फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Pitru Paksha will begin on September 26 and conclude on October 10.

Bilaspur News: पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होगा, 10 अक्तूबर को होगा समापन

Sun, 23 Aug 2026 12:17 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:17 AM IST
विज्ञापन
Pitru Paksha will begin on September 26 and conclude on October 10.
15 दिन तक पितरों के निमित्त होंगे श्राद्ध और तर्पण, तिथिवार तय रहेगा कर्मकांड का क्रम
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पितृपक्ष को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। वर्ष 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा।
पंचांग के अनुसार, 26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध से पितृपक्ष की शुरुआत होगी। इसके बाद 27 सितंबर को प्रतिपदा, 28 सितंबर को द्वितीया, 29 सितंबर को तृतीया, 30 सितंबर को चतुर्थी और पहली अक्तूबर को पंचमी श्राद्ध होगा। दो अक्तूबर को षष्ठी तथा तीन अक्तूबर को सप्तमी और अष्टमी श्राद्ध किया जाएगा।
विज्ञापन

इसके बाद चार अक्तूबर को नवमी, पांच अक्तूबर को दशमी, छह अक्तूबर को एकादशी,सात अक्तूबर को द्वादशी, आठ अक्तूबर को त्रयोदशी और नौ अक्तूबर को चतुर्दशी श्राद्ध होगा। दस अक्तूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


तिथि बदलने का समय
29 सितंबर को तृतीया तिथि शाम 5:17 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी, जो 30 सितंबर को रात 9:56 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।
पहली अक्तूबर को पंचमी तिथि दोपहर 12:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। 2 अक्टूबर को षष्ठी तिथि सुबह 10:16 बजे तक रहेगी और इसके बाद सप्तमी शुरू होगी।

तीन अक्तूबर को सप्तमी तिथि सुबह 8:00 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन सप्तमी और अष्टमी दोनों के श्राद्ध का विधान रहेगा।
पितृपक्ष में संबंधित तिथि पर दिवंगत परिजनों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। वहीं जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed