फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP Launches 351 New Buses with CCTV, Panic Buttons; 15,000-Bus Target by 2031

एमपी में आज से 351 बसों की दौड़, सीसीटीवी-पैनिक बटन से लैस; 15 हजार बसों का लक्ष्य, गडकरी-सीएम करेंगे शुभारंभ

Fri, 25 Sep 2026 09:03 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 25 Sep 2026 09:03 AM IST
सार
Register For Event

मध्यप्रदेश में आज से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत होगी। पहले चरण में सात शहरों से 351 बसें चलेंगी, जिनमें CCTV, पैनिक बटन और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं होंगी। भोपाल के दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकार ने 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा है।

विज्ञापन
MP Launches 351 New Buses with CCTV, Panic Buttons; 15,000-Bus Target by 2031
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम दिखाएंगे बसों को हरी झंडी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में आज यानी 25 सितंबर से सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव शुरू होने जा रहा है। लंबे अंतराल के बाद प्रदेश में गांवों और शहरों को बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आगाज होगा। भोपाल के गोविंदपुरा स्थित दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत करेंगे। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों से 351 बसें सड़क पर उतरेंगी। सरकार का दावा है कि यह सिर्फ नई बसें शुरू करने की योजना नहीं है, बल्कि बस संचालन को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और रियल टाइम निगरानी से जोड़ने की कोशिश है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: प्रदेश में मुफ्त रजिस्ट्री पर पटवारियों का विरोध जारी, सरकार के साथ बैठक बेनतीजा
विज्ञापन


सात शहरों से 351 बसों से शुरुआत 
पहले चरण में सबसे ज्यादा बसें इंदौर में 145 और भोपाल में 106 चलेंगी। जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें शुरू होंगी। इनमें शहर के भीतर चलने वाली इंट्रासिटी और शहरों को जोड़ने वाली इंटरसिटी बसें शामिल हैं। इंदौर में 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, जबकि भोपाल में 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसों का संचालन होगा। रीवा, देवास, कटनी और भिंड में फिलहाल इंटरसिटी सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- एमपी: 106 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में पहली बार शुरू हुई भोजनशाला, नौ हजार विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक आहार

बस में सुरक्षा की कई परतें 
इस सेवा की खासियत सिर्फ बसों की संख्या नहीं, बल्कि इनमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक भी है। बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर महिलाओं और बच्चों समेत सभी यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है। यात्रा के दौरान बस कहां पहुंची, इसकी जानकारी भी तकनीक के जरिये मिल सकेगी। बसों में पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकेगी।


ये भी पढ़ें- सात शहरों की 351 बसों को गडकरी-सीएम कल दिखाएंगे हरी झंडी; 21 साल बाद सुगम परिवहन सेवा का आगाज

कंट्रोल रूम से होगी बसों की निगरानी
बसों को सिर्फ सड़क पर उतारकर छोड़ने के बजाय उनके संचालन पर कमांड सेंटर से नजर रखी जाएगी। इसके लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का इस्तेमाल होगा। बस की लोकेशन, संचालन और समयबद्धता की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। हर बस में लगी लोकेशन ट्रैकिंग व्यवस्था से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित रूट पर कहां चल रही है। किसी आपात स्थिति में पैनिक बटन के जरिये मदद मांगी जा सकेगी। 

ये भी पढ़ें-  70 हजार शिक्षकों की बढ़ सकती है सैलरी: मिल सकता है लाखों का एरियर, हाईकोर्ट ने सरकार को 4 हफ्ते दिए

पहले साल 1500, लक्ष्य 15 हजार बसों का
सरकार ने इस सेवा को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना बनाई है। पहले वर्ष 1500 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इसके बाद हर साल करीब 2500 से 3000 बसें बढ़ाने की योजना है। वर्ष 2031 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। सेवा के विस्तार में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को भी शामिल किया गया है। निजी बस ऑपरेटरों को सेवा से जोड़ने के साथ आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का इस्तेमाल कराया जाएगा। ऑपरेटरों के लिए विज्ञापन और कार्गो जैसी गैर-किराया आय के विकल्प भी रखे जाएंगे। 

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: एमपी भाजपा के नए संगठन महामंत्री होंगे चंद्रशेखर, हितानंद की वापसी से खाली था पद; जानें कौन हैं

ड्राइवरों की ट्रेनिंग और शिकायतों के समाधान पर भी जोर
बसों के सुरक्षित संचालन के लिए चालकों को तकनीकी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यात्रियों की शिकायतों के जल्द समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित करने की भी योजना है। यानी आज शुरू होने वाली 351 बसें इस योजना का पहला कदम हैं। असली परीक्षा इसके आगे के विस्तार, बसों की नियमितता, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच और यात्रियों को सुरक्षित व समय पर सेवा मिलने की होगी। सरकार के 15 हजार बसों के लक्ष्य तक पहुंचने के साथ यह सेवा प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन का बड़ा नेटवर्क तैयार कर सकती है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed