोई भी देश कथित नरसंहार, युद्ध अपराध और अवैध कब्जे में सहायता या भागीदारी नहीं करना चाहता।
गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया 'सदी का सबसे बड़ा झूठ'
अपने भाषण में नेतन्याहू ने गाजा में इस्राइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को सदी का सबसे बड़ा झूठ बताया। उनका कहना था कि इस्राइल अपने बचाव के लिए कार्रवाई कर रहा है।
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बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इस्राइल
- फोटो : अमर उजाला
ईरान पर हमले को बताया सबसे आसान फैसला
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करना उनके लिए लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर अपने साथ-साथ दुनिया की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की। नेतन्याहू ने दावा किया कि जिन देशों के प्रतिनिधि उनके भाषण से पहले बाहर चले गए, उनमें से कई देशों के नेता निजी तौर पर इस्राइल को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद देते हैं।
पेजर दिखाकर याद दिलाया 17-18 सितंबर 2024
नेतन्याहू ने अपने भाषण में सितंबर 2024 के पेजर विस्फोटों का भी जिक्र किया। उन्होंने भाषण के दौरान एक पेजर हाथ में लेकर सभागार में मौजूद प्रतिनिधियों को दिखाते हुए 17-18 सितंबर 2024 की घटना याद दिलाई। उस समय इस्राइल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह के सदस्यों के बीच बांटे गए हजारों पेजरों को दूर से विस्फोट किया था। इस हमले में 3,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 12 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।
उन्होंने हिजबुल्लाह के खिलाफ इस्राइल की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस संगठन के कई नेता मारे जा चुके हैं और उसका नेतृत्व कमजोर हुआ है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों में इस्राइली सैनिकों ने सात मोर्चों पर लड़ाई लड़ी है। उन्होंने इन मोर्चों में हमास, हिजबुल्लाह, हूती, ईरान, इराक और सीरिया में मौजूद मिलिशिया तथा वेस्ट बैंक में फलस्तीनी आतंकवादियों का उल्लेख किया।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करना उनके लिए लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर अपने साथ-साथ दुनिया की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की। नेतन्याहू ने दावा किया कि जिन देशों के प्रतिनिधि उनके भाषण से पहले बाहर चले गए, उनमें से कई देशों के नेता निजी तौर पर इस्राइल को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद देते हैं।
पेजर दिखाकर याद दिलाया 17-18 सितंबर 2024
नेतन्याहू ने अपने भाषण में सितंबर 2024 के पेजर विस्फोटों का भी जिक्र किया। उन्होंने भाषण के दौरान एक पेजर हाथ में लेकर सभागार में मौजूद प्रतिनिधियों को दिखाते हुए 17-18 सितंबर 2024 की घटना याद दिलाई। उस समय इस्राइल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह के सदस्यों के बीच बांटे गए हजारों पेजरों को दूर से विस्फोट किया था। इस हमले में 3,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 12 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।
उन्होंने हिजबुल्लाह के खिलाफ इस्राइल की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस संगठन के कई नेता मारे जा चुके हैं और उसका नेतृत्व कमजोर हुआ है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों में इस्राइली सैनिकों ने सात मोर्चों पर लड़ाई लड़ी है। उन्होंने इन मोर्चों में हमास, हिजबुल्लाह, हूती, ईरान, इराक और सीरिया में मौजूद मिलिशिया तथा वेस्ट बैंक में फलस्तीनी आतंकवादियों का उल्लेख किया।
सात अक्टूबर 2023 के हमले का किया जिक्र
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले को भी अपने भाषण में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। उन्होंने इस हमले की तुलना अमेरिका में 9/11 हमले से करते हुए इसकी गंभीरता बताने की कोशिश की।
इसके बाद उन्होंने कहा कि इस्राइल ने हमास और हिजबुल्लाह समेत कई संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है और ईरान की सेना, नौसेना, वायुसेना तथा परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया।
वेस्ट बैंक और इस्राइली बस्तियों पर क्या बोले नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों द्वारा औपनिवेशवाद के लगाए जाने वाले आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पूरे अरब के 1% का तीसरा हिस्सा ही इस्राइल के पास है। बाइबल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मूसा के समय से यहूदी गोलन हाइट्स पर मौजूद रहे हैं। वेस्ट बैंक में इस्राइली बस्तियों के बसने वालों द्वारा फिलिस्तीनियों पर किए जाने वाले हमलों को उन्होंने कुछ भटके हुए नाबालिग उपद्रवी बताया जो पत्थर फेंकते हैं या जैतून के पेड़ काटते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे कानून हाथ में लेने के सख्त खिलाफ हैं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले को भी अपने भाषण में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। उन्होंने इस हमले की तुलना अमेरिका में 9/11 हमले से करते हुए इसकी गंभीरता बताने की कोशिश की।
इसके बाद उन्होंने कहा कि इस्राइल ने हमास और हिजबुल्लाह समेत कई संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है और ईरान की सेना, नौसेना, वायुसेना तथा परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया।
वेस्ट बैंक और इस्राइली बस्तियों पर क्या बोले नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों द्वारा औपनिवेशवाद के लगाए जाने वाले आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पूरे अरब के 1% का तीसरा हिस्सा ही इस्राइल के पास है। बाइबल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मूसा के समय से यहूदी गोलन हाइट्स पर मौजूद रहे हैं। वेस्ट बैंक में इस्राइली बस्तियों के बसने वालों द्वारा फिलिस्तीनियों पर किए जाने वाले हमलों को उन्होंने कुछ भटके हुए नाबालिग उपद्रवी बताया जो पत्थर फेंकते हैं या जैतून के पेड़ काटते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे कानून हाथ में लेने के सख्त खिलाफ हैं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इस्राइल
- फोटो : अमर उजाला
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी को भी लताड़ा
नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा ऐसे समय हुई जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उन्हें ‘वॉर क्रिमिनल’ कहा था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। ममदानी ने माना कि न्यूयॉर्क शहर के पास अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट को लागू करने का अधिकार नहीं है, लेकिन उन्होंने अमेरिकी संघीय अधिकारियों से कार्रवाई करने की अपील की थी।
नेतन्याहू ने अपने यूएनजीए भाषण में ममदानी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी के चुनाव जीतने के बाद न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ममदानी के कुछ कथित संपर्कों और उनके बयानों को लेकर भी सवाल उठाए। ममदानी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नेतन्याहू पर गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए कार्यों को सही ठहराने के लिए झूठ दोहराने का आरोप लगाया।
ममदानी ने नेतन्याहू को कैसे दिया जवाब?
