{"_id":"6a8bc4f174621b1e5405df63","slug":"paonta-sahib-jammu-khala-two-children-drowned-jabir-satyam-2026-08-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पांवटा साहिब में दर्दनाक हादसा: दो मासूमों की मौत, देर शाम तक बच्चों का इंतजार करते रहे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांवटा साहिब में दर्दनाक हादसा: दो मासूमों की मौत, देर शाम तक बच्चों का इंतजार करते रहे परिजन
Mon, 24 Aug 2026 09:44 AM IST
Ankesh Dogra
सुरेश तोमर, पांवटा साहिब।
सुरेश तोमर, पांवटा साहिब।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 24 Aug 2026 09:44 AM IST
पांवटा साहिब के निहालगढ़ में रविवार को जम्मू खाले में नहाने गए नौ वर्षीय जाबिर और सात वर्षीय सत्यम की डूबने से मौत हो गई। दोनों दोस्तों के साथ खड्ड में नहाने गए थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए और देर शाम तक बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों ने तलाश अभियान चलाया। पहले जाबिर का शव मिला और बाद में सत्यम का शव भी बरामद कर लिया गया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रविवार का दिन निहालगढ़ में रहने वाले दो परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द छोड़ गया। सुबह तक जिन घरों में बच्चों की हंसी-खेल की आवाजें गूंज रही थीं, शाम होते-होते वहां मातम पसरा था। नौ वर्षीय जाबिर और सात वर्षीय सत्यम दोस्तों के साथ जम्मू खाले में नहाने गए थे। परिवारों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से निकले उनके बच्चे फिर कभी लौटकर नहीं आएंगे।
विज्ञापन
जाबिर का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला है, जबकि सत्यम का परिवार बिहार के समस्तीपुर से है। दोनों परिवार रोजगार की तलाश में निहालगढ़ आए थे और किराये के मकान में रहकर बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने संजो रहे थे। बच्चों की मासूम बातें और छोटी-छोटी शरारतें ही इन परिवारों की खुशियों का सबसे बड़ा सहारा थीं।
विज्ञापन
खड्ड किनारे हर पल बढ़ती रही परिजनों की बेचैनी
हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवार घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। खड्ड के किनारे देर शाम तक परिजनों की निगाहें पानी पर टिकी रहीं। हर गुजरते पल के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी। ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर पानी में बच्चों की तलाश कर रहे थे, जबकि परिजन किनारे खड़े होकर उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
विज्ञापन
सबसे पहले जाबिर को पानी से बाहर निकाला गया। परिजन उसे लेकर तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सत्यम की तलाश जारी रही। काफी मशक्कत के बाद देर शाम स्थानीय गोताखोरों ने उसका शव भी बरामद कर लिया। इसके साथ ही दोनों परिवारों की आखिरी उम्मीद भी टूट गई।
बच्चों के इंतजार में थमी रहीं आंखें
घटना के बाद देर शाम तक जम्मू खाले के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही। परिजनों की आंखें अपने बच्चों को तलाशती रहीं। कुछ देर पहले तक जिन मासूमों के घर लौटने का इंतजार था, वहां अब उनकी अंतिम विदाई की तैयारी होनी थी।
निहालगढ़ के लोगों ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया। देर शाम तक खड्ड के आसपास पसरा सन्नाटा हादसे की भयावहता बयां करता रहा। दो मासूम जिंदगियों के बुझ जाने से दो परिवारों के भविष्य के सपने भी जैसे थम गए हैं।
दोनों बच्चों के शव पांवटा साहिब के शवगृह में रखे गए हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। इसके बाद दोनों परिवार अपने बच्चों को अंतिम विदाई देंगे—ऐसी विदाई, जिसकी कल्पना किसी माता-पिता ने कभी नहीं की होगी।
घटना के बाद देर शाम तक जम्मू खाले के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही। परिजनों की आंखें अपने बच्चों को तलाशती रहीं। कुछ देर पहले तक जिन मासूमों के घर लौटने का इंतजार था, वहां अब उनकी अंतिम विदाई की तैयारी होनी थी।
निहालगढ़ के लोगों ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया। देर शाम तक खड्ड के आसपास पसरा सन्नाटा हादसे की भयावहता बयां करता रहा। दो मासूम जिंदगियों के बुझ जाने से दो परिवारों के भविष्य के सपने भी जैसे थम गए हैं।
दोनों बच्चों के शव पांवटा साहिब के शवगृह में रखे गए हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। इसके बाद दोनों परिवार अपने बच्चों को अंतिम विदाई देंगे—ऐसी विदाई, जिसकी कल्पना किसी माता-पिता ने कभी नहीं की होगी।