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                                                                           आइना सामने रख्खोगे तो याद आऊँगा
अपनी ज़ुल्फ़ों को सँवारोगे तो याद आऊँगा

रंग कैसा हो ये सोचोगे तो याद आऊँगा
जब नया सूट ख़रीदोगे तो याद आऊँगा

भूल जाना मुझे आसान नहीं है इतना
जब मुझे भूलना चाहोगे तो याद...और पढ़ें
23 hours ago
                                                                           सब को बचाओ ख़ुद भी बचो फ़ासला रखो
अब और कुछ करो न करो फ़ासला रखो

ख़तरा तो मुफ़्त में भी नहीं लेना चाहिए
घर से निकल के मोल न लो फ़ासला रखो

फ़िलहाल इस से बचने का है एक रास्ता
वो ये कि इस से बच के रहो फ...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           बिछड़े अपने,  रूह में मेरी समाते हैं
चाह कर भी हम भुला उनको न पाते हैं

आज तक भी हम बिछड़ कर उनसे ज़िंदा है
जिस्म का क्यूँ बोझ हम अब भी उठाते हैं

ख़ामुशी की इस ज़ुबाँ में यादें हैं उनकी
यादों के ग़म र...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           यार क्यूँ हम भी प्यार कर बैठे
दिल तुम्हीं पर निसार कर बैठे

कुछ न हासिल हुआ मोहब्बत में
दिल ही अपना फ़िगार कर बैठे

तुम पे कितना यकीं था हमको तो
झूठ पर  ए'तिबार कर बैठे

तुम न अहद-ए-व...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           
दिल की गली में चाँद निकलता रहता है
एक दिया उम्मीद का जलता रहता है

जैसे जैसे यादों कि लौ बढ़ती है
वैसे वैसे जिस्म पिघलता रहता है

सरगोशी को कान तरसते रहते हैं
सन्नाटा आवाज़ में ढलता रहता है...और पढ़ें
7 hours ago
                                                                           न धूप की तेजी
न अंधेरे का साया
मैं वो रंग हूँ
जो सबके मन को भाया

शाम भी मुस्कुराकर कहती है
न दिन हूँ न रात हूँ
मैं सबसे खास हूँ
मैं शाम हूँ

न मैं अंधेरा हूँ
न मैं उजाला हू...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           हमें आज के ज़माने में भी किरदार-पेशी की क्या ज़रूरत है भला...
हमने तो भरी जवानी में भी अपने जिस्म को उसकी ही ज़रूरत से महरूम रखा...
क्योंकि उस पर हक़ उनका था जिन्होंने हमारी ज़ुल्फ़ों को तक नहीं छुआ थाऔर पढ़ें
19 hours ago
                                                                           कुछ भी कहने से हम कतरा रहे हैं
वो बेख़ौफ़ होकर कहे जा रहे हैं।

गर्दिश में जिनको दिया था सहारा
वही हाथ छोड़े चले जा रहे हैं।

वफाओं की जिनसे थी उम्मीद हमको
वो गम का सियापा दिए जा रहे हैं।

म...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           हर कोई चाहता है तेरे दिल में रहना
पर तू, हर किसी को कहाँ नसीब होता है।।
जैसे हर गुलसिता चाहता है एक गुलाब
पर उसे गुलाब कहाँ नसीब होता है
दिल चाहता है तेरी मुस्कुराहट की वजह बनू
पर तेरी मुस्कुराहट के पीछे तो, एक राज...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           भाषा को सौंदर्य बढ़ावन
प्राण सींचित करके लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी,समर्पण भाव लक लिखू।।

सागर ला गहराई मांगू।
बादलों ला ऊंचाई मांगू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी,बहारों ला सौंदर्य मांग...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           बाद में करना है आराम
तो आज करो तुम अपना काम।

रोजगार पाना है कल
तो आज परिश्रम करो जीभर।

पानी है अपनी पहचान
तो लगन से करो उसके लिए काम।

आज कर लिए तुम आराम
तो बाद मे होगा जीवन हराम...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           जिसे भी चाहो उसे सताना अच्छा लगता हैं।।
गलियों गलियों एक दीवाना अच्छा लगता है।।
दिल की इस दुनियाँ में भी कुछ तो बेहतर है,,
तितली बनके फूल पकड़ना अच्छा लगता है।।
छूने से गर मैला हो तन तो फिर क्या है बात,,
आंखों के बस...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           चाहता हूं मैं स्वदेश पर सब कुछ लुटाऊं
स्वदेश के लिए कुछ तो काम मैं आऊं
स्वदेश को और सुंदर मैं बनाऊं
स्वदेश को प्रथम स्थान पर मैं लाऊं
पर अकेले तो होगा नहीं, तो एकता लाऊं
और स्वदेश को सुंदरतम मैं बनाऊं
स्वदेश...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           फ़न और हुनर तो बस एक यही है सीखने का
कि क्या सीखना है और क्या नहीं है सीखने का
-एन. आर. कस्वाँ...और पढ़ें
19 hours ago
                                                                           करूं भी अब क्या हमें बर्बाद होना पड़ेगा मिटा कर अरमां सारे जश्न ए बर्बादी अब तो हमें मानना पड़ेगा
मिल कर तुमसे दिल से जुदा ना हो पाएं हम कभी होकर मायूस अपनी जिंदगी से दर्द और बढ़ाना पड़ेगा
मत जाना तुम मेरी नादानियों पर किया यकीं जिस पर...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           मधुशाला का नज़ारा क्या खूब लगता है,
सुबह जो छिपा रहे, शाम को दिखता है।
दिन ढले तो महफ़िल का रंग निराला है,
हर गली में खुलती एक छोटी मधुशाला है!

इंसान को दीवाना बनाती ये बोतलें,
खुद तो नहीं नाचतीं, सबको नचाती...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           बेबसी अपनी जगह है आशिक़ी अपनी जगह।।
याद सब अपनी जगह है जिंदगी अपनी जगह।।
ख़्वाब की आधी अधूरी अब सूरते क्या देखते ,,
ख़्वाहिशें अपनी जगह है चाँदनी अपनी जगह।।
रात के इस पहर से तुम रात के उस पहर तक,,
दरिया ये अपनी जगह ह...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           इश्क में झूठ बेईमानी धोखा और हत्या इन सबको तू किनारे रख,
तू है बड़ा मासूम अपने इस मासूमियत को भी दूर तू बेचारे रखें,
सचमुच जिस इश्क के नाम पर जमाना दीवानों को छोड़ देता है बेसहारा,
दीवाने जीते भी हैं और मरते भी हैं खुद को उसी इश्...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           कभी खुशी तो कभी गम
कभी आशा तो कभी निराशा
कभी सुख तो कभी दुःख
सब समय का खेल।

कभी दिन कभी रात
कभी सर्द तो कभी गर्म
कभी वर्षा तो कभी सूखा
सब समय का खेल है।

कभी तेज़ तो कभी धीरे...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           पशु पक्षी के झुंड से, गाँव, देश, परिवार।
एक स्वार्थ की डोर से, आज जुड़े हैं यार।
-पुरुषोत्तम श्रीवास्तव 'पुरु'...और पढ़ें
19 hours ago
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