मकान किराए पर देना आमदनी का अच्छा जरिया हो सकता है, लेकिन बिना जरूरी सावधानी के यही काम बाद में परेशानी का कारण भी बन सकता है। किराएदार चुनते समय सिर्फ उसकी नौकरी या किराया देने की क्षमता देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
{"_id":"6aa16d1b2bfb4b803b06ae5a","slug":"things-to-keep-in-mind-while-renting-out-your-house-to-avoid-future-problems-2026-09-09","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"घर किराए पर देते समय सावधान: मकान मालिक ध्यान दें! एक छोटी सी गलती और पड़ सकते हैं दिक्कत में","category":{"title":"Utility","title_hn":"जरूरत की खबर","slug":"utility"}}
घर किराए पर देते समय सावधान: मकान मालिक ध्यान दें! एक छोटी सी गलती और पड़ सकते हैं दिक्कत में
Wed, 09 Sep 2026 07:58 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Wed, 09 Sep 2026 07:58 PM IST
मकान किराए पर देने से पहले किराएदार की पहचान और जरूरी दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है। लिखित रेंट एग्रीमेंट, पुलिस वेरिफिकेशन, किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट का स्पष्ट रिकॉर्ड भविष्य के विवाद से बचाने में मदद कर सकता है।
विज्ञापन
घर किराए पर देते समय मकान मालिक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- फोटो : Amar Ujala AI
घर किराए पर देते समय मकान मालिक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- फोटो : Adobe Stock
घर किराए पर देते समय क्या बातों ध्यान रखें?
नंबर 1
- सबसे पहले किराएदार की पहचान और पते से जुड़े दस्तावेजों की जांच करें
- आधार, पैन या अन्य वैध पहचान पत्र की जानकारी लेकर उसका रिकॉर्ड अपने पास रखें
- जरूरत के अनुसार किराएदार के स्थायी पते और काम की जानकारी भी सत्यापित की जा सकती है
घर किराए पर देते समय मकान मालिक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- फोटो : Adobe Stock
नंबर 2
- किराएदार की पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं
- उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली के निवासी हैं, तो आप दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध Tenant Verification Form भर सकते हैं
- जान लें कि किराएदार को घर सौंपने से पहले स्थानीय नियमों के अनुसार पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर लेना बेहतर है
विज्ञापन
विज्ञापन
घर किराए पर देते समय मकान मालिक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- फोटो : Amar Ujala
नंबर 3
- अधिकतर लोग रेंट एग्रीमेंट से बचते नजर आते हैं, लेकिन आप चाहते हैं कि किसी मुसीबत में न पड़े
- तो इसलिए अपने किराएदार के साथ लिखित रेंट एग्रीमेंट जरूर बनवा लें
- रेंट एग्रीमेंट में किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, किराए की तारीख, बिजली-पानी के बिल, मेंटेनेंस, नोटिस पीरियड और मकान खाली करने की शर्तें आदि साफ लिख सकते हैं
विज्ञापन
घर किराए पर देते समय मकान मालिक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- फोटो : Adobe Stock
नंबर 4
- किराए के लिए सिक्योरिटी और किराए का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी हो जाता है
- किराए के पैसे बैंक ट्रांसफर या किसी ऐसे माध्यम से लेना बेहतर है जिसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे
- कैश पेमेंट लेने या देने से बचें और हर पेमेंट का रिकॉर्ड रखें ताकि, बाद में कोई दिक्कत न हो