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मादुरो ने यातना के आरोपों को बताया झूठा: पत्नी के साथ अमेरिकी अदालत में पेश; क्या दलील दी और क्या होगा आगे?
Fri, 16 Oct 2026 06:45 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 16 Oct 2026 06:45 AM IST
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर यातना देने और सरकारी दमन अभियान चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों ने अमेरिकी अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। आखिर नए आरोपपत्र में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं और अब आगे क्या होगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
विस्तार
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने गुरुवार को अपने और अपनी पत्नी के खिलाफ लगे यातना के नए आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने अदालत में कहा कि ये 'झूठे आरोप और झूठी गवाही' हैं।
मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अदालत में पेश किया गया। दोनों के पैरों में बेड़ियां थीं। उनके खिलाफ नए आरोपपत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों के साथ सरकारी दमन अभियान चलाने के आरोप भी जोड़े गए हैं। आरोप है कि इस अभियान के तहत कई लोगों को यातनाएं दी गईं। इनमें तीन अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।
मादुरो ने आरोपों पर क्या कहा?
जज ने मादुरो से दो बार आरोपों पर अपना जवाब दर्ज कराने को कहा। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अदालत में दुभाषिये (भाषा अनुवादक) के जरिए आरोपों की निंदा की। उन्होंने इन्हें 'झूठे आरोप और झूठी गवाही' बताया।
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इस पर जज एल्विन के. हेलरस्टीन नाराज हो गए। उन्होंने खुद दखल दिया। जज ने कहा कि मादुरो की ओर से 'दोषी नहीं' होने की दलील दर्ज की जाएगी।
मादुरो की पत्नी फ्लोरेस का रुख अलग रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने नए आरोपपत्र का स्पेनिश भाषा वाला रूप पढ़ लिया है। इसके बाद उन्होंने भाषा अनुवादक के जरिए जज से कहा, मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं।
अमेरिका ने मादुरो और उनकी पत्नी को कब पकड़ा था?
अमेरिकी सेना ने जनवरी में रात के समय काराकास स्थित उनके घर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान मादुरो और फ्लोरेस को पकड़ लिया गया था।
जज ने गुरुवार को मुकदमे की नई तारीख तय की। अब मुकदमा 14 जून, 2027 को शुरू होगा। यह पहले तय तारीख से दो सप्ताह बाद है।
अदालत में कैसे पेश हुए मादुरो और फ्लोरेस?
मादुरो और फ्लोरेस ने हेडफोन लगाकर अदालत की कार्यवाही सुनी। हेडफोन में अदालत के भाषा अनुवादक की आवाज आ रही थी। चश्मा पहने मादुरो कई बार अपने सामने रखे कागजों को देखते नजर आए। अदालत में पहुंचने पर मादुरो ने वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाया। उन्होंने अपने एक वकील बैरी पोलैक से हाथ भी मिलाया। वहीं, फ्लोरेस ने अपने एक वकील मार्क डोनेली के गाल पर हल्का चुंबन दिया।
अदालत में कैसे पेश हुए मादुरो और फ्लोरेस?
मादुरो और फ्लोरेस ने हेडफोन लगाकर अदालत की कार्यवाही सुनी। हेडफोन में अदालत के भाषा अनुवादक की आवाज आ रही थी। चश्मा पहने मादुरो कई बार अपने सामने रखे कागजों को देखते नजर आए। अदालत में पहुंचने पर मादुरो ने वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाया। उन्होंने अपने एक वकील बैरी पोलैक से हाथ भी मिलाया। वहीं, फ्लोरेस ने अपने एक वकील मार्क डोनेली के गाल पर हल्का चुंबन दिया।
पिछले हफ्ते आरोपों की घोषणा के समय पोलैक ने कहा था कि 63 वर्षीय मादुरो इन आरोपों से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा था कि मादुरो अदालत में अपना पक्ष रखने के दिन का इंतजार कर रहे हैं।
पोलैक ने मुकदमे को 14 जून तक टालने की सरकार की मांग पर सहमति जताई। उन्होंने जज हेलरस्टीन से कहा कि नए आरोपों को देखते हुए मुकदमे का नया कार्यक्रम 'काफी चुनौतीपूर्ण' है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम का पालन किया जा सकेगा।
मादुरो पर लोगों को यातना देने के क्या आरोप हैं?
नए आरोपपत्र के मुताबिक, मादुरो एक हिंसक यातना व्यवस्था की निगरानी करते थे। इसमें लोगों को पीटा जाता था। उनकी सांस रोककर उन्हें यातना दी जाती थी। उन्हें बिजली के झटके भी दिए जाते थे।
ये भी पढ़ें: अमेरिका: ओरेगन के प्राइमरी स्कूल में गोलीबारी, दो लोग अस्पताल में भर्ती; हमलावर की मौत; क्या सामने आई वजह?
