लिखने में
असली में
अंतर होता है
अनुभूति,
प्रतिभूति,
अहसासों का
समुद्र होता है।
शब्दों में कहाँ
दर्द उतरता है,
जो मन भीतर
सहता है।
कागज़ पर लिखना
आसान बहुत है,
पर जीवन को जीना
इम्तिहान होता है।
चेहरे पर मुस्कान
सब लिख देते हैं,
आँखों में छिपा दर्द
कोई पढ़ता नहीं।
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