यूपी: किन छात्रों को मिलेंगे मुफ्त टैबलेट? क्या है पात्रता, आवेदन कैसे करना है? जानें पूरा विवरण
यूपी सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख मुफ्त टैबलेट खरीदने को मंजूरी दी है। 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा, पात्रता क्या है और टैबलेट के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या होती है।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को डिजिटल क्रांति से जोड़ने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल असमानता को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख मुफ्त टैबलेट की खरीद के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर राज्य सरकार 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनी गई कंपनियों को क्रय आदेश जारी करने की मंजूरी मिलने से अब राज्य के लाखों छात्रों के हाथों में जल्द ही नया टैबलेट नजर आएगा।
क्या है स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना?
उत्तर प्रदेश में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 19 अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा से इस योजना का शुभारंभ करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत राज्य के स्नातक, परास्नातक, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे योग्य छात्रों को सरकार की ओर से निशुल्क स्मार्टफोन और टैबलेट प्रदान किए जाते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के उन छात्रों की मदद करना है जो महंगे डिजिटल गैजेट्स खरीदने में असमर्थ हैं। इसके माध्यम से छात्र न केवल अपनी कॉलेज की पढ़ाई बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं, बल्कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (UPPSC), SSC और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी भी आसानी से कर पा रहे हैं।
योजना का बजट और खरीद का विवरण
| प्रमुख विवरण | स्वीकृत आंकड़े / जानकारी |
| कुल वितरित होने वाले टैबलेट | 25 लाख यूनिट |
| स्वीकृत बजट (FY 2026-27) | 2,374.60 करोड़ रुपये |
| आधिकारिक नोडल पोर्टल | डिजीशक्ति पोर्टल (DigiShakti Portal) |
कौन-कौन से छात्र हैं पात्र?
सरकार ने इस योजना का लाभ सही और जरूरतमंद छात्रों तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट पात्रता मापदंड तय किए हैं:
- यूपी का स्थायी निवास: छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
- शैक्षणिक पाठ्यक्रम: छात्र नीचे दिए गए पाठ्यक्रमों में से किसी एक में नियमित (Regular) रूप से नामांकित होना चाहिए:
- स्नातक (Graduation): BA, B.Sc, B.Com आदि।
- परास्नातक (Post Graduation): MA, M.Sc, M.Com आदि।
- तकनीकी एवं व्यावसायिक: B.Tech, M.Tech, ITI, पॉलिटेक्निक, B.Ed।
- चिकित्सा शिक्षा: मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कोर्स।
- कौशल विकास: राज्य कौशल विकास मिशन के तहत ट्रेनिंग ले रहे युवा।
- संस्थान की मान्यता: छात्र राज्य के किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी (Private) कॉलेज/विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हो।
आवश्यक दस्तावेज
योजना में आवेदन या सत्यापन के लिए छात्रों के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक हैं:
- आधार कार्ड (पहचान एवं नागरिकता सत्यापन हेतु)
- उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक दस्तावेज: 10वीं व 12वीं की मार्कशीट और अंतिम पास परीक्षा/सेमेस्टर का अंकपत्र।
- आय प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी (₹2 लाख से कम वार्षिक आय)।
- बैंक पासबुक का विवरण: (बैंक खाता नंबर, शाखा का नाम और IFSC कोड)।
- सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
- आयु का प्रमाण पत्र (10वीं का प्रमाण पत्र मान्यता प्राप्त है)
आवेदन कैसे करें?
इस योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए कॉलेज स्तर पर स्वचालित पंजीयन (डिजीशक्ति पोर्टल)
- अधिकतर मामलों में छात्रों को किसी साइबर कैफे जाकर अलग से व्यक्तिगत फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती:
- जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्र पढ़ाई कर रहा है, वह संस्थान अपने सभी पंजीकृत छात्रों का प्रामाणिक डाटा सीधे डिजीशक्ति (DigiShakti) पोर्टल पर अपलोड करता है।
- डाटा अपलोड और सत्यापित होने के बाद छात्र के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के जरिए सूचना भेजी जाती है।
- इसके बाद शासन स्तर से वितरण की तिथियां तय कर कॉलेजों के माध्यम से टैबलेट बांटे जाते हैं।
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