स्वाभिमान से
ईमान से
समझौता मैं कर नहीं सकता
स्वदेश बिना मैं रह नहीं सकता
झूठ मैं कह नहीं सकता
झूठ मैं सह नहीं सकता
सच कहने से दिल का बोझ उतर जाता है
झूठ छुपाने से दिल पर बोझ चहड़(चढ़ )जाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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