दुनिया के अलग-अलग देशों में कई जनजातियां रहती हैं। इनमे बाहरी दुनिया से अलग रहने वाली इन जनजातियों में कई बेहद खतरनाक है। यह अपने इलाके में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश करना बर्दाश्त नहीं करतीं और आक्रामक रुख रखती हैं। यह जनजातियां अपनी परंपराओं, रहन-सहन और खान-पान के लिए जानी जीता हैं। यह अभी हजारों साल पुरानी अपनी परंपराओं का पालन करती हैं।
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दुनिया भर में अलग-अलग जनजातियां पाई जाती हैं, जिनमें कई बेहद खतरनाक है। हजारों साल पुरानी परंपराओं का पालन करने वाली जनजातियां अपने इलाके में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश करना बर्दाश्त नहीं करतीं हैं।
मुर्सी जनजाति
दुनिया की सबसे खतरनाक जनजातियों में इथियोपिया की खूंखार मुर्सी जनजाति की भी गिनती होती है। मुर्सी जनजाति के लोग किसी की पलभर में हत्या कर देते हैं। किसी को मार देना इस जनजाति में मर्दानगी की निशानी मानी जाती है। दक्षिण इथियोपिया और सूडान बॉर्डर की ओमान घाटी में यह खूंखार जनजाति रहती है। मुर्सी जनजाति की उग्र छवि की मुख्य वजह उनकी हिंसक परंपराएं और बाहरी लोगों के प्रति आक्रामक रुख है।
मुर्सी जनजाति में लड़कियों के जवान होने पर उनके निचले होंठ में एक गहरा छेद कर दिया जाता है। महिलाओं के निचले होंठ में बॉडी मॉडिफिकेशन प्रक्रिया के तहत लकड़ी या मिट्टी की डिस्क पहना दी जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि लड़कियां बुरी नजर से बच सकें। वह मानते हैं कि इससे महिलाओं की सुंदरता कम हो जाती है और वह कम आकर्षक लगती हैं। यह प्रक्रिया बहुत दर्दनाक होती है।
मुंदरी जनजाति
यह जनजाति भी बेहद खतरनाक मानी जाती है। यह गायों से इतना प्रेम करती है, उनके लिए किसी की जान भी ले सकती है। गायों को रक्षा के लिए इस जनजाति के लोग अपने पास एके-47 जैसे खतरनाक हथियार रखते हैं। यह जनजाति अफ्रीकी देश सूडान में रहती है, जो गाय को अपना सबकुछ मानती है। सूडान के मुंदरी जनजाति के इलाके में गायों पर कोई खतरा आ जाए, तो लोग जान लेकर या जान देकर गाय की रक्षा करते हैं।
मुंदरी जनजाति के लोग गाय को अपनी जिंदगी मानते हैं। इस जनजाति में जिनके पास गाय नहीं होती है, उनको मृतक जैसा समझा जाता है। इस जनजाति के लोग गायों को बहुत ज्यादा मानते हैं, क्योंकि वह गायों को पैसों का भंडार मानते हैं। इस जनजाति में गो हत्या सबसे बड़ा पाप माना जाता है।
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फोर जनजाति
दुनियी की खतरनाक जनजातियों में इस जनजाति का भी नाम शामिल है। यह जनजाति अपने एक अजीबोगरीब रिवाज के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। इसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। जनजाति में शख्स के अंतिम संस्कार के समय इंसान के दिमाग को खाने की परंपरा थी। ब्रिटेन और पापुआ न्यू गिनी में फोर जनजाति रहती है। इस जनजाति पर वैज्ञानिकों ने शोध किया है, जिसमें हैरान करने वाला खुलासा हुआ था।
इस जनजाति के खाने में मृत रिश्तेदारों का दिमाग भी शामिल था। अब इन्होंने कुरू नाम की बीमारी के लिए आनुवंशिक प्रतिरोधक क्षमता का विकास कर लिया है। मैड काउ डिजीज से यह बीमारी मिलती जुलती है। इस शोध की मदद से पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया जैसे प्रायन रोगों का नया इलाज खोजा सकता है।
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यानोमानी जनजाति
दक्षिण अमेरिका में यानोमानी जनजाति रहती है,जिसे यानम या सेनेमा के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण अमेरिका के अलावा यह जनजाति वेनेजुएला और ब्राजील के कुछ इलाकों में भी पाई जाती है। इस आदिवासी जनजाति की सभ्यता पश्चिमी सभ्यता से बिल्कुल उलट है। यह जनजाति अपनी संस्कृति और परंपराओं का पालन करती है।
जनजाति में अंतिम संस्कार करने की अनोखी परपंरा है, जिसे एंडोकैनिबेलिज्म कहा जाता है। परंपरा का पालन करने के लिए जनजाति के लोग अपने परिवार के मृतक शख्स का मांस खाते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनजाति में किसी की मौत होने पर उसके शव को पत्तों और दूसरी चीजों से ढक कर रख दिया जाता है। इसके बाद जो शरीर बच जाता है उसे जला दिया जाता है। इसके बाद बची राख सूप बनाकर जनजाति के लोग पीते हैं। ऐसा वह अपनी परंपराओं की वजह से करते हैं।