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महाराष्ट्र: 'मराठी सीखने के लिए ऑटो-टैक्सी चालकों को और समय मिले', फडणवीस सरकार से शिवसेना विधायकों की मांग
Sun, 23 Aug 2026 08:04 PM IST
Pavan
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Pavan
Updated Sun, 23 Aug 2026 08:04 PM IST
महाराष्ट्र में मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई के बीच शिवसेना के कई विधायकों ने सरकार से उन्हें भाषा सीखने के लिए और समय देने की मांग की है। विधायकों ने कहा कि मराठी सीखना जरूरी है, लेकिन कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो।
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संजय निरुपम, शिवसेना नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी किए जाने के बीच सत्तारूढ़ शिवसेना के कई विधायकों ने सरकार से नरम रुख अपनाने की अपील की है। विधायकों ने कहा कि चालकों को मराठी सीखने के लिए कुछ और समय दिया जाना चाहिए, ताकि भाषा की शर्त के कारण उनकी रोजी-रोटी पर असर न पड़े।
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र में कोचिंग पर सख्ती: 13 साल से छोटे बच्चों के दाखिले पर रोक, नियम तोड़ने पर ₹50 लाख का जुर्माना
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से इस मामले में समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में उदार रवैया अपनाना चाहिए। चालकों को डराने या धमकाने के बजाय उन्हें भाषा सीखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए। शिवसेना नेता ने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच सरकार की कार्रवाई को लेकर डर का माहौल है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में काम करने वाले चालकों को मराठी भाषा की जानकारी होनी चाहिए।
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2,700 से ज्यादा चालकों को नोटिस
परिवहन विभाग ने मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। 20 अगस्त को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने 1,268 चालकों को नोटिस जारी किए। इनमें ज्यादातर ऑटो और टैक्सी चालक थे। इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त को महाराष्ट्र भर में 1,499 गैर-मराठी भाषी चालकों को नोटिस दिए गए। इसके बाद चालकों में कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि सरकार किसी की रोजी-रोटी छीनना नहीं चाहती। सरकार का उद्देश्य महाराष्ट्र की भाषा, पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखना है।
1.65 लाख चालकों को मिल चुका है प्रशिक्षण
सरकार के मुताबिक, 105 दिन चले अभियान के दौरान करीब 1.65 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें प्रमाणपत्र भी जारी किए गए। सरकार का कहना है कि इस अभियान को अच्छा समर्थन मिला है। हालांकि, शिवसेना के कई विधायकों का कहना है कि जिन चालकों ने अभी तक भाषा नहीं सीखी है, उन्हें कुछ और समय दिया जाना चाहिए।
विधायकों ने अपने क्षेत्रों में शुरू कराईं कक्षाएं
शिवसेना विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों में चालकों के लिए मराठी की कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं। कुर्ला से विधायक मंगेश कुडालकर ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में चालकों के लिए मराठी की कक्षाएं शुरू कराईं। उनके मुताबिक, करीब 60 से 70 प्रतिशत चालक परिवहन विभाग की भाषा कक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। कुडालकर ने कहा कि चालकों के लिए मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी है, लेकिन उन्हें इसे सीखने के लिए पर्याप्त समय भी मिलना चाहिए। उन्होंने परिवहन मंत्री से समय बढ़ाने का अनुरोध किया है। चांदीवली से शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने भी अपने क्षेत्र में मराठी कक्षाओं के लिए दो हॉल की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि 4,730 चालकों ने भाषा की परीक्षा पास की है। लांडे खुद एक ऑटो यूनियन से जुड़े हैं, जिसमें करीब 1,840 सदस्य हैं।
यह भी पढ़ें- कर्नाटक: IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के घर पर ED की रेड, तीन घंटे इंतजार के बाद डुप्लीकेट चाबी से खुला फ्लैट
अंधेरी में 5,130 चालकों ने पास की परीक्षा
अंधेरी ईस्ट से शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 5,200 चालकों ने मराठी भाषा का प्रशिक्षण लिया, जिनमें से 5,130 ने परीक्षा पास कर ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से इस मुद्दे पर बात की है। मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया है कि ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। मुर्जी पटेल के क्षेत्र में उत्तर भारतीय मतदाताओं की संख्या करीब 65 हजार बताई गई है।
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शिवसेना नेता संजय निरुपम ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से इस मामले में समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में उदार रवैया अपनाना चाहिए। चालकों को डराने या धमकाने के बजाय उन्हें भाषा सीखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए। शिवसेना नेता ने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच सरकार की कार्रवाई को लेकर डर का माहौल है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में काम करने वाले चालकों को मराठी भाषा की जानकारी होनी चाहिए।
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2,700 से ज्यादा चालकों को नोटिस
परिवहन विभाग ने मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। 20 अगस्त को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने 1,268 चालकों को नोटिस जारी किए। इनमें ज्यादातर ऑटो और टैक्सी चालक थे। इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त को महाराष्ट्र भर में 1,499 गैर-मराठी भाषी चालकों को नोटिस दिए गए। इसके बाद चालकों में कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि सरकार किसी की रोजी-रोटी छीनना नहीं चाहती। सरकार का उद्देश्य महाराष्ट्र की भाषा, पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखना है।
1.65 लाख चालकों को मिल चुका है प्रशिक्षण
सरकार के मुताबिक, 105 दिन चले अभियान के दौरान करीब 1.65 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें प्रमाणपत्र भी जारी किए गए। सरकार का कहना है कि इस अभियान को अच्छा समर्थन मिला है। हालांकि, शिवसेना के कई विधायकों का कहना है कि जिन चालकों ने अभी तक भाषा नहीं सीखी है, उन्हें कुछ और समय दिया जाना चाहिए।
विधायकों ने अपने क्षेत्रों में शुरू कराईं कक्षाएं
शिवसेना विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों में चालकों के लिए मराठी की कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं। कुर्ला से विधायक मंगेश कुडालकर ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में चालकों के लिए मराठी की कक्षाएं शुरू कराईं। उनके मुताबिक, करीब 60 से 70 प्रतिशत चालक परिवहन विभाग की भाषा कक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। कुडालकर ने कहा कि चालकों के लिए मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी है, लेकिन उन्हें इसे सीखने के लिए पर्याप्त समय भी मिलना चाहिए। उन्होंने परिवहन मंत्री से समय बढ़ाने का अनुरोध किया है। चांदीवली से शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने भी अपने क्षेत्र में मराठी कक्षाओं के लिए दो हॉल की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि 4,730 चालकों ने भाषा की परीक्षा पास की है। लांडे खुद एक ऑटो यूनियन से जुड़े हैं, जिसमें करीब 1,840 सदस्य हैं।
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अंधेरी में 5,130 चालकों ने पास की परीक्षा
अंधेरी ईस्ट से शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 5,200 चालकों ने मराठी भाषा का प्रशिक्षण लिया, जिनमें से 5,130 ने परीक्षा पास कर ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से इस मुद्दे पर बात की है। मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया है कि ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। मुर्जी पटेल के क्षेत्र में उत्तर भारतीय मतदाताओं की संख्या करीब 65 हजार बताई गई है।