एशियन कबड्डी चैंपियनशिप: भारतीय टीम में हिमाचल की चार बेटियों का चयन, जापान में दिखाएंगी दम
हिमाचल प्रदेश की चार खिलाड़ी सितंबर में जापान में होने वाली 20वीं एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनित खिलाड़ियों में शिलाई क्षेत्र की रितु नेगी, शिलाई की ही पुष्पा राणा, मंडी की भावना ठाकुर और सोलन की ज्योति ठाकुर शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों का भारतीय महिला कबड्डी टीम में चयन हुआ है। ये खिलाड़ी सितंबर में जापान में होने वाली 20वीं एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनित खिलाड़ियों में शिलाई क्षेत्र की रितु नेगी, शिलाई की ही पुष्पा राणा, मंडी की भावना ठाकुर और सोलन की ज्योति ठाकुर शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव कुलदीप राणा ने पांवटा साहिब में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सितंबर में जापान में होने वाली 20वीं एशियन कबड्डी चैंपियनशिप के लिए भारतीय महिला टीम में हिमाचल की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया।
राणा ने कहा कि कबड्डी के क्षेत्र में भारत का पूरे विश्व में नाम है। हिमाचल की ये बेटियां भी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर देश का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि चारों खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए जापान में खेलेंगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों के हित में ऐसे नियम बनाने की मांग की जिससे हिमाचल के खिलाड़ियों को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में न भटकना पड़े। इस अवसर पर सिरमौर कबड्डी एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी सतीश कपूर, पूर्ण ठाकुर, प्रदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
ज्योति ने चौथी कक्षा में चुनी कबड्डी, 26 की उम्र में 17 गोल्ड
चौथी कक्षा से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली सोलन के चायल क्षेत्र की ज्योति ठाकुर ने संघर्ष, मेहनत और लगन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 26 वर्ष की उम्र में 15 नेशनल स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकीं ज्योति का तीसरी बार भारतीय महिला कबड्डी टीम में चयन हुआ है। वह दो बार एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच स्कूल जाने के लिए रोजाना आठ किलोमीटर पैदल चलने वाली ज्योति ने कबड्डी को अपना जुनून बनाया और सफलता हासिल करती गईं। क्षेत्र की ग्राम पंचायत धंगील के गांव जखेड की ज्योति हाल ही में भारतीय टीम के चयन के लिए गुजरात के गांधीनगर में हुए कोचिंग कैंप में शामिल हुईं। कैंप में देशभर से 45 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया के बाद ज्योति को 12 सदस्यीय भारतीय महिला कबड्डी टीम में जगह दी गई। इससे पहले वह चीन और ईरान में एशिया कप कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। चीन एशियाई खेलों में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
संघर्ष भरा रहा है ज्योति का बचपन
ज्योति का बचपन भी संघर्षों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह स्कूल जाने के लिए प्रतिदिन करीब आठ किलोमीटर पैदल चलतीं। उन्होंने दसवीं कक्षा पंचायत के ढोल का जुब्बड़ स्कूल से की। यहां वह पैदल जाती थीं। जमा दो की पढ़ाई सोलन स्कूल से की। घर लौटने के बाद वह खेतीबाड़ी में परिवार की मदद करतीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कबड्डी को चुना और चौथी कक्षा में ही पहली बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रहीं। ज्योति के पिता सुरेश ठाकुर ने कहा कि उनकी बेटी ने भारतीय टीम में चयन के लिए कड़ी मेहनत की है। भारतीय टीम में चुना जाना उसका सपना था, जो एक बार फिर पूरा हुआ है।