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बेंजामिन नेतन्याहू का 24 घंटे का यूएन दौरा: ममदानी ने की थी गिरफ्तारी की मांग, फिर क्यों जा रहे न्यूयॉर्क?

Wed, 09 Sep 2026 07:39 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र।
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 09 Sep 2026 07:39 AM IST
सार
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 23 सितंबर की देर रात न्यूयॉर्क पहुंचेंगे और 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। उनका दौरा करीब 24 घंटे का होगा और यह यात्रा न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की गिरफ्तारी की मांग के बाद चर्चा में है। आईसीसी ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन न्यूयॉर्क शहर के पास उसे लागू करने का अधिकार नहीं है। इस्राइल को इस बार भी संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के खिलाफ विरोध की आशंका है।
 

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Benjamin Netanyahu un visit mamdani arrest demand gaza war
बेंजामिन नेतन्याहू, इस्राइल के प्रधानमंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क जाएंगे। इस्राइल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन ने मंगलवार को बताया कि नेतन्याहू 23 सितंबर की देर रात न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। 24 सितंबर की दोपहर वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद उसी रात इस्राइल लौट जाएंगे। डैनन ने कहा कि मौजूदा हालात में प्रधानमंत्री का वहां आना जरूरी है और उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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ममदानी ने नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग क्यों की?
न्यूयॉर्क शहर के 112वें मेयर ममदानी ने नेतन्याहू को ‘युद्ध अपराधी’ बताया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। बाद में उन्हें यह मांग वापस लेनी पड़ी, क्योंकि न्यूयॉर्क शहर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं है। ममदानी ने नवंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी आईसीसी की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया था।
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इस्राइल के राजदूत डैनन ने ममदानी के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्राइल को निशाना बनाकर राजनीति करना अब आसान तरीका बन गया है। डैनन ने कहा, 'हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री आएं।'
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आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट में नेतन्याहू पर क्या आरोप हैं?
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू और एक अन्य इस्राइली अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत ने कहा था कि नेतन्याहू पर मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों को लेकर कार्रवाई का आधार है। वारंट में कहा गया कि गाजा में हमास के खिलाफ अभियान के दौरान मानवीय सहायता रोककर ‘भूख को युद्ध के हथियार’ के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोप भी लगाए गए। इस्राइल इन आरोपों से इनकार करता है।

क्या न्यूयॉर्क पहुंचते ही नेतन्याहू गिरफ्तार हो सकते हैं?
न्यूयॉर्क शहर के पास आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट को लागू करने का कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि ममदानी ने अमेरिकी संघीय सरकार से नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है। अमेरिका और इस्राइल दोनों आईसीसी के सदस्य नहीं हैं। वहीं ट्रंप प्रशासन ने आईसीसी के कर्मचारियों पर कई प्रतिबंध लगाए हैं और इस न्यायालय को खत्म करने की कोशिश की है।

यह भी पढ़ें: इस्राइल: यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का एलान, 12 अधिकारियों पर भी रोक; क्यों लिया गया फैसला?

इस दौरे से जुड़ी सात अहम बातें क्या हैं?
  • दौरा करीब 24 घंटे का होगा: नेतन्याहू 23 सितंबर की देर रात न्यूयॉर्क पहुंचेंगे और 24 सितंबर की दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद उसी रात इस्राइल वापस लौट जाएंगे।
  • ममदानी ने गिरफ्तारी की मांग की थी: न्यूयॉर्क के मेयर ने नेतन्याहू को ‘युद्ध अपराधी’ बताया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। हालांकि शहर के पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
  • आईसीसी ने नवंबर 2024 में वारंट जारी किया: अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसमें गाजा युद्ध के दौरान मानवीय सहायता रोकने और नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप शामिल हैं।
  • इस्राइल ने आरोपों से इनकार किया: आईसीसी ने कहा था कि नेतन्याहू ने ‘भूख को युद्ध के हथियार’ के तौर पर इस्तेमाल किया। इस्राइल ने इन आरोपों को खारिज किया है।
  • अमेरिका और इस्राइल आईसीसी के सदस्य नहीं: ममदानी ने अमेरिकी संघीय सरकार से नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। ट्रंप प्रशासन ने आईसीसी के कर्मचारियों पर भी कई प्रतिबंध लगाए हैं।
  • पिछले साल हुआ था वॉकआउट: 2025 में नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र भाषण के दौरान बड़ी संख्या में लोग महासभा हॉल से बाहर चले गए थे। डैनन को इस बार भी इसी तरह के विरोध की आशंका है।
  • दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम: संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देशों के नेताओं की बैठक यहूदी त्योहारों और इस्राइल के चुनावी अभियान के दौरान हो रही है। नेतन्याहू इस बीच प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।

यूएन में नेतन्याहू के भाषण के दौरान क्या फिर होगा विरोध?
इस्राइल के राजदूत डैनन को इसकी आशंका है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन न्यूयॉर्क की सड़कों पर 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान और ज्यादा अव्यवस्था पैदा कर सकते हैं। पिछले साल नेतन्याहू के भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल से बड़ी संख्या में लोग बाहर चले गए थे। डैनन ने कहा कि इस बार भी ऐसा ही कोई ‘शो’ देखने को मिल सकता है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि नेतन्याहू अनुभवी हैं और विरोध के बावजूद अपना भाषण पूरा करेंगे।
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