फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   explainer christa pike execution failed after 30 years two lethal injections survived

एक्सप्लेनर: 30 साल बाद मिला मृत्युदंड असफल; दो जहरीले इंजेक्शन के बाद भी कैसे बची क्रिस्टा पाइक?

Sat, 03 Oct 2026 06:33 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 03 Oct 2026 06:33 AM IST
सार
Register For Event

क्रिस्टा पाइक को दो बार जानलेवा दवा देने के बावजूद मृत्युदंड की प्रक्रिया नाकाम हो गई। नसों में दवा पहुंचने और जेल के प्रोटोकॉल पर सवाल उठे हैं। अब उनकी सजा और टेनेसी में मृत्युदंड की प्रक्रिया को लेकर आगे क्या होगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

विज्ञापन
explainer christa pike execution failed after 30 years two lethal injections survived
क्रिस्टा पाइक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

1995 में सहपाठी की नृशंस हत्या की दोषी 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक 200 वर्षों में यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के राज्य टेनेसी में मृत्युदंड पाने वाली पहली महिला बनने वाली थीं। पेंटोबार्बिटल की दोहरी जानलेवा खुराक दिए जाने के बावजूद वह जीवित बच गईं। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम को पांच सवालों में समझें। 
विज्ञापन


एग्जीक्यूशन चैंबर में क्या हुआ?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से रोक हटने के बाद पाइक को स्ट्रेचर पर बांधकर पेंटोबार्बिटल की पहली खुराक दी गई। असर न होने पर प्रोटोकॉल के तहत बैकअप के तौर पर दूसरी घातक खुराक दी गई। इसके बावजूद करीब 40 मिनट तक पाइक जीवित रहीं, कराहती रहीं और जोर-जोर से खर्राटे लेती रहीं। प्रक्रिया पूरी तरह विफल रहने पर रात 8:25 बजे इसे रोक दिया गया और उन्हें अस्पताल भेजा गया।
विज्ञापन


बच जाने के तीन कारण
नसों की विफलता :
आईवी लाइन लगाने में एक घंटा लगा और पाइक की बांह में 7 बार सुई चुभोई गई, जिससे एक सुई मुड़ भी गई। नसें फटने से दवा सीधे रक्तप्रवाह  में पूरी तरह नहीं पहुंच सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या जेल प्रशासन के नियमों में कोई बड़ी खामी थी?
हां। टेनेसी के 44 पन्नों के प्रोटोकॉल में केवल पहली खुराक और कैदी के जीवित रहने पर एक बैकअप खुराक देने का ही नियम है। लेकिन यदि दूसरी खुराक के बाद भी कैदी न मरे, तो क्या कदम उठाया जाए, इस पर पूरा नियम मौन है। इसी कानूनी असमंजस के कारण अधिकारियों को प्रक्रिया रोकनी पड़ी।

गैर-चिकित्सकीय कर्मी  लीथल इंजेक्शन में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय गैर-चिकित्सकीय स्टाफ दवा देता है, जिससे प्रक्रिया बिगड़ने की दर अन्य तरीकों से दोगुनी होती है।
गुणवत्ता : पेंटोबार्बिटल के खराब होने की आशंका है।

ये भी पढ़ें: चिंताजनक: खेती-किसानी से बच्चों की परवरिश तक, आंख मूंदकर एआई पर भरोसा कर रहे लोग; चीन में क्यों बढ़ी चिंता?


प्रशासन व कानून निर्माताओं ने क्या कदम उठाए हैं?
गवर्नर बिल ली ने इसे बेहद परेशान करने वाला बताते हुए स्वतंत्र थर्ड-पार्टी जांच के आदेश दिए हैं और इस वर्ष के सभी मृत्युदंड निलंबित कर दिए हैं। वहीं, टेनेसी हाउस स्पीकर कैमरन सेक्स्टन ने अन्य विकल्पों और दवाओं में पोटैशियम क्लोराइड' शामिल करने की समीक्षा की बात कही है।

अब आगे क्रिस्टा पाइक के साथ क्या होगा? : पाइक फिलहाल अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर गंभीर हालत में हैं। उनके वकीलों ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है। 80 साल पहले बिजली की कुर्सी से बचने वाले विली फ्रांसिस को बाद में दोबारा मृत्युदंड दिया गया था, लेकिन जहरीली दवा के बाद बचने का यह पहला मामला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed