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एक्सप्लेनर: यूपीटीईटी रिजल्ट पर विवाद क्यों, अभ्यर्थियों की कौन सी चार मांगें? आयोग का क्या रुख? जानें मामला

Thu, 17 Sep 2026 04:47 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 17 Sep 2026 04:47 PM IST
सार
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UPTET Result 2026: यूपीटीईटी 2026 के परिणाम से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद आयोग ने अंकों और सामान्यीकृत स्कोर में बदलाव से इनकार कर दिया है। अभ्यर्थियों ने सामान्यीकरण, ओएमआर और आंसर की से जुड़े मामलों को लेकर आपत्तियां उठाई थीं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या था और अभ्यर्थियों की शिकायतों पर आयोग ने क्या जवाब दिए हैं...
 

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UPTET Result 2026: Why Candidates Seek Changes in Normalisation, OMR Scores and Answer Key?
यूपी टीईटी रिजल्ट पर क्या है विवाद? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

UPESSC UPTET Result 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से की गई शिकायतों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने स्थिति साफ कर दी है। परिणाम में संशोधन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आयोग को प्रत्यावेदन भेजे थे। इन शिकायतों की जांच के लिए आयोग ने छह सदस्यीय समिति का गठन किया था।

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समिति ने प्राप्त प्रत्यावेदनों की जांच के बाद उन्हें चार श्रेणियों में बांटा। इनमें ओएमआर शीट में गलती, सामान्यीकरण से अंक कम होने, उत्तर कुंजी के आधार पर कम अंक मिलने और सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत जानकारी गलत होने से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं।
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समिति की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने अब इन मामलों पर अपना फैसला जारी कर दिया है। आयोग ने ओएमआर, सामान्यीकरण और उत्तर कुंजी से जुड़े मामलों में अंकों या नार्मलाइज्ड स्कोर में बदलाव की मांग स्वीकार नहीं की है। वहीं, सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में कुछ व्यक्तिगत विवरण गलत होने पर उन्हें सुधार का मौका दिया जाएगा।

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क्या है पूरा मामला?

  • यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई थी।
  • परीक्षा के बाद परिणाम 26 अगस्त 2026 को जारी किया गया।
  • परिणाम आने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने सामान्यीकरण के कारण अंक कम होने की शिकायत की।
  • कुछ ने कहा कि उत्तर कुंजी के आधार पर उनके अंक अपेक्षा के अनुसार नहीं आए।
  • कुछ अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक भरने से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
  • इन शिकायतों के आधार पर परिणाम में संशोधन की मांग की गई। 
  • आयोग ने इन प्रत्यावेदनों की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति बनाई थी।
  • समिति ने सभी मामलों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट आयोग के सामने रखी।
  • इसी रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने 16 सितंबर को अपना निर्णय जारी किया।

UPTET Result 2026: Why Candidates Seek Changes in Normalisation, OMR Scores and Answer Key?
आयोग को चार तरह की शिकायतों के प्रत्यावेदन प्राप्त हुए - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

समिति ने शिकायतों को किन चार श्रेणियों में बांटा?

समिति ने आयोग में प्राप्त प्रत्यावेदनों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया था।

  • पहली श्रेणी: ओएमआर शीट में अनुक्रमांक के गोले, प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले या दोनों को गलत भरने से जुड़ी शिकायतें।
  • दूसरी श्रेणी: आयोग की सामान्यीकरण प्रक्रिया के कारण स्कोर कम होने से जुड़ी शिकायतें।
  • तीसरी श्रेणी: उत्तर कुंजी के आधार पर अपेक्षा से कम अंक मिलने से जुड़ी शिकायतें।
  • चौथी श्रेणी: सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग/श्रेणी में गलती से जुड़ी शिकायतें।

ओएमआर में गलती होने पर क्या कहा आयोग ने?

ओएमआर शीट से जुड़ी शिकायतों पर आयोग ने अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी है। आयोग के अनुसार, ओएमआर उत्तर पत्रक भरने और चिन्हित करने से संबंधित निर्देश अभ्यर्थियों को कई माध्यमों से पहले ही दिए गए थे। इनमें जारी विज्ञापन, प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट और परीक्षा कक्ष में कक्ष निरीक्षक के माध्यम से दिए गए निर्देश शामिल थे।

आयोग ने यह भी कहा कि ओएमआर शीट पर अनुक्रमांक और प्रश्न पुस्तिका क्रमांक भरने से संबंधित सावधानियां स्पष्ट रूप से बताई गई थीं। निर्देश में यह भी बताया गया था कि अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक नहीं भरने अथवा गलत भरने की स्थिति में ओएमआर का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

आयोग ने कहा कि मूल्यांकन और स्कोर तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित है। ऐसे में इस श्रेणी में प्राप्त प्रत्यावेदनों को स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया।

UPTET Result 2026: Why Candidates Seek Changes in Normalisation, OMR Scores and Answer Key?
तीन मामलों में आयोग ने अभ्यर्थियों की मांगों को नहीं माना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

सामान्यीकरण से अंक कम होने की शिकायत पर क्या फैसला हुआ?

