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Lucknow: सर्वे कराया नए रूट का, बस दौड़ा दी 15 साल पुराने रूट पर, नैमिषारण्य बस सेवा का हुआ ट्रायल
Thu, 20 Aug 2026 10:47 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 20 Aug 2026 10:47 AM IST
सफर की दूरी कम करने के लिए नए रूट का सर्वे कराया गया। वर्तमान में लखनऊ से हरदोई व सिधौली के रास्ते नैमिषारण्य तक बसें चलती हैं। सर्वे के बाद बुधवार को बस चलाई गई पर दूरी में कोई कमी नहीं दिखी।
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कैसरबाग से वाया चंद्रिका देवी मंदिर नैमिषारण्य बस सेवा का हुआ ट्रायल।
- फोटो : AI Image
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विस्तार
रोडवेज की टीम ने कैसरबाग से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी के लिए जिस नए रूट का सर्वे कराया उसे खुद ही दरकिनार कर दिया। बुधवार को जब नैमिषारण्य के लिए बस सड़क पर उतारी तो उसे 15 साल पुराने रूट पर दौड़ा दिया। हालांकि इससे अधिकारियों को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसलिए अब दोबारा सर्वे होगा।
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रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र से संबंधित मिनी बसें करीब 15 साल पहले चंद्रिका देवी के रास्ते चलती थीं। सड़कें चौड़ी न होने के कारण बस सीमित थीं और बाद में यह सेवा बंद हो गई। हाल ही में क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने नई बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया। सफर की दूरी कम करने के लिए नए रूट का सर्वे कराया गया। वर्तमान में लखनऊ से हरदोई व सिधौली के रास्ते नैमिषारण्य तक बसें चलती हैं। सर्वे के बाद बुधवार को बस चलाई गई पर दूरी में कोई कमी नहीं दिखी। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने 15 साल पुराने रूट पर बस चलवाई थी। इस दौरान दूरी लगभग 100 किलोमीटर रही जिसका किराया 142 रुपये तक हो सकता है। दूरी कम न होने पर अब दोबारा सर्वे की तैयारी है।
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पुराने रूट पर पड़ाव: करीब 15 साल पहले कैसरबाग से नैमिषारण्य के लिए मिनी बसें चलती थीं। पुराने रूट पर कुल 18 पड़ाव निर्धारित थे।
- बसें मड़ियांव, बीकेटी, चंद्रिकादेवी, सैदापुर से होकर गुजरती थीं। इसके बाद शंकरपुर, बरगदिया, नेवादा, भरावन, अतरौली, गोंडवा, कोथावां, बेनीगंज, प्रतापनगर होते हुए नैमिषारण्य पहुंचती थीं।।
नए रूट और मांग: सर्वे किए गए नए रूट पर बस मड़ियांव, बीकेटी, चंद्रिकादेवी, सैदापुर से जाएगी। यह माल, नेवादा, गोंडवा, हत्याहरण, भैनगांव के रास्ते नैमिषारण्य पहुंचेगी।
- अधिकारियों के मुताबिक नए और पुराने रूट की दूरी में कोई खास अंतर नहीं है। नए रूट पर विकसित क्षेत्रों के नागरिकों को बस सेवा से जोड़ने के लिए सर्वे हुआ था। दूसरी ओर नए रूट के किनारे बसे क्षेत्रों के लोगों ने इस रूट पर दो जोड़ी बसें सुबह चलाने की मांग की है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन का कहना है कि कैसरबाग से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी बस चलाकर यात्रियों को राहत देने की तैयारी है। इसका ट्रायल बुधवार को किया गया है। दोनों रूटों की फिजिबिलिटी आदि जांचकर जल्द ही सेवा को नियमित किया जाएगा।