सदियों से चली आई ये
परंपरा नारी सम्मान की
ओढ़नी संस्कार की ये
परिपाटी है मर्यादा की
जीवन के रंगों में रंगी ये
ओढ़नी है श्रंगार सी
नारी का सम्मान ओढ़नी
संस्कारों के निर्वाह सी ।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X