{"_id":"6aca52efda845dc0ff01979e","slug":"saudi-arabia-riyadh-airport-attacked-again-flights-suspended-houthis-rebels-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"प. एशिया संघर्ष: सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, रोकी गई उड़ानें; पहले भी हूती लड़ाके कर चुके हैं हमले","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
प. एशिया संघर्ष: सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, रोकी गई उड़ानें; पहले भी हूती लड़ाके कर चुके हैं हमले
Sat, 10 Oct 2026 08:30 PM IST
देवेश त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 10 Oct 2026 08:30 PM IST
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को फिर हमला हुआ। दो क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, परिसर खाली कराया गया और हवाई यातायात रोक दिया गया। इससे दो दिन पहले हुए हमले में एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई थी। यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज है।
विज्ञापन
सऊदी अरब पर हमले तेज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित हवाई अड्डे पर शनिवार को फिर हमला हुआ। इसके बाद हवाई अड्डे को खाली करा लिया गया। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक पायलट समेत सऊदी अरब के तीन नागरिकों की मौत हो गई थी। ईरान युद्ध के नए मोर्चे पर सऊदी अरब को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
एक अधिकारी के अनुसार, रियाद हवाई अड्डे पर हवाई यातायात रोक दिया गया। दोनों अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी।
इस सप्ताह कई बार निशाना बना हवाई अड्डा
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पिछले एक सप्ताह के दौरान कई बार निशाना बनाया गया है। इस दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इनमें बुधवार को हुआ वह हमला भी शामिल था, जिसमें सूडान के एक नागरिक की मौत हुई थी।
विज्ञापन
शनिवार को हुए ताजा हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया। सऊदी सरकार के अधीन काम करने वाले सेंटर फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन ने भी टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। यह केंद्र सऊदी अरब में विदेशी मीडिया से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
राजधानी में दूर तक सुने गए धमाके
रियाद के निवासी अहमद सैयद ने बताया कि उन्होंने राजधानी में कम से कम दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। धमाकों से शहर में कंपन महसूस हुआ। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों के लिए संक्षिप्त अलर्ट जारी किया। इसमें कहा गया कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले यात्री संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी ले लें।
यमन में तेज हुई लड़ाई
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी बलों को हवाई सहायता दे रहा है, ताकि लाल सागर के तटवर्ती इलाकों में हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त को पलटा जा सके। विद्रोहियों की नई स्थिति से उन्हें समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बेहतर निगरानी रखने का मौका मिला है। यह समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता है।
हूती विद्रोहियों ने एपी और अन्य मीडिया संस्थानों से कहा है कि वे उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में नाकेबंदी के तहत केवल सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, व्यापक हमलों की आशंका बनी हुई है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद भी हूती विद्रोहियों ने अन्य समुद्री जहाजों पर हमले किए थे। उस समय उन्होंने इसे फलस्तीनियों के समर्थन में की गई कार्रवाई बताया था। बाद में अमेरिका के बमबारी अभियान के साथ वे हमले समाप्त हो गए थे।
ट्रंप ने हमलों पर जताई नाराजगी
सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमलों के बीच देश ने अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस से निकलते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रियाद हवाई अड्डे पर हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, "यह अच्छा नहीं है" और "मैं खुश नहीं हूं।" हालांकि, इन हमलों का जवाब देने के लिए अमेरिका की ओर से तत्काल सैन्य सहायता मिलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
इस बीच, सऊदी अधिकारियों ने इस सप्ताह आम लोगों को चेतावनी दी कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई या उनके गिरने वाले स्थानों से जुड़ी जानकारी की वीडियो बनाना, उसे प्रकाशित करना या साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
एक अधिकारी के अनुसार, रियाद हवाई अड्डे पर हवाई यातायात रोक दिया गया। दोनों अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी।
विज्ञापन
इस सप्ताह कई बार निशाना बना हवाई अड्डा
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पिछले एक सप्ताह के दौरान कई बार निशाना बनाया गया है। इस दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इनमें बुधवार को हुआ वह हमला भी शामिल था, जिसमें सूडान के एक नागरिक की मौत हुई थी।
विज्ञापन
शनिवार को हुए ताजा हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया। सऊदी सरकार के अधीन काम करने वाले सेंटर फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन ने भी टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। यह केंद्र सऊदी अरब में विदेशी मीडिया से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
राजधानी में दूर तक सुने गए धमाके
रियाद के निवासी अहमद सैयद ने बताया कि उन्होंने राजधानी में कम से कम दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। धमाकों से शहर में कंपन महसूस हुआ। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों के लिए संक्षिप्त अलर्ट जारी किया। इसमें कहा गया कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले यात्री संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी ले लें।
यमन में तेज हुई लड़ाई
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी बलों को हवाई सहायता दे रहा है, ताकि लाल सागर के तटवर्ती इलाकों में हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त को पलटा जा सके। विद्रोहियों की नई स्थिति से उन्हें समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बेहतर निगरानी रखने का मौका मिला है। यह समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता है।
हूती विद्रोहियों ने एपी और अन्य मीडिया संस्थानों से कहा है कि वे उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में नाकेबंदी के तहत केवल सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, व्यापक हमलों की आशंका बनी हुई है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद भी हूती विद्रोहियों ने अन्य समुद्री जहाजों पर हमले किए थे। उस समय उन्होंने इसे फलस्तीनियों के समर्थन में की गई कार्रवाई बताया था। बाद में अमेरिका के बमबारी अभियान के साथ वे हमले समाप्त हो गए थे।
ट्रंप ने हमलों पर जताई नाराजगी
सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमलों के बीच देश ने अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस से निकलते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रियाद हवाई अड्डे पर हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, "यह अच्छा नहीं है" और "मैं खुश नहीं हूं।" हालांकि, इन हमलों का जवाब देने के लिए अमेरिका की ओर से तत्काल सैन्य सहायता मिलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
इस बीच, सऊदी अधिकारियों ने इस सप्ताह आम लोगों को चेतावनी दी कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई या उनके गिरने वाले स्थानों से जुड़ी जानकारी की वीडियो बनाना, उसे प्रकाशित करना या साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।