इश्क में झूठ बेईमानी धोखा और हत्या इन सबको तू किनारे रख,
तू है बड़ा मासूम अपने इस मासूमियत को भी दूर तू बेचारे रखें,
सचमुच जिस इश्क के नाम पर जमाना दीवानों को छोड़ देता है बेसहारा,
दीवाने जीते भी हैं और मरते भी हैं खुद को उसी इश्क के सहारे रख
-मनस्व
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