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एमपी में मानसून का 'तांडव': सिवनी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट, नदियों के उफान से 16 जिलों में बाढ़ का खतरा

Sat, 22 Aug 2026 07:47 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sat, 22 Aug 2026 07:47 AM IST
सार
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MP Weather: मध्यप्रदेश में सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों के असर से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बरगी बांध के 13 गेट खोलने से नरसिंहपुर में नर्मदा का जलस्तर बढ़ा है। पढ़ें पूरी खबर...

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Madhya Pradesh Weather Update Heavy Rain Alert in 16 Districts Dams Overflow Amid Rising River Levels
मध्य प्रदेश मौसम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। मानसून की द्रोणिका, चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का मजबूत दौर बना हुआ है।  खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में तेज बारिश हो रही है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। शनिवार को मौसम विभाग ने 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें सिवनी और बालाघाट में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान है। दोनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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सागर संभाग और पूर्वी हिस्से पर सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश का असर सागर संभाग समेत प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखाई दे रहा है। दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भी भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।
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तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय, 24 अगस्त तक असर
 मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार इस समय प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी हिस्से के साथ उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में भी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है। 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं। यानी आने वाले दिनों में बारिश का असर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बढ़ सकता है।
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बांधों के गेट खुले, नदियों का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। जबलपुर के बरगी बांध के 13 गेट खोले गए हैं। इससे नरसिंहपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पन्ना के तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के दो गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हैं।

कई जिलों में सड़क और गांवों का संपर्क प्रभावित
पन्ना में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार और शनिवार को स्कूल बंद रखे गए। जिले में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदियां उफान पर हैं।
सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आने से सेमरिया रोड बंद हो गया है। 

प्रदेश में अब तक 24 इंच बारिश, सामान्य से 3 इंच कम
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से अब तक 609.2 मिलीमीटर यानी करीब 24 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 685.3 मिलीमीटर यानी 27 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी करीब 3 इंच बारिश की कमी है। दरसल प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 10 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 12 प्रतिशत बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है।

39 जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 19 प्रतिशत तक है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में भी 5 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1 से 37 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

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16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 16 जिलों में इस सीजन अब तक सामान्य से अधिक पानी गिरा है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।

जून की कमी जुलाई-अगस्त की बारिश से भी पूरी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के अंतिम हिस्से में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश बढ़ाई है, लेकिन इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में बारिश अभी सामान्य से 13 प्रतिशत कम है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
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