Bihar News: नक्सल प्रभाव से मुक्त बताते ही नक्सलियों ने जंगल में दिखाई तबाही की तैयारी! पांच किलो IED बरामद
गयाजी के नक्सल प्रभावित लुटुआ थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम कर दी। नागोबार जंगल में सर्च अभियान के दौरान जमीन में छिपाकर रखा करीब पांच किलोग्राम का कमांड मैकेनिज्म युक्त आईईडी बरामद हुआ, जिसे बीडीडीएस टीम ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
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गयाजी के नक्सल प्रभावित लुटुआ थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने समय रहते बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की साजिश विफल कर दी। नागोबार जंगल में सर्च अभियान के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया करीब पांच किलोग्राम का कमांड मैकेनिज्म युक्त आईईडी बरामद कर मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया। माना जा रहा है कि विस्फोटक सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
सर्च अभियान के दौरान मिली बड़ी सफलता
प्राप्त सूचना के आधार पर डी/215 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देश पर शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने ‘साडो’ अभियान शुरू किया। टीम ने नागोबार कैंप से गुलरिया तरी होते हुए सिंघवा क्षेत्र की ओर सर्च अभियान चलाया।
डीएसएमडी ने दिया संकेत, खुदाई में मिला आईईडी
तलाशी अभियान के दौरान बीडीडीएस (बम निष्क्रिय दस्ता) के जवानों ने डीएसएमडी (डिटेक्टर) की मदद से इलाके की जांच की। एक स्थान पर लगातार संकेत मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सावधानीपूर्वक खुदाई शुरू की। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर काले पॉलिथीन में लिपटा स्टील का कंटेनर मिला, जिसमें करीब चार से पांच किलोग्राम वजन का कमांड मैकेनिज्म युक्त आईईडी रखा हुआ था।
मौके पर ही किया गया सुरक्षित निष्क्रिय
बरामद विस्फोटक को डी/215 बटालियन के बीडीडीएस कर्मियों ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। समय रहते आईईडी मिलने से किसी भी संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया।
सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की थी साजिश
प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि अज्ञात नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों को जान-माल का नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी को जमीन के नीचे छिपाकर लगाया था। यदि यह विस्फोटक समय पर नहीं मिलता तो सर्च अभियान के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था।
जंगल में बढ़ाई गई चौकसी
नागोबार का इलाका घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां नक्सल विरोधी अभियान लगातार चलाए जाते हैं। आईईडी बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबल आसपास के क्षेत्रों में भी गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी अन्य विस्फोटक या नक्सली गतिविधि का पता लगाया जा सके। सुरक्षाबलों की सतर्कता, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के कारण नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई। इस सफलता को नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।