मादुरो पर आरोप है कि उन्होंने खुद यातना देने के तरीकों का सुझाव दिया था। वह कुछ पीड़ितों के साथ किए जा रहे व्यवहार की जानकारी भी लेते थे। आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि उन्होंने मानसिक यातना देने के लिए एक कैदी के बच्चे को जान से मारने की धमकी दी थी।
70 वर्षीय फ्लोरेस पहले अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं। आरोपपत्र में कहा गया है कि उन्होंने इस दमनकारी व्यवस्था को बनाने में मदद की थी। उन पर कुछ खास लोगों को यातना देने का आदेश देने का भी आरोप है।
मादुरो के खिलाफ पहले से कौन-सी जांच चल रही है?
मादुरो 2013 से जनवरी में पकड़े जाने तक वेनेजुएला के राष्ट्रपति रहे। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) कई वर्षों से उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों की जांच कर रहा है। ये आरोप उनके विरोधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े हैं। मादुरो हमेशा से गलत काम करने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
क्या अमेरिका में विदेशी अधिकारियों पर भी चल सकता है मुकदमा?
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यातना देना अपराध है। इसके लिए उस देश के बाहर भी मुकदमा चलाया जा सकता है, जहां यातना दी गई हो। पीड़ित किस देश का नागरिक है, इससे भी फर्क नहीं पड़ता।
हालांकि, अमेरिका में विदेशी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे मुकदमे बहुत कम चलते हैं। पहले ऐसे कुछ ही मामले सामने आए हैं। इनमें लाइबेरिया के राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर के बेटे के खिलाफ मामला शामिल है। यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार रूसी नागरिकों पर भी मुकदमे चले हैं। इसके अलावा, बशर असद के शासन के दौरान सीरिया की एक जेल के पूर्व प्रमुख के खिलाफ भी मामला चलाया गया था।
मादुरो और उनकी पत्नी पर ड्रग्स तस्करी का क्या मामला है?
इस साल की शुरुआत में मादुरो और उनकी पत्नी ने अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में खुद को निर्दोष बताया था। उस मामले में आरोप लगाया गया था कि दोनों ने मिलकर अमेरिका में बड़ी मात्रा में कोकीन पहुंचाने की साजिश रची थी। उनके वकीलों का कहना है कि यह मामला खारिज कर दिया जाना चाहिए। उनकी दलील है कि मादुरो और फ्लोरेस को दूसरे देश के राष्ट्रपति और प्रथम महिला होने के कारण कानूनी छूट मिलनी चाहिए।
नए आरोप 2013 से क्यों जुड़े हैं?
नए आरोपपत्र में यातना से जुड़े वे आरोप भी शामिल हैं, जो 2013 से जुड़े हैं। उसी साल मादुरो ने अपने राजनीतिक गुरु ह्यूगो चावेज की जगह वेनेजुएला के राष्ट्रपति का पद संभाला था। चावेज की उसी साल कैंसर से मौत हो गई थी। मादुरो और फ्लोरेस को अब मुकदमे से पहले होने वाली अगली सुनवाई के लिए 17 दिसंबर को अदालत में पेश होना है।
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मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अदालत में पेश किया गया। दोनों के पैरों में बेड़ियां थीं। उनके खिलाफ नए आरोपपत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों के साथ सरकारी दमन अभियान चलाने के आरोप भी जोड़े गए हैं। आरोप है कि इस अभियान के तहत कई लोगों को यातनाएं दी गईं। इनमें तीन अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।
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मादुरो ने आरोपों पर क्या कहा?
जज ने मादुरो से दो बार आरोपों पर अपना जवाब दर्ज कराने को कहा। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अदालत में दुभाषिये (भाषा अनुवादक) के जरिए आरोपों की निंदा की। उन्होंने इन्हें 'झूठे आरोप और झूठी गवाही' बताया।
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इस पर जज एल्विन के. हेलरस्टीन नाराज हो गए। उन्होंने खुद दखल दिया। जज ने कहा कि मादुरो की ओर से 'दोषी नहीं' होने की दलील दर्ज की जाएगी।
मादुरो की पत्नी फ्लोरेस का रुख अलग रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने नए आरोपपत्र का स्पेनिश भाषा वाला रूप पढ़ लिया है। इसके बाद उन्होंने भाषा अनुवादक के जरिए जज से कहा, मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं।
अमेरिका ने मादुरो और उनकी पत्नी को कब पकड़ा था?
अमेरिकी सेना ने जनवरी में रात के समय काराकास स्थित उनके घर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान मादुरो और फ्लोरेस को पकड़ लिया गया था।
जज ने गुरुवार को मुकदमे की नई तारीख तय की। अब मुकदमा 14 जून, 2027 को शुरू होगा। यह पहले तय तारीख से दो सप्ताह बाद है।
अदालत में कैसे पेश हुए मादुरो और फ्लोरेस?
मादुरो और फ्लोरेस ने हेडफोन लगाकर अदालत की कार्यवाही सुनी। हेडफोन में अदालत के भाषा अनुवादक की आवाज आ रही थी। चश्मा पहने मादुरो कई बार अपने सामने रखे कागजों को देखते नजर आए। अदालत में पहुंचने पर मादुरो ने वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाया। उन्होंने अपने एक वकील बैरी पोलैक से हाथ भी मिलाया। वहीं, फ्लोरेस ने अपने एक वकील मार्क डोनेली के गाल पर हल्का चुंबन दिया।
अदालत में कैसे पेश हुए मादुरो और फ्लोरेस?
