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ईरान को ट्रंप की धमकी: अब तक बहुत नरमी बरती; क्या अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले कुछ बड़ा कर सकता है तेहरान?

Sun, 11 Oct 2026 07:41 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, टेनेसी
एएनआई, टेनेसी Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 11 Oct 2026 07:41 AM IST
सार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशंका जताई है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो हालात को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। उन्होंने ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रहने का दावा करते हुए चुनाव से पहले हमले से इनकार किया।

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Trump Warns Iran May Escalate Tensions Before US Midterm Elections, Says Conflict Could End Quickly
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि ईरान अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो स्थिति को बहुत जल्दी समाप्त कर सकता है।
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टेनेसी के क्लार्क्सविले में मध्यावधि चुनाव के लिए आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान फिलहाल कुछ शांत होता दिखाई दे रहा है, लेकिन चुनाव से पहले वह कोई अतिरिक्त कदम उठा सकता है। उनके मुताबिक, ईरान को लग सकता है कि ऐसा करने से अमेरिकी चुनाव पर असर पड़ेगा।
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ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा "वे (ईरान) फिलहाल शांत होते दिख रहे हैं। संभव है कि वे चुनाव से पहले कुछ अतिरिक्त करें, यह सोचकर कि इससे हमें नुकसान होगा। लेकिन हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं। उन्हें नहीं पता कि मैं उनके प्रति कितना नरम रहा हूं।" उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
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ईरान पर तत्काल हमले से इनकार कर चुके हैं ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने इस फैसले के पीछे तेहरान के साथ जारी बातचीत का हवाला दिया था। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है। उन्होंने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की बड़ी मात्रा में आवाजाही का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, एक रात में इस मार्ग से 2.2 करोड़ बैरल तेल का परिवहन हुआ और इस मात्रा में ईरान का तेल शामिल नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। 

सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमले के बाद हूतियों पर कार्रवाई के संकेत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ मिलकर हूती विद्रोहियों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर भी विचार करने की बात कही है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें रियाद एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमले की जानकारी मिली है और अमेरिका इस मामले में आगे के कदमों पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि हमें हालिया हमले के बारे में अभी पता चला है। हम इस पर फैसला करेंगे। हम इसकी समीक्षा करेंगे।

रियाद एयरपोर्ट हमले में 12 लोगों की मौत, 309 घायल होने का दावा
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (GACA) के अनुसार, 10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।


अधिकारियों ने हमले से हुए संपत्ति के नुकसान का आकलन भी शुरू किया है। इस घटना के बाद कई देशों ने सऊदी अरब को निशाना बनाए जाने की निंदा की और उसके साथ एकजुटता व्यक्त की। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। GACA के अनुसार, इन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हुए थे।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, अमेरिका के सामने कूटनीति और सुरक्षा की चुनौती
ईरान के साथ बातचीत, होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही और सऊदी अरब में हवाई अड्डों पर हमलों से पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति लगातार चर्चा में है। ट्रंप ने एक ओर ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई को मध्यावधि चुनाव तक टालने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने की संभावना भी जताई है।
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