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SFI-ABVP झड़प पर सियासत: जादवपुर यूनिवर्सिटी में लगे राष्ट्र विरोधी नारे, दिलीप घोष बोले- दोबारा किया तो...
Fri, 21 Aug 2026 03:39 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 21 Aug 2026 03:39 PM IST
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दिलीप घोष, मंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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पश्चिम बंगाल के पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में फिर से देशविरोधी नारे लगाए गए, तो वहां दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक होगी।
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कब दिया यह बयान?
उनका यह बयान सीपीआई(एम) के छात्र संगठन 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) और आरएसएस से जुड़े 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई दो बार की झड़पों के बाद आया है। ये झड़पें पहले बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हुई। इसके बाद फिर गुरुवार शाम में हुईं।
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दिलीप घोष ने क्या कहा?
घोष ने शुक्रवार को कहा, 'पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने वर्षों तक कैंपस के अंदर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। तब किसी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं की। हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पहले भी कैंपस के अंदर ऐसी देश-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने की कोशिश की थी। हमने उनसे कैंपस के अंदर ऐसी सभी गतिविधियों को तुरंत रोकने के लिए कहा था। अगर वहां देश-विरोधी गतिविधियां देखी गईं या फिर से देश-विरोधी नारे लगाए गए, तो वहां दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक होगी।'
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उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदल गई है। राज्य में नई भाजपा सरकार जेयू कैंपस के अंदर ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
जांच के लिए क्या फैसला लिया गया?
इस बीच, जेयू प्रशासन ने कैंपस के अंदर और बाहर हुई दो झड़पों की जांच के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। इन झड़पों में मशहूर चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा डिजाइन किया गया जादवपुर यूनिवर्सिटी का प्रतीक-चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया था। नंदलाल बोस आधुनिक भारतीय कला के अग्रदूतों में से एक और 'संदर्भ-आधारित आधुनिकतावाद' के प्रमुख व्यक्ति थे।
यूनिवर्सिटी कैंपस में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार दोपहर 3 बजे जेयू के सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ एक बैठक बुलाई गई थी। साथ ही, वामपंथी छात्र संगठनों ने दिन में बाद में कैंपस के अंदर एक जुलूस निकालने का आह्वान किया है।
वहीं, जेयू के शिक्षकों के एक संगठन ने झड़पों और यूनिवर्सिटी के प्रतीक-चिह्न को हुए नुकसान की निंदा करते हुए शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच विरोध प्रदर्शन बुलाया है। जेयू के सभी मौजूदा और पूर्व शिक्षकों को इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?
कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने भी जादवपुर की घटना की निंदा की है। एक बयान में उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक मकसद वाले और बेईमान लोगों की हरकतों से भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक की गरिमा को धूमिल नहीं होने दिया जाना चाहिए।