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आईएईए के प्रस्ताव पर भड़का उत्तर कोरिया: किम जोंग उन की बहन बोलीं- परमाणु ताकत नहीं घटेगी; टकराव बढ़ेगा?
Sat, 19 Sep 2026 12:10 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, सिओल।
आईएएनएस, सिओल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 19 Sep 2026 12:10 PM IST
उत्तर कोरिया ने परमाणु कार्यक्रम पर आईएईए के नए प्रस्ताव को सीधे खारिज कर दिया है। किम यो-जोंग ने अमेरिकी परमाणु खतरे का हवाला देते हुए अपनी परमाणु ताकत की विश्वसनीयता बनाए रखने की बात कही। क्या इससे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव और बढ़ने वाला है? पढ़िए रिपोर्ट।
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किम यो जोंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के हालिया प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह प्रस्ताव उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ था। किम यो-जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु क्षमता की विश्वसनीयता बनाए रखेगा। उन्होंने अमेरिका और दूसरे देशों से मिल रहे परमाणु खतरों के बीच यह बात कही।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने गुरुवार को वियना में अपने 70वें आम सम्मेलन में यह प्रस्ताव मंजूर किया था। इस प्रस्ताव में फिर कहा गया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार रखने वाले देश का दर्जा नहीं मिल सकता। प्रस्ताव में प्योंगयांग से परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सभी गतिविधियां तुरंत बंद करने को भी कहा गया था।
किम यो-जोंग ने क्या कहा?
किम यो-जोंग ने कहा, आईएईए ने जबरन उत्तर कोरिया के खिलाफ एक 'प्रस्ताव' मंजूर किया है। इसमें हमारे देश की आत्मरक्षा और वैध परमाणु गतिविधियों पर सवाल उठाया गया है। वहीं, इस गंभीर वास्तविकता को नजरअंदाज किया गया है कि हमारा सुरक्षा वातावरण लगातार बाहरी परमाणु खतरों के संपर्क में है।
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दो दिन पहले किम यो-जोंग ने कहा था कि परमाणु हथियार रखने वाले देश के रूप में उत्तर कोरिया का दर्जा 'पूर्ण' है। उन्होंने कहा था कि इसे बदला नहीं जा सकता। किम यो-जोंग ने आईएईए की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि आईएईए ने यूरोप में अमेरिका की ओर से परमाणु हथियारों की तैनाती और उन्हें साझा करने को लेकर कोई चिंता नहीं जताई।
ये भी पढ़ें: एच-1बी वीजा: ट्रंप प्रशासन ने 1 लाख डॉलर शुल्क एक साल बढ़ाया, जांच भी सख्त; भारतीयों पर क्या होगा असर?
उन्होंने अमेरिका की दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों समेत अपनी सैन्य ताकत के इस्तेमाल की बात करता है। किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बी की तकनीक देने की अमेरिका की योजना का भी जिक्र किया। समाचार एजेंसी योनहाप ने यह जानकारी उत्तर कोरिया की कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से दी।
आईएईए पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
किम ने कहा, यह एक और ऐसा उदाहरण है, जो एजेंसी के बेहद दोहरे मापदंड और पक्षपात को साफ तौर पर सामने लाता है। किम ने आईएईए पर अमेरिका के हितों के लिए काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आईएईए के पास उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों में दखल देने का अधिकार नहीं है।
किम ने अमेरिका के परमाणु हथियारों के तेजी से बढ़ते भंडार, खुले तौर पर परमाणु प्रसार और आईएईए के दोहरे मापदंड का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति उत्तर कोरिया को और ज्यादा जिम्मेदार विकल्प चुनने के लिए मजबूर करती है।
किम जोंग-उन ने तोपखाने को सबसे घातक बनाने का दिया आदेश
उधर, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अपने देश की तोपखाने की ताकत को 'सबसे केंद्रित और सबसे ज्यादा विनाशकारी' बनाने की बात कही है। उन्होंने इस ताकत को और मजबूत करने का आह्वान किया। सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। किम ने इस सप्ताह की शुरुआत में हथियार बनाने वाली कई बड़ी फैक्टरियों का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने यह बात कही।
किम ने बुधवार से शुक्रवार के बीच हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इनमें सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन भी शामिल थे।
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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने गुरुवार को वियना में अपने 70वें आम सम्मेलन में यह प्रस्ताव मंजूर किया था। इस प्रस्ताव में फिर कहा गया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार रखने वाले देश का दर्जा नहीं मिल सकता। प्रस्ताव में प्योंगयांग से परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सभी गतिविधियां तुरंत बंद करने को भी कहा गया था।
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किम यो-जोंग ने क्या कहा?
किम यो-जोंग ने कहा, आईएईए ने जबरन उत्तर कोरिया के खिलाफ एक 'प्रस्ताव' मंजूर किया है। इसमें हमारे देश की आत्मरक्षा और वैध परमाणु गतिविधियों पर सवाल उठाया गया है। वहीं, इस गंभीर वास्तविकता को नजरअंदाज किया गया है कि हमारा सुरक्षा वातावरण लगातार बाहरी परमाणु खतरों के संपर्क में है।
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दो दिन पहले किम यो-जोंग ने कहा था कि परमाणु हथियार रखने वाले देश के रूप में उत्तर कोरिया का दर्जा 'पूर्ण' है। उन्होंने कहा था कि इसे बदला नहीं जा सकता। किम यो-जोंग ने आईएईए की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि आईएईए ने यूरोप में अमेरिका की ओर से परमाणु हथियारों की तैनाती और उन्हें साझा करने को लेकर कोई चिंता नहीं जताई।
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उन्होंने अमेरिका की दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों समेत अपनी सैन्य ताकत के इस्तेमाल की बात करता है। किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बी की तकनीक देने की अमेरिका की योजना का भी जिक्र किया। समाचार एजेंसी योनहाप ने यह जानकारी उत्तर कोरिया की कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से दी।
आईएईए पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
किम ने कहा, यह एक और ऐसा उदाहरण है, जो एजेंसी के बेहद दोहरे मापदंड और पक्षपात को साफ तौर पर सामने लाता है। किम ने आईएईए पर अमेरिका के हितों के लिए काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आईएईए के पास उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों में दखल देने का अधिकार नहीं है।
किम ने अमेरिका के परमाणु हथियारों के तेजी से बढ़ते भंडार, खुले तौर पर परमाणु प्रसार और आईएईए के दोहरे मापदंड का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति उत्तर कोरिया को और ज्यादा जिम्मेदार विकल्प चुनने के लिए मजबूर करती है।
किम जोंग-उन ने तोपखाने को सबसे घातक बनाने का दिया आदेश
उधर, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अपने देश की तोपखाने की ताकत को 'सबसे केंद्रित और सबसे ज्यादा विनाशकारी' बनाने की बात कही है। उन्होंने इस ताकत को और मजबूत करने का आह्वान किया। सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। किम ने इस सप्ताह की शुरुआत में हथियार बनाने वाली कई बड़ी फैक्टरियों का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने यह बात कही।
किम ने बुधवार से शुक्रवार के बीच हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इनमें सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन भी शामिल थे।