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मेलिंडा का नया जीवन मंत्र: अपने लिए समय निकालना स्वार्थ नहीं, सबसे अमीर शख्स की पत्नी शादी टूटने से कैसे उबरीं
Mon, 24 Aug 2026 10:34 AM IST
ज्योति भास्कर
एजेंसी, सिएटल।
एजेंसी, सिएटल।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:34 AM IST
- दुनिया के सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स की पत्नी थीं मेलिंडा।
- नई किताब में तलाक को जीवन का सबसे मुश्किल दौर बताया।
- जब एक साथ कई जिम्मेदारियां संभाल रहे हों, तो हर काम में संपूर्णता की जिद छोड़ें सबकुछ सही नहीं हो सकता।
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मेलिंडा
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट-एजेंसी
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विस्तार
कभी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के संस्थापक और लंबे समय तक दुनिया के सबसे अमीर शख्स रहे बिल गेट्स की पत्नी मेलिंडा एन फ्रेंच गेट्स (60) ने शादी के 27 साल बाद हुए तलाक को जीवन का सबसे मुश्किल दौर बताया है। तलाक के बाद उनके जीवन में बड़ा शून्य और तनाव आ गया था। हालांकि अब वह इससे उबर चुकी हैं और अपनी नई पुस्तक द नेक्स्ट डे: ट्रांजिशंस, चेंज, एंड मूविंग फॉरवर्ड में उन्होंने इस दौर से बाहर निकलने का अपना निजी अनुभव और तरीका साझा किया।
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उन्होंने लोगों को नया जीवन मंत्र दिया है, तनाव से राहत पाने के लिए अपने स्मार्टफोन को दूर रखें और रोज कम से कम 10 मिनट पूरी तरह शांत वातावरण में केवल खुद के साथ बिताएं। इस दौरान चाहे ध्यान लगाएं, हल्की जॉगिंग करें या फिर आंखें बंद करके सिर्फ गहरी सांसें लें, इनसे आपके शरीर और मन में नई ऊर्जा भर सकती है। यह 10 मिनट आपके लिए संजीवनी का काम कर सकता है।
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अपने लिए समय निकालना स्वार्थ नहीं
मेलिंडा मानती हैं कि शुरुआत में वे स्वयं के लिए समय निकालने को बेकार का विचार मानती थीं। उनका सारा समय तीनों बच्चों की देखभाल में बीत जाता था। बच्चों को स्कूल भेजने के बाद या उनके सोने के समय उन्हें यह अहसास हुआ कि यदि वह खुद को आराम नहीं देंगी तो मानसिक रूप से थक जाएंगी।
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- यह दरअसल उनके लिए आत्मसाक्षात्कार का समय था। इस समय उन्होंने समझा कि खुद के लिए समय निकालना स्वार्थ नहीं है। वह खुद अंदर से शांत होंगी, तभी परिवार और समाज को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे पाएंगी।
- तुरंत व्यस्तता की ओर न भागें। जब जीवन में अचानक बड़ा परिवर्तन या दुख आए, तो खुद को किसी काम में झोंकने के बदले थोड़ा ठहरें। बीते लम्हों को महसूस करें और नई उत्पन्न स्थिति से सीखने का समय दें।
- हर काम में संपूर्णता की जिद छोड़ दें। जब आप परोपकार, मातृत्व, लेखन और बिजनेस एक साथ कई जिम्मेदारियां संभाल रहे हों, तो सब कुछ बिलकुल सही नहीं हो सकता। इसलिए इसका दबाव हटा दें और हर छोटी बात को नियंत्रित करने की आदत से बचें।
- अचानक आए बदलाव आपकी पहले से बनी योजनाओं और पहचान को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इस खालीपन में खुद के साथ बिताए गए कुछ शांत पल ही जीवन का वास्तविक सार हैं।
- असहजता को स्वीकारें। मानसिक विकास अक्सर असहज स्थितियों में ही होता है। इससे घबराने की जगह इसे अपनाएं।