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एनपीएस या म्यूचुअल फंड, निवेश के लिए कौन सा है बेस्ट? यहां समझें किसमे मिल सकता है अधिक रिटर्न
Wed, 26 Aug 2026 04:27 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Wed, 26 Aug 2026 04:27 PM IST
High Return Mutual Funds: जब भी निवेश की बात आती है तो लोगों के मन में एक बड़ा सवाल आता है कि NPS और म्यूचुअल फंड में कौन सा बेस्ट है। अगर आपके दिमाग में भी ये सवाल आ रहा है तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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एनपीएस बनाम म्यूचुअल फंड
- फोटो : AI
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NPS vs Mutual Fund: रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड बनाना हो या अपने सपनों को पूरा करने के लिए पैसे जोड़ने हों, अक्सर लोग एक जगह आकर उलझ जाते हैं- NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में पैसा लगाएं या म्यूचुअल फंड में? कहने को तो दोनों ही जगह आपका पैसा बाजार के भरोसे बढ़ता है, लेकिन दोनों का स्वभाव और काम करने का तरीका एक-दूसरे से काफी अलग है।
पैसे लॉक होने और निकालने का झंझट
- फोटो : अमर उजाला
पैसे लॉक होने और निकालने का झंझट
- नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश के बाद पैसा को निकालने कुछ कड़े नियम और शर्तें होती हैं, इसलिए इसमें पैसा एक तरह से लॉक हो जाता है।
- यह खास रिटायरमेंट के लिए बना है, इसलिए आमतौर पर आपका पैसा 60 साल की उम्र तक इसिमें लॉक रहता है।
- वहीं म्यूचुअल फंड में आपको पैसे निकालने की पूरी आजादी मिलती है। इमरजेंसी आने पर आप जब चाहे अपना पैसा निकाल सकते हैं।
- म्यूचुअल फंड में सिर्फ टैक्स बचाने वाली स्कीम पर 3 साल की छोटी सी पाबंदी होती है, जिसके बाद पैसा निकाला जा सकता है।
कमाई और जोखिम का खेल (रिटर्न)
- फोटो : AdobeStock
कमाई और जोखिम का खेल (रिटर्न)
- म्यूचुअल फंड में अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क लेते हैं, तो इक्विटी में आपका 100% पैसा शेयर बाजार में लगता है।
- लंबे समय में यह 12% से 15% या उससे भी ज्यादा का मुनाफा दे सकता है।
- वहीं एनपीएस ज्यादा सुरक्षित रास्ता चुनता है। इसमें शेयर बाजार में पैसा लगाने की एक तय सीमा (ज्यादा से ज्यादा 75%) होती है।
- बाकी पैसा सरकारी बॉन्ड जैसी सुरक्षित जगहों पर लगता है, जिससे औसतन 9% से 12% तक का संतुलित रिटर्न आसानी से मिल जाता है।
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टैक्स में बचत की चाबी
- फोटो : AdobeStock
टैक्स में बचत की चाबी
- NPS में धारा 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा के अलावा 50,000 रुपये की अलग से एक्सट्रा टैक्स छूट मिलती है।
- अगर कंपनी भी आपकी तरफ से इसमें योगदान दे रही है, तो उस पर अलग टैक्स फायदा मिलता है।
- वहीं म्यूचुअल फंड में सिर्फ ELSS फंड में ही 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
- इसके अलावा, इक्विटी फंड पर 1.25 लाख रुपये से ज्यादा के मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना पड़ता है।
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60 साल के बाद पैसा कैसे मिलेगा
- फोटो : AdobeStock
60 साल के बाद पैसा कैसे मिलेगा
नोट- अगर आपकी प्राथमिकता सख्त अनुशासन के साथ रिटायरमेंट फंड बनाना और ज्यादा टैक्स बचाना है, तो NPS सबसे बढ़िया है। वहीं, अगर आप बिना किसी रुकावट के ज्यादा रिटर्न और पैसों की आजादी चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए बेहतर विकल्प रहेगा।
अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और जोखिमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
- NPS में 60 की उम्र होने पर आप कुल जमा का 60% हिस्सा एक बार में टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं।
- बाकी बचे 40% हिस्से से आपको हर महीने पेंशन मिलती रहेगी।
- वहीं म्यूचुअल फंड में 60 साल तक रुकने की कोई मजबूरी नहीं है।
- आप जब चाहें पूरी रकम एक साथ निकालकर अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च कर सकते हैं।
नोट- अगर आपकी प्राथमिकता सख्त अनुशासन के साथ रिटायरमेंट फंड बनाना और ज्यादा टैक्स बचाना है, तो NPS सबसे बढ़िया है। वहीं, अगर आप बिना किसी रुकावट के ज्यादा रिटर्न और पैसों की आजादी चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए बेहतर विकल्प रहेगा।
अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और जोखिमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।