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दीवाना अच्छा लगता है।

                
                                                         
                            जिसे भी चाहो उसे सताना अच्छा लगता हैं।।
                                                                 
                            
गलियों गलियों एक दीवाना अच्छा लगता है।।
दिल की इस दुनियाँ में भी कुछ तो बेहतर है,,
तितली बनके फूल पकड़ना अच्छा लगता है।।
छूने से गर मैला हो तन तो फिर क्या है बात,,
आंखों के बस सामने रहना अच्छा लगता हैं।।
कहते सुना हैं झूठा है सब दौलत हो या इश्क़,,
झूठ सही पर दिल बहलाना अच्छा लगता हैं।।
कहना चाहे दिल की अपनी लेकिन चुप है वो,,
बात बात पर आँख मिलाना अच्छा लगता हैं।।
ऐसे कब तक अपने दिल की कह ना पाओगे,,
चाँद की छत पे दिए जलाना अच्छा लगता है।।
सारे जहां में चर्चा है के कोई ना तुझ सा देव,,
फिर भी ना में सर ये हिलाना अच्छा लगता है।।
-सुनील देव
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2 दिन पहले

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