मादुरो और फ्लोरेस ने हेडफोन लगाकर अदालत की कार्यवाही सुनी। हेडफोन में अदालत के भाषा अनुवादक की आवाज आ रही थी। चश्मा पहने मादुरो कई बार अपने सामने रखे कागजों को देखते नजर आए। अदालत में पहुंचने पर मादुरो ने वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाया। उन्होंने अपने एक वकील बैरी पोलैक से हाथ भी मिलाया। वहीं, फ्लोरेस ने अपने एक वकील मार्क डोनेली के गाल पर हल्का चुंबन दिया।
पिछले हफ्ते आरोपों की घोषणा के समय पोलैक ने कहा था कि 63 वर्षीय मादुरो इन आरोपों से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा था कि मादुरो अदालत में अपना पक्ष रखने के दिन का इंतजार कर रहे हैं।
पोलैक ने मुकदमे को 14 जून तक टालने की सरकार की मांग पर सहमति जताई। उन्होंने जज हेलरस्टीन से कहा कि नए आरोपों को देखते हुए मुकदमे का नया कार्यक्रम 'काफी चुनौतीपूर्ण' है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम का पालन किया जा सकेगा।
मादुरो पर लोगों को यातना देने के क्या आरोप हैं?
नए आरोपपत्र के मुताबिक, मादुरो एक हिंसक यातना व्यवस्था की निगरानी करते थे। इसमें लोगों को पीटा जाता था। उनकी सांस रोककर उन्हें यातना दी जाती थी। उन्हें बिजली के झटके भी दिए जाते थे।
ये भी पढ़ें: अमेरिका: ओरेगन के प्राइमरी स्कूल में गोलीबारी, दो लोग अस्पताल में भर्ती; हमलावर की मौत; क्या सामने आई वजह?
मादुरो पर आरोप है कि उन्होंने खुद यातना देने के तरीकों का सुझाव दिया था। वह कुछ पीड़ितों के साथ किए जा रहे व्यवहार की जानकारी भी लेते थे। आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि उन्होंने मानसिक यातना देने के लिए एक कैदी के बच्चे को जान से मारने की धमकी दी थी।
70 वर्षीय फ्लोरेस पहले अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं। आरोपपत्र में कहा गया है कि उन्होंने इस दमनकारी व्यवस्था को बनाने में मदद की थी। उन पर कुछ खास लोगों को यातना देने का आदेश देने का भी आरोप है।
मादुरो के खिलाफ पहले से कौन-सी जांच चल रही है?
मादुरो 2013 से जनवरी में पकड़े जाने तक वेनेजुएला के राष्ट्रपति रहे। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) कई वर्षों से उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों की जांच कर रहा है। ये आरोप उनके विरोधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े हैं। मादुरो हमेशा से गलत काम करने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
क्या अमेरिका में विदेशी अधिकारियों पर भी चल सकता है मुकदमा?
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यातना देना अपराध है। इसके लिए उस देश के बाहर भी मुकदमा चलाया जा सकता है, जहां यातना दी गई हो। पीड़ित किस देश का नागरिक है, इससे भी फर्क नहीं पड़ता।
हालांकि, अमेरिका में विदेशी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे मुकदमे बहुत कम चलते हैं। पहले ऐसे कुछ ही मामले सामने आए हैं। इनमें लाइबेरिया के राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर के बेटे के खिलाफ मामला शामिल है। यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार रूसी नागरिकों पर भी मुकदमे चले हैं। इसके अलावा, बशर असद के शासन के दौरान सीरिया की एक जेल के पूर्व प्रमुख के खिलाफ भी मामला चलाया गया था।
मादुरो और उनकी पत्नी पर ड्रग्स तस्करी का क्या मामला है?
इस साल की शुरुआत में मादुरो और उनकी पत्नी ने अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में खुद को निर्दोष बताया था। उस मामले में आरोप लगाया गया था कि दोनों ने मिलकर अमेरिका में बड़ी मात्रा में कोकीन पहुंचाने की साजिश रची थी। उनके वकीलों का कहना है कि यह मामला खारिज कर दिया जाना चाहिए। उनकी दलील है कि मादुरो और फ्लोरेस को दूसरे देश के राष्ट्रपति और प्रथम महिला होने के कारण कानूनी छूट मिलनी चाहिए।
नए आरोप 2013 से क्यों जुड़े हैं?
नए आरोपपत्र में यातना से जुड़े वे आरोप भी शामिल हैं, जो 2013 से जुड़े हैं। उसी साल मादुरो ने अपने राजनीतिक गुरु ह्यूगो चावेज की जगह वेनेजुएला के राष्ट्रपति का पद संभाला था। चावेज की उसी साल कैंसर से मौत हो गई थी। मादुरो और फ्लोरेस को अब मुकदमे से पहले होने वाली अगली सुनवाई के लिए 17 दिसंबर को अदालत में पेश होना है।