हथिनीकुंड बैराज हादसा: 25 घंटे बाद मिला अखनूर के पैरा कमांडो अजय भगत का शव, परिवार पर ढाया दुखों का पहाड़
हथिनीकुंड बैराज में मॉकड्रिल के दौरान नाव पलटने से नदी में बहे अखनूर के पैरा कमांडो अजय भगत का शव करीब 25 घंटे बाद बरामद हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में सैन्य मॉकड्रिल के दौरान जान गंवाने वाले पैरा कमांडो अजय कुमार भगत का शव बरामद होने की सूचना मिलते ही अखनूर में शोक की लहर दौड़ गई। नई बस्ती नड निवासी अजय कुमार भगत (25) पैरा-1 एसएफ में तैनात थे। वह चार बहनों के इकलौते भाई थे। देश सेवा करते उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बीते मंगलवार शाम हथिनीकुंड बैराज में सेना के विशेष कमांडो मॉकड्रिल कर रहे थे। चिनूक हेलिकॉप्टर से पांच जवान बैराज क्षेत्र में उतरे। अभ्यास के दौरान मोटर बोट का इंजन फेल होने से नाव तेज बहाव में पलट गई। तीन जवान तैरकर सुरक्षित निकल आए। अजय सहित एक और कमांडो पानी के तेज बहाव में बह गए।
करीब 25 घंटे बाद बुधवार देर शाम उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव के पास नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में अजय का शव फंसा मिला। स्थानीय लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही सेना के जवान मौके पर पहुंचे और शव बाहर निकालकर कार्रवाई शुरू की। अजय के पिता बिट्टूराम ने मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण किया और बेटे को पढ़ाया।
अजय ने अखनूर बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और सेना में भर्ती हुए। वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटे थे। परिजन के अनुसार अजय की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं है। अजय चार बहनों के इकलौते भाई थे। परिवार ने बेहद कठिन आर्थिक परिस्थितियां देखी हैं। सेना में भर्ती होने के बाद अजय परिवार का सहारा बने और घर के हालात धीरे-धीरे सुधरने लगे थे लेकिन हादसे की खबर ने परिवार को फिर गहरे संकट और सदमे में डाल दिया है। अजय के शहीद होने की सूचना मिलते ही नई बस्ती नड़ और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। वीरवार को भी दिनभर ग्रामीण, युवा और महिलाएं परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचते रहे। पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।
यमुना में डूबे पैरा कमांडो महाराष्ट्र के रोहित का शव जींद की हांसी ब्रांच नहर में मिला
हथिनीकुंड बैराज पर अभ्यास के दौरान यमुना में डूबे वन पैरा स्पेशल फोर्स के दो कमांडो में महाराष्ट्र निवासी रोहित नारायण पाटिल का शव करीब 43 घंटे बाद वीरवार को जींद की हांसी ब्रांच नहर में बरामद हो गया। बैराज से करीब 200 किलोमीटर दूर मिले शव को सेना के हेलिकॉप्टर से पैतृक गांव ले जाया गया है। हालांकि सेना की ओर से जवानों के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर
बाइक रैली निकालकर श्रद्धांजलि देंगे युवा : परिजन के अनुसार अजय का पार्थिव शरीर चार सितंबर सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच अखनूर के पास रक्ख मुट्ठी सैन्य क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। इसके बाद स्थानीय युवा मोटरसाइकिल रैली के साथ श्रद्धांजलि मार्च निकालते हुए पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नई बस्ती नड़ लेकर जाएंगे। सैन्य सम्मान और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।