ममदानी ने पलटवार करते हुए कहा कि नेतन्याहू झूठे बयानों के सहारे फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उन पर लगा युद्ध अपराध का वारंट नहीं मिटेगा। दूसरी ओर, नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि इस्राइल ने नरसंहार नहीं किया बल्कि नरसंहार को रोका है और अपनी रक्षा की है।
नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा ऐसे समय हुई जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उन्हें ‘वॉर क्रिमिनल’ कहा था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। ममदानी ने माना कि न्यूयॉर्क शहर के पास अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट को लागू करने का अधिकार नहीं है, लेकिन उन्होंने अमेरिकी संघीय अधिकारियों से कार्रवाई करने की अपील की थी।
नेतन्याहू ने अपने यूएनजीए भाषण में ममदानी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी के चुनाव जीतने के बाद न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ममदानी के कुछ कथित संपर्कों और उनके बयानों को लेकर भी सवाल उठाए। ममदानी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नेतन्याहू पर गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए कार्यों को सही ठहराने के लिए झूठ दोहराने का आरोप लगाया।
ममदानी ने नेतन्याहू को कैसे दिया जवाब?
ममदानी ने पलटवार करते हुए कहा कि नेतन्याहू झूठे बयानों के सहारे फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उन पर लगा युद्ध अपराध का वारंट नहीं मिटेगा। दूसरी ओर, नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि इस्राइल ने नरसंहार नहीं किया बल्कि नरसंहार को रोका है और अपनी रक्षा की है।
कतर और तुर्की पर क्या बोले नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने अपने भाषण में कतर और तुर्की समेत कुछ देशों पर इस्राइल के खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कतर ने बड़ी रकम खर्च करके इस्राइल के खिलाफ जनमत प्रभावित करने की कोशिश की है और उसका उद्देश्य युवाओं को इस्राइल , अमेरिका और पश्चिम के खिलाफ करना है। उन्होंने कतर पर हमास के नेताओं की मेजबानी करने का भी आरोप लगाया और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर भी निशाना साधा।
कतर ने आरोपों पर क्या कहा?
कतर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि नेतन्याहू के आरोपों का मकसद फलस्तीनी क्षेत्रों में इस्राइल की कार्रवाइयों से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि दुनिया में इस्राइल को लेकर बदलती राय को किसी कथित प्रभाव अभियान का नतीजा बताना उन लोगों की समझ और निर्णय क्षमता का अपमान है, जो गाजा में हो रही घटनाओं को प्रत्यक्ष रूप से देख रहे हैं। कतर ने कहा कि अगर इस्राइली नेतृत्व चाहता है कि दुनिया इस्राइल को अलग नजरिए से देखे, तो उसे अपनी नीतियां बदलनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए और अपने कार्यों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में कतर और तुर्की समेत कुछ देशों पर इस्राइल के खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कतर ने बड़ी रकम खर्च करके इस्राइल के खिलाफ जनमत प्रभावित करने की कोशिश की है और उसका उद्देश्य युवाओं को इस्राइल , अमेरिका और पश्चिम के खिलाफ करना है। उन्होंने कतर पर हमास के नेताओं की मेजबानी करने का भी आरोप लगाया और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर भी निशाना साधा।
कतर ने आरोपों पर क्या कहा?
कतर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि नेतन्याहू के आरोपों का मकसद फलस्तीनी क्षेत्रों में इस्राइल की कार्रवाइयों से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि दुनिया में इस्राइल को लेकर बदलती राय को किसी कथित प्रभाव अभियान का नतीजा बताना उन लोगों की समझ और निर्णय क्षमता का अपमान है, जो गाजा में हो रही घटनाओं को प्रत्यक्ष रूप से देख रहे हैं। कतर ने कहा कि अगर इस्राइली नेतृत्व चाहता है कि दुनिया इस्राइल को अलग नजरिए से देखे, तो उसे अपनी नीतियां बदलनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए और अपने कार्यों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।