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Kangra News: जिले की तीनों शक्तिपीठों में 24,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Sat, 22 Aug 2026 03:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 22 Aug 2026 03:27 AM IST
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चामुंडा मंदिर में माथा टेकने पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : जागरूक पाठक
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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। जिले की प्रमुख शक्तिपीठों में नौ दिनों से चल रहे श्रावण अष्टमी मेलों का शुक्रवार को समापन हो गया। तीनों प्रमुख मंदिरों में कुल 24,000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। श्री ज्वालामुखी मंदिर में 15,000, माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा में 4,500 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 4,500 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
ज्वालामुखी और चामुंडा धाम में पिछले दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मेले के आठवें दिन ज्वालामुखी मंदिर में 4,81,925 रुपये और कांगड़ा मंदिर में 1,98,165 रुपये का नकद चढ़ावा अर्पित किया गया।
ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सप्तमी तक श्रद्धालुओं की ओर से मां ज्वाला के चरणों में लगभग 47 लाख 66 हजार 925 रुपये अर्पित किए जा चुके थे। मंदिर न्यास की ओर से आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविरों का हजारों श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। मंदिर प्रशासन व विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की ओर से सुबह, दोपहर और शाम निरंतर लंगर सेवा संचालित की गई।
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हाल ही में प्रशासनिक बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मेले की अवधि को 15 दिनों के लिए यानी 24 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।
चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास 30 पुलिस कर्मी, 33 गृहरक्षक और तीन प्रशिक्षित तैराक तैनात रहे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़/वडोई और आयुर्वेदिक चिकित्सालय को श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुला रखा गया। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि रात्रि जागरण के लिए पांच समितियों को अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर तक निशुल्क वाहन (इलेक्ट्रिक/गोल्फ कार्ट) की व्यवस्था की गई।
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ज्वालामुखी और चामुंडा धाम में पिछले दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मेले के आठवें दिन ज्वालामुखी मंदिर में 4,81,925 रुपये और कांगड़ा मंदिर में 1,98,165 रुपये का नकद चढ़ावा अर्पित किया गया।
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ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सप्तमी तक श्रद्धालुओं की ओर से मां ज्वाला के चरणों में लगभग 47 लाख 66 हजार 925 रुपये अर्पित किए जा चुके थे। मंदिर न्यास की ओर से आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविरों का हजारों श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। मंदिर प्रशासन व विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की ओर से सुबह, दोपहर और शाम निरंतर लंगर सेवा संचालित की गई।
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हाल ही में प्रशासनिक बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मेले की अवधि को 15 दिनों के लिए यानी 24 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।
चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास 30 पुलिस कर्मी, 33 गृहरक्षक और तीन प्रशिक्षित तैराक तैनात रहे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़/वडोई और आयुर्वेदिक चिकित्सालय को श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुला रखा गया। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि रात्रि जागरण के लिए पांच समितियों को अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर तक निशुल्क वाहन (इलेक्ट्रिक/गोल्फ कार्ट) की व्यवस्था की गई।