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90 करोड़ की इमारत 10 साल में जर्जर: उखड़ी टाइल्स, गिरी फॉल्स सीलिंग; मेडिकल काॅलेज में भ्रष्टाचार की तस्वीरें
Sun, 23 Aug 2026 10:09 AM IST
Arun Parashar
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 23 Aug 2026 10:09 AM IST
यूपी के सरकारी मेडिकल काॅलेज में भ्रष्टाचार की चाैंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब 90 करोड़ रुपये से तैयार की गई इमारत 10 साल में ही जर्जर हो गई। टाइल्स उखड़ रहीं है तो फॉल्स सीलिंग गिर रही है। हालात ये हैं कि रोज मरीज अब डर के साए में इलाज कराने को मजबूर हैं।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में भ्रष्टाचार की खुली परतें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सरकारी निर्माण में भ्रष्टाचार से कैसे जेब भरी जाती हैं, इसकी गवाही एसएन मेडिकल कॉलेज का सर्जरी एंड एलाइड स्पेशलिस्ट ब्लॉक दे रहा है। 10 साल में ही यह भवन जर्जर हो गया। जगह-जगह टाइल्स गिर रही हैं। दरवाजे और फॉल्स सीलिंग भी टूट गई है। सेंट्रल एसी खराब पड़ा है। इंतजाम न होने से 2022 में आग भी लग चुकी है।
एसएन मेडिकल काॅलेज में टूटी पड़ी फाॅल्स सीलिंग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम हाउस के पास वर्ष 2008-09 में इस भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। शुरू में इसका बजट करीब 85 करोड़ रुपये था। यह जी प्लस 7 इमारत है। यह 2016 में तैयार हुई। इसमें रैंप और ऑपरेशन थिएटर नहीं बने थे, ऐसे में करीब पांच करोड़ रुपये और मिले। रैंप-ऑपरेशन थिएटर बनाए गए। इसी साल इसे एसएन को हैंडओवर किया गया। निर्माण के कुछ साल बाद ही टाइल्स गिरने लगी। फॉल्स सीलिंग टूटने से कई बार मरीज बाल-बाल बचे।
दीवारों से उखड़ा प्लास्टर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और भ्रष्टाचार पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन भी कर चुके हैं। 2002 में इसी भवन में आग भी लग गई थी, जिससे मरीजों को बाहर निकालना पड़ा था। उस वक्त इसमें आग से निपटने के इंतजाम भी नहीं थे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि उनके कार्यकाल से पहले यह बनी थी। इसमें मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है। फॉल्स सीलिंग लगाने का कार्य चल रहा है।
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एसएन मेडिकल काॅलेज की जर्जर इमारत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार विभाग और दो लैब हो रही संचालित
इस भवन में सर्जरी विभाग, हड्डी रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग, ईएनटी रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब, वायरोलॉजी लैब संचालित हो रहे हैं। यहां औसतन रोजाना 350 मरीज भर्ती रहते हैं। दो हजार से अधिक तीमारदार, जांच कराने के लिए आते हैं। चिकित्सकीय स्टाफ भी कार्यरत है। ऐसे में यहां हादसा होने का खतरा है। सर्जरी ब्लॉक की इमारत के गैलरी, वार्ड की फॉल्स सीलिंग टूट चुकी है। ऐसे में नए सिरे से फॉल्स सीलिंग लगाई जा रही है। इसका कार्य शुरू हो गया है। गैलरी में सीलिंग लग गई है, वार्ड में भी अभी बदहाल स्थिति है।
इस भवन में सर्जरी विभाग, हड्डी रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग, ईएनटी रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब, वायरोलॉजी लैब संचालित हो रहे हैं। यहां औसतन रोजाना 350 मरीज भर्ती रहते हैं। दो हजार से अधिक तीमारदार, जांच कराने के लिए आते हैं। चिकित्सकीय स्टाफ भी कार्यरत है। ऐसे में यहां हादसा होने का खतरा है। सर्जरी ब्लॉक की इमारत के गैलरी, वार्ड की फॉल्स सीलिंग टूट चुकी है। ऐसे में नए सिरे से फॉल्स सीलिंग लगाई जा रही है। इसका कार्य शुरू हो गया है। गैलरी में सीलिंग लग गई है, वार्ड में भी अभी बदहाल स्थिति है।
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एसएन मेडिकल काॅलेज का जर्जर भवन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जगह-जगह उखड़ रहा प्लास्टर
इमारत में जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। सीवेज सिस्टम भी कई बार खराब हो चुका है। सेंट्रल एसी था, जो खराब होने के कारण अब इसमें कूलर और पंखे लगाए गए हैं। कुछ वार्ड में कामचलाऊ विंडो एसी भी लगाए गए हैं।
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इमारत में जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। सीवेज सिस्टम भी कई बार खराब हो चुका है। सेंट्रल एसी था, जो खराब होने के कारण अब इसमें कूलर और पंखे लगाए गए हैं। कुछ वार्ड में कामचलाऊ विंडो एसी भी लगाए गए हैं।
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