यह उन मामलों में से है, जिसे लेकर अभ्यर्थियों के बीच सबसे ज्यादा सवाल उठे थे। अभ्यर्थियों ने शिकायत की थी कि सामान्यीकरण की प्रक्रिया के बाद उनके अंक कम हो गए। आयोग ने इस पर कहा कि परीक्षा से पहले ही विज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि यदि परीक्षा एक से अधिक दिन या पालियों में आयोजित होती है तो अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर सामान्यीकरण की प्रक्रिया लागू होगी।

आयोग के अनुसार, अलग-अलग पालियों में पूछे गए प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर की तुलना के लिए सॉफ्टवेयर आधारित वैज्ञानिक सूत्र का इस्तेमाल किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर परिणाम तैयार किया गया।

आयोग ने कहा कि सामान्यीकरण की प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों के अंक कम और कुछ के अंक अधिक होना स्वाभाविक है। इसलिए सामान्यीकरण के कारण अंकों या नार्मलाइज्ड स्कोर में बदलाव की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है।

उत्तर कुंजी के आधार पर कम अंक मिलने की शिकायत का क्या हुआ?

कुछ अभ्यर्थियों ने उत्तर कुंजी के आधार पर अपने अंक कम मिलने की शिकायत की थी। इसे समिति ने तीसरी श्रेणी में रखा था। इस मामले में भी आयोग ने अंकों में बदलाव की मांग को स्वीकार नहीं किया। यानी उत्तर कुंजी के आधार पर कम अंक मिलने से जुड़ी इन शिकायतों के आधार पर परिणाम या स्कोर में संशोधन नहीं किया जाएगा।

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अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र में सुधार का मौका मिलेगा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

प्रमाण पत्र में गलती है तो क्या सुधार होगा?

चौथी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने राहत दी है। आयोग ने कहा है कि सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में यदि नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग/श्रेणी में गलती है तो उसमें सुधार कराया जा सकेगा।

इसके लिए आयोग के पोर्टल के माध्यम से जल्द ही ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। अभ्यर्थी स्वयं आवेदन कर सकेंगे और सुधार के बाद संशोधित प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

हालांकि, आयोग के मौजूदा नोटिस में ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है। इसलिए अभ्यर्थियों को आयोग की अगली सूचना का इंतजार करना होगा।

क्या यूपीटीईटी 2026 का परिणाम बदलेगा?

आयोग के हालिया फैसले के अनुसार, ओएमआर में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक गलत भरने, सामान्यीकरण के कारण अंक कम होने और उत्तर कुंजी के आधार पर कम अंक मिलने से जुड़ी शिकायतों पर अंकों या नार्मलाइज्ड स्कोर में बदलाव नहीं किया जाएगा।

इसलिए इन तीन श्रेणियों में परिणाम संशोधन की मांग स्वीकार नहीं की गई है। वहीं, सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत विवरण की गलती को सुधारने के लिए अलग ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

परीक्षा कितने दिन और कितनी पालियों में हुई थी?

यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को अलग-अलग पालियों में कराई गई थी। 

UPTET Result 2026: Why Candidates Seek Changes in Normalisation, OMR Scores and Answer Key?
UPTET Result 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

रिजल्ट में कितने अभ्यर्थी सफल हुए?

26 अगस्त को जारी परिणाम में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों को मिलाकर 13.3 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफल हुए।

  • प्राथमिक स्तर पर कुल 7,13,648 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 5,71,435 अभ्यर्थी सफल रहे। इस स्तर पर सफलता प्रतिशत 80.07 फीसदी रहा।
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर 10,57,021 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें 7,59,513 अभ्यर्थी सफल हुए। यहां सफलता प्रतिशत 71.85 फीसदी रहा।

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UPTET Result 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

कार्यरत शिक्षकों का परिणाम कैसा रहा?

यूपीटीईटी में पहले से कार्यरत शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया था। दोनों स्तरों पर कुल 2,68,799 कार्यरत शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए।

  • प्राथमिक स्तर पर 1,22,405 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी। इनमें 93,387 शिक्षक सफल हुए। इनका सफलता प्रतिशत 76.29 फीसदी रहा।
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर 1,46,394 कार्यरत शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 1,13,384 शिक्षक सफल हुए। इस स्तर पर सफलता प्रतिशत 77.45 फीसदी रहा।
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