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Solan News: सुबाथू मेले की तैयारियों पर सवाल, प्रशासन की भागीदारी शून्य
Mon, 24 Aug 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:51 AM IST
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फ़ोटो एक - सुबाथू का ऐतिहासिक श्री गुग्गा माड़ी मंदिर फ़ोटो दो - गुग्गा माड़ी मैदान जहाँ पर आयोजित
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मेले के न पोस्टर, न मुख्यातिथि तय, 24 दिन शेष रहने से लोग खफा
कपिल गुप्ता
सुबाथू (सोलन)। ऐतिहासिक जिला स्तरीय श्री गुग्गा माड़ी मेले के आयोजन में अब केवल 24 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन धरातल पर तैयारियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं। करीब 6 वर्ष पहले स्थानीय जनता की पुरजोर मांग पर 150 साल पुराने इस मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिया गया था ताकि इसका स्वरूप भव्य हो सके। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखकर लगता है कि जिला प्रशासन और मेला कमेटी दोनों ही आयोजन को लेकर गंभीर नहीं हैं।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि पास ही धर्मपुर में आयोजित होने वाला माता मनसा देवी का जिला स्तरीय मेला उप जिलाधिकारी व तहसीलदार कसौली की सीधी देख-रेख में गरिमापूर्ण तरीके से होता है। वहां सांस्कृतिक संध्याओं के लिए कलाकारों के ऑडिशन से लेकर सभी व्यवस्थाएं प्रशासन के समक्ष होती हैं। ऐसे में सुबाथू के ऐतिहासिक मेले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि अभी तक गुग्गा माड़ी मंदिर में केवल रंग-रोगन का काम ही चल रहा है। बाजार में मेले के प्रचार-प्रसार को लेकर कोई पोस्टर या होर्डिंग नहीं लगे हैं। मेले में आने वाले मुख्य अतिथियों के नाम तक तय नहीं हो पाए हैं।
इनसेट
पहाड़ी कलाकारों की अनदेखी से रोष
चार दिवसीय सांस्कृतिक संध्याओं की रूपरेखा को अंतिम रूप न देना और अंतिम संध्या से मुख्य पहाड़ी गायकों के नाम गायब रहने की चर्चा से लोग नाराज हैं। सूत्रों के अनुसार, बीते दिनों हुई कमेटी की बैठक में कुछ सदस्यों ने हिमाचल के प्रसिद्ध पहाड़ी गायकों के नाम रखे थे, लेकिन उच्च पदाधिकारियों ने उन्हें नकार दिया। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्लॉट आवंटन के दौरान सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी रहे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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इनसेट
मेले के भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है और राखी के तुरंत बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस वर्ष चारों सांस्कृतिक संध्याओं की जिम्मेदारी रुद्राक्ष बैंड को सौंपी गई है। अंतिम सांस्कृतिक संध्या के लिए प्रसिद्ध गायक कुमार साहिल के नाम पर सहमति बनी है। - मोहन बंगा, महासचिव, गुग्गा माड़ी कमेटी
इनसेट
जिला स्तरीय मेले के दस्तावेज देखकर अगला निर्णय लिया जाएगा। यदि मेले को जिला स्तरीय दर्जा मिला है, तो पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। - नीरजा शर्मा, उप जिलाधिकारी सोलन
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कपिल गुप्ता
सुबाथू (सोलन)। ऐतिहासिक जिला स्तरीय श्री गुग्गा माड़ी मेले के आयोजन में अब केवल 24 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन धरातल पर तैयारियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं। करीब 6 वर्ष पहले स्थानीय जनता की पुरजोर मांग पर 150 साल पुराने इस मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिया गया था ताकि इसका स्वरूप भव्य हो सके। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखकर लगता है कि जिला प्रशासन और मेला कमेटी दोनों ही आयोजन को लेकर गंभीर नहीं हैं।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि पास ही धर्मपुर में आयोजित होने वाला माता मनसा देवी का जिला स्तरीय मेला उप जिलाधिकारी व तहसीलदार कसौली की सीधी देख-रेख में गरिमापूर्ण तरीके से होता है। वहां सांस्कृतिक संध्याओं के लिए कलाकारों के ऑडिशन से लेकर सभी व्यवस्थाएं प्रशासन के समक्ष होती हैं। ऐसे में सुबाथू के ऐतिहासिक मेले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि अभी तक गुग्गा माड़ी मंदिर में केवल रंग-रोगन का काम ही चल रहा है। बाजार में मेले के प्रचार-प्रसार को लेकर कोई पोस्टर या होर्डिंग नहीं लगे हैं। मेले में आने वाले मुख्य अतिथियों के नाम तक तय नहीं हो पाए हैं।
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पहाड़ी कलाकारों की अनदेखी से रोष
चार दिवसीय सांस्कृतिक संध्याओं की रूपरेखा को अंतिम रूप न देना और अंतिम संध्या से मुख्य पहाड़ी गायकों के नाम गायब रहने की चर्चा से लोग नाराज हैं। सूत्रों के अनुसार, बीते दिनों हुई कमेटी की बैठक में कुछ सदस्यों ने हिमाचल के प्रसिद्ध पहाड़ी गायकों के नाम रखे थे, लेकिन उच्च पदाधिकारियों ने उन्हें नकार दिया। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्लॉट आवंटन के दौरान सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी रहे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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मेले के भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है और राखी के तुरंत बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस वर्ष चारों सांस्कृतिक संध्याओं की जिम्मेदारी रुद्राक्ष बैंड को सौंपी गई है। अंतिम सांस्कृतिक संध्या के लिए प्रसिद्ध गायक कुमार साहिल के नाम पर सहमति बनी है। - मोहन बंगा, महासचिव, गुग्गा माड़ी कमेटी
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जिला स्तरीय मेले के दस्तावेज देखकर अगला निर्णय लिया जाएगा। यदि मेले को जिला स्तरीय दर्जा मिला है, तो पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। - नीरजा शर्मा, उप जिलाधिकारी सोलन