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भारत-कनाडा संबंध: सीतारमण टोरंटो पहुंचीं, पहले आर्थिक-वित्तीय संवाद में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
Wed, 26 Aug 2026 01:14 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:14 AM IST
भारत-कनाडा के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण टोरंटो पहुंचीं। वह पहली आर्थिक और वित्तीय बातचीत में शामिल होंगी, जिसमें निवेश से लेकर वित्तीय सहयोग तक पर होगी चर्चा। सीतारमण कारोबारियों से मुलाकात के बाद अमेरिका में जी-20 बैठक में शामिल होंगी। सीतारमण के दौरे के दौरान क्या-क्या होगा? पढ़िए रिपोर्ट
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को टोरंटो पहुंचीं। वह चार दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान वह पहली भारत-कनाडा आर्थिक और वित्तीय संवाद में हिस्सा लेंगी। इसके बाद वह अमेरिका जाएंगी। वहां जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी।
टोरंटो पियर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत के महावाणिज्य दूत महावीर सिंघवी ने उनका स्वागत किया। सीतारमण कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन के साथ पहली आर्थिक और वित्तीय संवाद में हिस्सा लेंगी।
किन मुद्दों पर होगी बात?
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संवाद में दोनों देश कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। इनमें बड़ी आर्थिक स्थिति से जुड़े बदलाव शामिल हैं। वित्तीय क्षेत्र में सहयोग भी इसमें शामिल है। दोनों देशों के बीच निवेश के अवसरों पर भी चर्चा में होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा प्राथमिकताओं पर भी बात होगी।
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इस संवाद का एक और मकसद भारत और कनाडा के बीच नए सिरे से मजबूत हो रही आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करना है। सीतारमण बड़े कारोबारों के प्रमुखों के साथ निवेश को लेकर एक बैठक में भी हिस्सा लेंगी। इसमें ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
ये भी पढ़ें: मॉस्को में क्यों उतरा अमेरिकी सेना का विमान?: सीआईए चीफ के गुप्त दौरे का दावा, लग रही ये बड़ी अटकलें
निवेश के कौन से मौके तलाशे जाएंगे
बैठक में कारोबार से कारोबार के बीच संबंध बढ़ाने की कोशिश होगी। निवेश के नए मौके तलाशे जाएंगे। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय की कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी बात होगी। इसमें गिफ्ट सिटी-आईएफएससी में निवेश के मौके भी शामिल हैं।
एक दूसरी व्यापारिक बैठक में सीतारमण कनाडा के बड़े कारोबारियों से बात करेंगी। इसमें भारत और कनाडा के बीच सहयोग के मौकों पर चर्चा होगी। लंबे समय के निवेश पर भी बात होगी। वित्तीय क्षेत्र की बढ़त पर भी चर्चा होगी।
बैंकिंग क्षेत्र में क्या चर्चा होगी?
भारतीय सरकारी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी इन चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। इससे वित्तीय क्षेत्र में दोनों देशों के बीच ज्यादा सहयोग के रास्ते तलाशने का मौका मिलेगा। निवेश से जुड़े संबंध बढ़ाने के रास्ते भी खोजे जाएंगे।
भारत-कनाडा संबंधों पर क्या होगी चर्चा?
टोरंटो का कनाडियन क्लब और कनाडा-भारत व्यापार परिषद मिलकर सीतारमण और शैंपेन के बीच एक खास संवाद आयोजित करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के साझा आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
इसमें भारत और कनाडा के बीच नए सिरे से मजबूत हो रहे संबंधों पर भी बात होगी। निवेश के माहौल पर चर्चा होगी। घरेलू आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी बात होगी। भारत-कनाडा के आर्थिक और वित्तीय संबंध अभी किस दिशा में बढ़ रहे हैं और आगे किस दिशा में जाएंगे, इस पर भी चर्चा होगी।
कनाडाई कंपनियों के साथ क्या बातचीत होगी?
