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हाथी दांत चोरी प्रकरण: जांच में वन कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश, चौकीदारों की तैनाती का दिया सुझाव
Fri, 06 Nov 2026 11:38 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Fri, 06 Nov 2026 11:38 PM IST
वन विभाग के रेंज कार्यालयों में असलहों के साथ ही न्यायालय से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और वन्यजीवों के अंग भी सुरक्षित रखे जाते हैं। इनकी सुरक्षा और समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था है। इसके बावजूद लालढांग रेंज कार्यालय से पांच हाथी दांत चोरी हो गए।
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हाथी दांत चोरी प्रकरण की जांच
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
विस्तार
लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज में पांच हाथी दांत चोरी होने के मामले ने वन विभाग के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। प्रकरण की जांच के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें वन कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं। इनमें चौकीदारों की तैनाती, आधुनिक सुरक्षा संसाधनों के इस्तेमाल और संवेदनशील वस्तुओं का साल में दो बार निरीक्षण कराने की संस्तुति शामिल है।
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वन विभाग के रेंज कार्यालयों में असलहों के साथ ही न्यायालय से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और वन्यजीवों के अंग भी सुरक्षित रखे जाते हैं। इनकी सुरक्षा और समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था है। इसके बावजूद लालढांग रेंज कार्यालय से पांच हाथी दांत चोरी हो गए। इनका कुल वजन 35 किलोग्राम से अधिक बताया गया है। इस घटना के बाद वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
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मामले की जांच के लिए डीएफओ हरिद्वार की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक रेंज कार्यालयों का निरीक्षण डीएफओ और एसडीओ स्तर से किया जाता है। एसडीओ की ओर से वार्षिक निरीक्षण की व्यवस्था है। कमेटी ने संवेदनशील वस्तुओं का निरीक्षण साल में एक के बजाय दो बार कराने की सिफारिश की है।
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इसके अलावा जिन रेंज कार्यालयों में चौकीदार तैनात नहीं हैं, वहां उनकी नियुक्ति करने का सुझाव दिया गया है। कार्यालयों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करने और मौजूदा सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की भी संस्तुति की गई है। हरिद्वार डीएफओ एवं जांच कमेटी के प्रभारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है।