'मेरा घर बताकर खतरे में डाली जान': HC पहुंचे CJP प्रवक्ता सौरव दास, अभिजीत पर निजी जानकारी लीक करने का आरोप
सौरव दास ने अदालत से अपने निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा करने की गुहार लगाई है। अभिजीत अय्यर मित्रा, एक्स, गूगल और अन्य मीडिया पोर्टल्स को उनके आवासीय विवरण को प्रकाशित, प्रसारित या साझा करने से रोकने के लिए स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी की जाए।
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विस्तार
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के साथ-साथ कई लॉ पोर्टल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ उनके घर का पता और अन्य निजी जानकारियां सार्वजनिक डोमेन में डालने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
सौरव दास की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादियों ने उनके निजता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन किया है। दास का कहना है कि वे पिछले साल से ग्रेटर कैलाश में एक किराए के कमरे में रह रहे हैं। आरोप है कि प्रतिवादियों ने गैर-कानूनी तरीके से उनका पता खोजा, उसे रिकॉर्ड किया और उनके माता-पिता के विवरण, पृष्ठभूमि और उनकी लैंगिकता जैसी बेहद निजी जानकारियों को बार-बार प्रकाशित और प्रसारित किया।
अवैध प्रवेश और वीडियोग्राफी
दास ने यह भी दावा किया है कि कुछ प्रतिवादियों ने उनके साझा आवासीय परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया, घर के अंदर की वीडियोग्राफी की और उस फुटेज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दिया।
याचिका की मुख्य मांगें
दास ने अदालत से अपने निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा करने की गुहार लगाई है। अभिजीत अय्यर मित्रा, एक्स, गूगल और अन्य मीडिया पोर्टल्स को उनके आवासीय विवरण को प्रकाशित, प्रसारित या साझा करने से रोकने के लिए स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी की जाए। अदालत एक्स और गूगल को यह निर्देश दे कि वे निजी जानकारी उजागर करने वाले सभी वीडियो, पोस्ट और सामग्री को तुरंत हटाएं और उन तक सार्वजनिक पहुंच को ब्लॉक करें। निजता के अधिकारों के इस कथित उल्लंघन के लिए हर्जाना दिलाया जाए।
खतरे की आशंका
सौरव दास ने अपनी याचिका में बताया है कि वे एक पत्रकार के रूप में अपने काम, जनहित में किए गए खुलासों और राजनीतिक सक्रियता के चलते पहले भी हिंसक धमकियों और नफरत का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने अदालत के समक्ष चिंता व्यक्त की है कि उनके घर का सटीक पता बार-बार उजागर होने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाए जाने से उनके और उनके आवास के आसपास हिंसा का एक वास्तविक और स्पष्ट खतरा पैदा हो गया है।