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आज का शब्द: गोपाल और बालकृष्ण शर्मा नवीन की कविता- सलौना वह मन मोहन लाल!

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- गोपाल, जिसका अर्थ है- गौ का पालन पोषण करने वाला, श्रीकृष्ण। प्रस्तुत है बालकृष्ण शर्मा नवीन की कविता- सलौना वह मन मोहन लाल!
                                                                 
                            

देखा बेड़ी पहने मैंने अपना मृदु गोपाल,
अपना मृदु गोपाल, सलौना वह मन मोहन लाल।

वह प्यारे मुख मंडल वाला,
वह तेजस्वी, चपल निराला,
वह गोरा, वह कुछ-कुछ काला,
वह अपनी धुन का मतवाला,
जिसको देख उमड़ आती है, वत्सलता बेहाल,
सलौना वह मन मोहन लाल!
देखा बेड़ी पहने मैंने अपना मृदु गोपाल—
सलौना वह मन मोहन लाल।

वह इठलाता, मृदु मुसकाता,
खनन-खनन करता मदमाता,
इधर-उधर से आता-जाता,
नुपूर के स्वन को शरमाता,
कुलिश बेड़ियाँ झनकाता वह चलता मादक चाल,
सलौना वह मन मोहन लाल।
देखा बेड़ी पहने मैंने अपना मृदु गोपाल,
सलौना वह मन मोहन लाल।

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एक दिन पहले

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