सीतारमण कनाडा में स्थित कंपनियों के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निवेश के मौकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की आर्थिक बढ़त की संभावनाओं पर भी बात होगी। भारत में कनाडाई कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
अमेरिका में क्या करेंगी सीतारमण?
दौरे के अमेरिका वाले हिस्से में सीतारमण 28 अगस्त से 2 सितंबर तक शिकागो, एशविल और न्यूयॉर्क जाएंगी। वह उत्तरी कैरोलिना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही वह कई देशों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगी। कारोबार से जुड़ी कई बैठकों में भी शामिल होंगी।
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टोरंटो पियर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत के महावाणिज्य दूत महावीर सिंघवी ने उनका स्वागत किया। सीतारमण कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन के साथ पहली आर्थिक और वित्तीय संवाद में हिस्सा लेंगी।
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किन मुद्दों पर होगी बात?
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संवाद में दोनों देश कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। इनमें बड़ी आर्थिक स्थिति से जुड़े बदलाव शामिल हैं। वित्तीय क्षेत्र में सहयोग भी इसमें शामिल है। दोनों देशों के बीच निवेश के अवसरों पर भी चर्चा में होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा प्राथमिकताओं पर भी बात होगी।
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इस संवाद का एक और मकसद भारत और कनाडा के बीच नए सिरे से मजबूत हो रही आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करना है। सीतारमण बड़े कारोबारों के प्रमुखों के साथ निवेश को लेकर एक बैठक में भी हिस्सा लेंगी। इसमें ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
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निवेश के कौन से मौके तलाशे जाएंगे
बैठक में कारोबार से कारोबार के बीच संबंध बढ़ाने की कोशिश होगी। निवेश के नए मौके तलाशे जाएंगे। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय की कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी बात होगी। इसमें गिफ्ट सिटी-आईएफएससी में निवेश के मौके भी शामिल हैं।
एक दूसरी व्यापारिक बैठक में सीतारमण कनाडा के बड़े कारोबारियों से बात करेंगी। इसमें भारत और कनाडा के बीच सहयोग के मौकों पर चर्चा होगी। लंबे समय के निवेश पर भी बात होगी। वित्तीय क्षेत्र की बढ़त पर भी चर्चा होगी।
बैंकिंग क्षेत्र में क्या चर्चा होगी?
भारतीय सरकारी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी इन चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। इससे वित्तीय क्षेत्र में दोनों देशों के बीच ज्यादा सहयोग के रास्ते तलाशने का मौका मिलेगा। निवेश से जुड़े संबंध बढ़ाने के रास्ते भी खोजे जाएंगे।
भारत-कनाडा संबंधों पर क्या होगी चर्चा?
टोरंटो का कनाडियन क्लब और कनाडा-भारत व्यापार परिषद मिलकर सीतारमण और शैंपेन के बीच एक खास संवाद आयोजित करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के साझा आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
इसमें भारत और कनाडा के बीच नए सिरे से मजबूत हो रहे संबंधों पर भी बात होगी। निवेश के माहौल पर चर्चा होगी। घरेलू आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी बात होगी। भारत-कनाडा के आर्थिक और वित्तीय संबंध अभी किस दिशा में बढ़ रहे हैं और आगे किस दिशा में जाएंगे, इस पर भी चर्चा होगी।
कनाडाई कंपनियों के साथ क्या बातचीत होगी?
सीतारमण कनाडा में स्थित कंपनियों के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निवेश के मौकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की आर्थिक बढ़त की संभावनाओं पर भी बात होगी। भारत में कनाडाई कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
अमेरिका में क्या करेंगी सीतारमण?
दौरे के अमेरिका वाले हिस्से में सीतारमण 28 अगस्त से 2 सितंबर तक शिकागो, एशविल और न्यूयॉर्क जाएंगी। वह उत्तरी कैरोलिना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही वह कई देशों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगी। कारोबार से जुड़ी कई बैठकों में भी शामिल होंगी।