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पटना: मोकामा की 1100 महिलाओं ने ली अनूठी शपथ, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए रिश्वत नहीं देने का संकल्प
Mon, 28 Sep 2026 06:51 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 28 Sep 2026 06:51 PM IST
पटना के मोकामा टाल क्षेत्र की सम्यागढ़ पंचायत में 1100 महिलाओं ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ सामूहिक संकल्प लिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभुक महिलाओं ने देवघर का प्रसाद हाथ में लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी को रिश्वत नहीं देने और न लेने की शपथ ली।
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रिश्वतखोरी के खिलाफ एकजुट हुईं 1100 महिलाएं। सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटना जिले के मोकामा टाल क्षेत्र की सम्यागढ़ पंचायत में सोमवार को आयोजित आमसभा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अनूठी मिसाल कायम हुई। पंचायत की 1100 महिलाओं ने देवघर का प्रसाद हाथ में लेकर एक साथ रिश्वतखोरी के खिलाफ सामूहिक संकल्प लिया है। मंच से महिलाओं ने एक स्वर में घोषणा की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति को रिश्वत नहीं देंगी और न ही किसी तरह की रिश्वतखोरी को स्वीकार करेंगी। पंचायत स्तर से शुरू हुआ यह सामूहिक अभियान अब क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े सामाजिक संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता
सम्यागढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 1100 महिलाओं को लाभुक के रूप में चयनित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र लाभुकों को पक्का मकान निर्माण करने के लिए किस्तों के माध्यम से कुल 1.47 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। आमसभा में एकत्र हुई महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सहायता राशि की प्राप्ति हेतु किसी भी स्तर पर फूटी कौड़ी भी रिश्वत नहीं दी जाएगी। इस पहल का मुख्य नेतृत्व पंचायत की मुखिया कुसुम देवी ने किया। सभा में पंचायत सचिव सुमित कुमार और आवास सहायक अनिल कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पांच गांवों की सामूहिक सहभागिता
यह अभियान सम्यागढ़ पंचायत के पांच अलग-अलग गांवों तक फैला है, जिनमें शोभाठीका, लक्ष्मीपुर, सम्यागढ़, मिल्की और केवटी शामिल हैं। पंचायत में पूर्व में आवास योजना के अंतर्गत लाभुकों से अवैध वसूली और आर्थिक शोषण की अनेक शिकायतें सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए महिलाओं द्वारा उठाया गया यह कदम उन निर्धन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देवघर का प्रसाद हाथों में लेकर ली गई इस शपथ ने पूरे पंचायत क्षेत्र में पारदर्शिता का वातावरण निर्मित कर दिया है।
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ये भी पढ़ें- बिहार में आसमान तक उठा पानी का ‘बवंडर’: तेज हवा-बारिश के बीच दिखा दुर्लभ नजारा, मौसम विभाग ने क्या बताया?
पूरे राज्य में संदेश देने की तैयारी
मुखिया कुसुम देवी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सम्यागढ़ की धरती से उठी इस भ्रष्टाचार विरोधी आवाज को बिहार की अन्य सभी पंचायतों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बल दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेना प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और इसके लिए कोई भी अनैतिक राशि देने की जरूरत नहीं है। इस अवसर पर उपमुखिया काजल देवी, मुखिया प्रतिनिधि मुरलीधर प्रसाद सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता बसंत महतो सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता
सम्यागढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 1100 महिलाओं को लाभुक के रूप में चयनित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र लाभुकों को पक्का मकान निर्माण करने के लिए किस्तों के माध्यम से कुल 1.47 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। आमसभा में एकत्र हुई महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सहायता राशि की प्राप्ति हेतु किसी भी स्तर पर फूटी कौड़ी भी रिश्वत नहीं दी जाएगी। इस पहल का मुख्य नेतृत्व पंचायत की मुखिया कुसुम देवी ने किया। सभा में पंचायत सचिव सुमित कुमार और आवास सहायक अनिल कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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पांच गांवों की सामूहिक सहभागिता
यह अभियान सम्यागढ़ पंचायत के पांच अलग-अलग गांवों तक फैला है, जिनमें शोभाठीका, लक्ष्मीपुर, सम्यागढ़, मिल्की और केवटी शामिल हैं। पंचायत में पूर्व में आवास योजना के अंतर्गत लाभुकों से अवैध वसूली और आर्थिक शोषण की अनेक शिकायतें सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए महिलाओं द्वारा उठाया गया यह कदम उन निर्धन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देवघर का प्रसाद हाथों में लेकर ली गई इस शपथ ने पूरे पंचायत क्षेत्र में पारदर्शिता का वातावरण निर्मित कर दिया है।
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पूरे राज्य में संदेश देने की तैयारी
मुखिया कुसुम देवी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सम्यागढ़ की धरती से उठी इस भ्रष्टाचार विरोधी आवाज को बिहार की अन्य सभी पंचायतों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बल दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेना प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और इसके लिए कोई भी अनैतिक राशि देने की जरूरत नहीं है। इस अवसर पर उपमुखिया काजल देवी, मुखिया प्रतिनिधि मुरलीधर प्रसाद सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता बसंत महतो सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।