{"_id":"6a885e608e126e99ba03c2a5","slug":"opportunity-to-pursue-a-phd-at-du-now-without-a-masters-degree-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151619-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: डीयू में अब बिना मास्टर डिग्री के पीएचडी करने का अवसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: डीयू में अब बिना मास्टर डिग्री के पीएचडी करने का अवसर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-डीयू के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का पहला बैच तैयार
-7.5 सीजीपीए वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश का मौका
-एससी-एसटी छात्रों के लिए 7.0 सीजीपीए की पात्रता, यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू हो रही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अब बिना मास्टर डिग्री के पीएचडी करने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू हो रही है। जुलाई में हुई डीयू की अकादमिक व कार्यकारी परिषद ने इस प्रस्ताव को पास किया था। जिसके बाद अब इच्छुक छात्र इसी सत्र से सीधे पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। जहां सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए पीएचडी में सीधे आवेदन करने की पात्रता न्यूनतम 7.5 सीजीपीए निर्धारित की गई है, वहीं एससी-एसटी वर्ग के लिए यह सीमा 7.0 सीजीपीए होगी। डीयू ने इस संबंध में अपने अध्यादेशों में आवश्यक संशोधन भी किया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार इस व्यवस्था के बाद चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों के लिए मास्टर डिग्री करना अनिवार्य नहीं रहेगा और वह निर्धारित पात्रता पूरी करने पर सीधे पीएचडी में जा सकेंगे। मालूम हो कि डीयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसे अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 के तहत शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लागू किया गया था। इस कार्यक्रम का पहला बैच इसी साल पास हुआ है।
75,948 छात्रों ने लिया था दाखिला
डीयू के अनुसार 2022-23 में कुल 75,948 छात्रों ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में दाखिला लिया था। इनमें से 40,005 छात्रों ने तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2025 में कार्यक्रम से बाहर निकलने का विकल्प चुना। वहीं 35,943 छात्र चौथे वर्ष की पढ़ाई जारी रखने के लिए आगे बढ़े। इन आंकड़ों में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र भी शामिल हैं। अब चौथे वर्ष में पहुंचे इन छात्रों में से 12,111 छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डीयू के एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में आवेदन किया है। यह चौथे वर्ष में पढ़ाई जारी रखने वाले कुल छात्रों का करीब 34.27 प्रतिशत है।
विज्ञापन
एक वर्षीय पीजी में 5,857 सीटें
दिल्ली विश्वविद्यालय ने पोस्टग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2025 के तहत 46 विषयों में एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें कुल 5,857 सीटें हैं। डीयू ने 2026-27 में दो वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में भी पिछले वर्ष के बराबर सीटें रखी हैं। इसका विशेष लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने तीन साल के बाद स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।
विज्ञापन
-7.5 सीजीपीए वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश का मौका
-एससी-एसटी छात्रों के लिए 7.0 सीजीपीए की पात्रता, यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू हो रही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अब बिना मास्टर डिग्री के पीएचडी करने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू हो रही है। जुलाई में हुई डीयू की अकादमिक व कार्यकारी परिषद ने इस प्रस्ताव को पास किया था। जिसके बाद अब इच्छुक छात्र इसी सत्र से सीधे पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। जहां सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए पीएचडी में सीधे आवेदन करने की पात्रता न्यूनतम 7.5 सीजीपीए निर्धारित की गई है, वहीं एससी-एसटी वर्ग के लिए यह सीमा 7.0 सीजीपीए होगी। डीयू ने इस संबंध में अपने अध्यादेशों में आवश्यक संशोधन भी किया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार इस व्यवस्था के बाद चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों के लिए मास्टर डिग्री करना अनिवार्य नहीं रहेगा और वह निर्धारित पात्रता पूरी करने पर सीधे पीएचडी में जा सकेंगे। मालूम हो कि डीयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसे अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 के तहत शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लागू किया गया था। इस कार्यक्रम का पहला बैच इसी साल पास हुआ है।
विज्ञापन
75,948 छात्रों ने लिया था दाखिला
डीयू के अनुसार 2022-23 में कुल 75,948 छात्रों ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में दाखिला लिया था। इनमें से 40,005 छात्रों ने तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2025 में कार्यक्रम से बाहर निकलने का विकल्प चुना। वहीं 35,943 छात्र चौथे वर्ष की पढ़ाई जारी रखने के लिए आगे बढ़े। इन आंकड़ों में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र भी शामिल हैं। अब चौथे वर्ष में पहुंचे इन छात्रों में से 12,111 छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डीयू के एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में आवेदन किया है। यह चौथे वर्ष में पढ़ाई जारी रखने वाले कुल छात्रों का करीब 34.27 प्रतिशत है।
विज्ञापन
एक वर्षीय पीजी में 5,857 सीटें
दिल्ली विश्वविद्यालय ने पोस्टग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2025 के तहत 46 विषयों में एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें कुल 5,857 सीटें हैं। डीयू ने 2026-27 में दो वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में भी पिछले वर्ष के बराबर सीटें रखी हैं। इसका विशेष लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने तीन साल के बाद स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।