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स्वदेश को विकसित बनाऊं

                
                                                         
                            चाहता हूं मैं स्वदेश पर सब कुछ लुटाऊं
                                                                 
                            
स्वदेश के लिए कुछ तो काम मैं आऊं
स्वदेश को और सुंदर मैं बनाऊं
स्वदेश को प्रथम स्थान पर मैं लाऊं
पर अकेले तो होगा नहीं, तो एकता लाऊं
और स्वदेश को सुंदरतम मैं बनाऊं
स्वदेश को स्वर्ग से सुंदर मैं बनाऊं
नालंदा,विक्रम शिला, तक्षशिला वापस लाऊं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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2 दिन पहले

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