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ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंधों से खींचे हाथ: जेलेंस्की बोले- अब भी बड़ा मौका; यूक्रेन के सामने क्या चुनौती?
Sat, 17 Oct 2026 04:22 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कीव।
पीटीआई, कीव।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 17 Oct 2026 04:22 PM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले नए प्रतिबंधों पर रोक लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रतिबंधों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की है। इस बीच, यूक्रेन ने रूस पर देशभर में 15 से अधिक ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगाया है। सर्दियां नजदीक आने के साथ बिजली, गर्मी और पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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ट्रंप से क्यों नाराज हैं जेलेंस्की
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को अपने समर्थकों से रूस पर नए अमेरिकी प्रतिबंध लगाने के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। यह अपील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रतिबंधों पर रोक लगाने के आदेश के कुछ ही घंटे बाद आई। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना था। ट्रंप के फैसले से यह चिंता बढ़ गई है कि सर्दियां नजदीक आने के साथ रूस के बढ़ते हमलों के बीच यूक्रेन मुश्किल में पड़ सकता है।
जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने ट्रंप के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लिंडसे ग्राहम अधिनियम को पूरी तरह नजरअंदाज करने का फैसला लिया गया है। इस कानून का मकसद रूस पर प्रभावी दबाव बनाना था, ताकि युद्ध खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि यह कानून अब भी काफी मदद कर सकता है, लेकिन इसे वास्तव में लागू करना जरूरी है। इसके समर्थन में उठने वाली हर आवाज मायने रखती है।
यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूस का बड़ा हमला
जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। उनके मुताबिक, देशभर में 15 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर रूस के लगातार हमलों के गंभीर नतीजे सामने आ रहे हैं।
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यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में बड़ा हादसा: समुद्र तटीय रिसॉर्ट में आग लगने से 10 की मौत, 9 लोग घायल
रातभर में चार मिसाइलें और 332 ड्रोन दागे
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूसी सेना ने रातभर में चार क्रूज मिसाइलें और 332 हमलावर ड्रोन दागे। वायुसेना के मुताबिक, सभी चार मिसाइलों और 289 ड्रोन को रोक दिया गया या नष्ट कर दिया गया।
सर्दियों से पहले बिजली और पानी को लेकर बढ़ी चिंता
सर्दियां आने से पहले यूक्रेन के बिजली नेटवर्क पर रूस की भारी बमबारी युद्ध के दौरान हर साल देखने को मिली है। इन हमलों का मकसद आम लोगों को गर्मी और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित कर यूक्रेन की लड़ने की क्षमता कमजोर करना है। यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले महीनों में और हमले करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार जुटा रहा है।
यूक्रेन के सामने क्या चुनौती?
यूक्रेन के सामने सर्दियों में सबसे बड़ी चुनौती बिजली, हीटिंग और पानी की सप्लाई बनाए रखने की होगी। रूस के ऊर्जा ठिकानों और बिजली नेटवर्क पर हमलों से बिजलीघर, ट्रांसफॉर्मर और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में घरों को गर्म रखना और पानी की आपूर्ति जारी रखना मुश्किल हो सकता है। बिजली कटने से अस्पतालों, जरूरी सेवाओं और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यूक्रेन को ऊर्जा ढांचे की मरम्मत, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरी सेवाएं चालू रखने के लिए तैयारी करनी होगी।
हालांकि, यूक्रेन ने सर्दियों की तैयारी के तहत गैस का भंडार बढ़ाया है। सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्तोगाज के मुताबिक, गैस का भंडार 16 अरब घन मीटर तक पहुंच गया है, जो 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद रूसी हमलों से ऊर्जा संयंत्रों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है और गैस का पर्याप्त भंडार होने भर से बिजली व हीटिंग की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित नहीं होती।
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जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने ट्रंप के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लिंडसे ग्राहम अधिनियम को पूरी तरह नजरअंदाज करने का फैसला लिया गया है। इस कानून का मकसद रूस पर प्रभावी दबाव बनाना था, ताकि युद्ध खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि यह कानून अब भी काफी मदद कर सकता है, लेकिन इसे वास्तव में लागू करना जरूरी है। इसके समर्थन में उठने वाली हर आवाज मायने रखती है।
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यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूस का बड़ा हमला
जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। उनके मुताबिक, देशभर में 15 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर रूस के लगातार हमलों के गंभीर नतीजे सामने आ रहे हैं।
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रातभर में चार मिसाइलें और 332 ड्रोन दागे
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूसी सेना ने रातभर में चार क्रूज मिसाइलें और 332 हमलावर ड्रोन दागे। वायुसेना के मुताबिक, सभी चार मिसाइलों और 289 ड्रोन को रोक दिया गया या नष्ट कर दिया गया।
सर्दियों से पहले बिजली और पानी को लेकर बढ़ी चिंता
सर्दियां आने से पहले यूक्रेन के बिजली नेटवर्क पर रूस की भारी बमबारी युद्ध के दौरान हर साल देखने को मिली है। इन हमलों का मकसद आम लोगों को गर्मी और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित कर यूक्रेन की लड़ने की क्षमता कमजोर करना है। यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले महीनों में और हमले करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार जुटा रहा है।
यूक्रेन के सामने क्या चुनौती?
यूक्रेन के सामने सर्दियों में सबसे बड़ी चुनौती बिजली, हीटिंग और पानी की सप्लाई बनाए रखने की होगी। रूस के ऊर्जा ठिकानों और बिजली नेटवर्क पर हमलों से बिजलीघर, ट्रांसफॉर्मर और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में घरों को गर्म रखना और पानी की आपूर्ति जारी रखना मुश्किल हो सकता है। बिजली कटने से अस्पतालों, जरूरी सेवाओं और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यूक्रेन को ऊर्जा ढांचे की मरम्मत, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरी सेवाएं चालू रखने के लिए तैयारी करनी होगी।
हालांकि, यूक्रेन ने सर्दियों की तैयारी के तहत गैस का भंडार बढ़ाया है। सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्तोगाज के मुताबिक, गैस का भंडार 16 अरब घन मीटर तक पहुंच गया है, जो 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद रूसी हमलों से ऊर्जा संयंत्रों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है और गैस का पर्याप्त भंडार होने भर से बिजली व हीटिंग की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित नहीं होती।