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Yamuna Nagar News: टेंडर दिलाने के नाम पर सात लाख की ठगी, पुलिसकर्मी समेत तीन पर एफआईआर
Fri, 21 Aug 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 21 Aug 2026 03:07 AM IST
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यमुनानगर। हरियाणा शिक्षा विभाग में स्कूल और कॉलेजों की मरम्मत के टेंडर दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए कारोबारी ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने हरियाणा पुलिस में कार्यरत बताए जा रहे शिवचरण समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों में कपिल निवासी गुरुग्राम और कृष्ण कुमार निवासी जींद भी शामिल हैं।
मॉडल टाउन यमुनानगर निवासी फाइबर कारोबारी मुनीत गडोक ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म एम/एस वेव सल्यूटेशन के माध्यम से वह टेंडर का काम करते है। शिकायत के अनुसार हरियाणा पुलिस में कार्यरत शिवचरण से उनकी पहले से जान-पहचान थी। आरोप है कि शिवचरण ने उन्हें नए सरकारी टेंडर दिलाने में मदद करने की बात कहते हुए सात अक्टूबर 2025 को पीपली बुलाया। वहां से वह उन्हें कैथल के एक ढाबे पर ले गया, जहां उनकी मुलाकात कपिल और कृष्ण से कराई गई। शिकायतकर्ता कारोबारी के मुताबिक तीनों ने हरियाणा सरकार में अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा करते हुए शिक्षा विभाग के टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को शिवचरण के कहने पर उन्होंने कपिल के बैंक खाते में सात लाख रुपये सिक्योरिटी के नाम पर ट्रांसफर किए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार जल्द टेंडर मिलने का आश्वासन देते रहे, लेकिन टेंडर नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने हरियाणा पुलिसकर्मी शिवचरण पर अपनी वर्दी और पद का कथित दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच में शिकायतकर्ता के बयान और बैंक ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में सात लाख रुपये कपिल के खाते में ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि होने के बाद तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की प्राथमिकी दर्ज की गई। शहर यमुनानगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पिता की मौत की परेशानी के बाद भी नहीं दिए पैसे:
शिकायतकर्ता मुनीत के अनुसार नवंबर में उनके पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद उन्हाेंने आरोपियों को अपनी आर्थिक परेशानी बताते हुए सात लाख रुपये वापस करने की मांग की। आरोप है कि आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। साथ ही जिस टेंडर को दिलाने का भरोसा देकर पैसे लिए गए थे, वह काम भी नहीं कराया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
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रकम वापसी का दबाव बनाया तो थमा दिया चेक
कारोबारी मुनीत ने बताया कि जब उन्होंने आरोपियों पर सात लाख रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने उन्हें एक चेक दे दिया। यह चेक अभी उनके पास ही है। कारोबारी का दावा है कि आरोपियों से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने जांच के दौरान यह रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं। संवाद
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मॉडल टाउन यमुनानगर निवासी फाइबर कारोबारी मुनीत गडोक ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म एम/एस वेव सल्यूटेशन के माध्यम से वह टेंडर का काम करते है। शिकायत के अनुसार हरियाणा पुलिस में कार्यरत शिवचरण से उनकी पहले से जान-पहचान थी। आरोप है कि शिवचरण ने उन्हें नए सरकारी टेंडर दिलाने में मदद करने की बात कहते हुए सात अक्टूबर 2025 को पीपली बुलाया। वहां से वह उन्हें कैथल के एक ढाबे पर ले गया, जहां उनकी मुलाकात कपिल और कृष्ण से कराई गई। शिकायतकर्ता कारोबारी के मुताबिक तीनों ने हरियाणा सरकार में अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा करते हुए शिक्षा विभाग के टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को शिवचरण के कहने पर उन्होंने कपिल के बैंक खाते में सात लाख रुपये सिक्योरिटी के नाम पर ट्रांसफर किए।
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आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार जल्द टेंडर मिलने का आश्वासन देते रहे, लेकिन टेंडर नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने हरियाणा पुलिसकर्मी शिवचरण पर अपनी वर्दी और पद का कथित दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच में शिकायतकर्ता के बयान और बैंक ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में सात लाख रुपये कपिल के खाते में ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि होने के बाद तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की प्राथमिकी दर्ज की गई। शहर यमुनानगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पिता की मौत की परेशानी के बाद भी नहीं दिए पैसे:
शिकायतकर्ता मुनीत के अनुसार नवंबर में उनके पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद उन्हाेंने आरोपियों को अपनी आर्थिक परेशानी बताते हुए सात लाख रुपये वापस करने की मांग की। आरोप है कि आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। साथ ही जिस टेंडर को दिलाने का भरोसा देकर पैसे लिए गए थे, वह काम भी नहीं कराया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
रकम वापसी का दबाव बनाया तो थमा दिया चेक
कारोबारी मुनीत ने बताया कि जब उन्होंने आरोपियों पर सात लाख रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने उन्हें एक चेक दे दिया। यह चेक अभी उनके पास ही है। कारोबारी का दावा है कि आरोपियों से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने जांच के दौरान यह रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं। संवाद