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इतिहास: बीएचयू में 70 साल बाद खुले पांच संदूकों में मिलीं 5000 साल पुरानी वस्तुएं, खोजे जा रहे कई रहस्य

Fri, 21 Aug 2026 12:55 PM IST
Pragati Chand हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 21 Aug 2026 12:55 PM IST
सार
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Varanasi News: बीएचयू में 70 साल बाद रहस्यमयी संदूक खुले। यहां पांच संदूकों में 5000 साल पुरानी वस्तुएं मिलीं। इसमें एनालॉग कैमरों की 10 हजार से ज्यादा निगेटिव रील और ग्लास स्लाइड्स भी मिली हैं। 

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5,000-year-old artifacts found in five chests opened at BHU after 70 years in Varanasi
प्राचीन वस्तुओं के साथ प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार - फोटो : स्वयं

बीएचयू में 70 साल बाद खोले गए जर्जर हो चुके पांच संदूकों में पांच हजार साल पुरानी वस्तुएं मिली हैं। इसमें एनालॉग कैमरों की 10 हजार से ज्यादा निगेटिव रील और ग्लास स्लाइड्स भी मिली हैं। इनमें बीएचयू की ओर से देश के 63 जगहों पर कराई गई पुरातात्विक खोदाई के साक्ष्य और देश का राजसी व आध्यात्मिक इतिहास भी झलक रहा है। इन निगेटिव रील्स में काशी के राजघाट सहित देशभर से मिलीं दुर्लभ मूर्तियां हैं। इनमें महादेव, विष्णु भगवान और गौतम बुद्ध की प्राचीन प्रतिमाओं की फोटो सबसे ज्यादा हैं। इनके अलावा अजंता एलोरा की गुफाओं की बित्रकलाओं से लेकर काशी के राजघाट को इसमें देखा जा सकता है। देश के कई मंदिर, स्तूप, प्रास्थल, चैत्य-विहार भी हैं।

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बीएचयू में मिलीं प्राचीन वस्तुएं - फोटो : अमर उजाला

इन बक्सों से 5000 साल पुराने चित्रित काले मृदभांड, हाथी के दांतों और पत्थरों से बने औजार, मिट्टी के खिलौने, दूसरी शताब्दी में बने तांबे के सिक्के, मुद्रांक व उस पर खोदी गई लिपियां, मुहरें और अभिलेख भी निकाले गए हैं। प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार के नेतृत्व में शोधार्थियों और प्रोफेसरों की तीन रिसर्च टीमें गठित की गई हैं, जो कि इनके डॉक्यूमेंटेशन का काम शुरू कर रही हैं। 

5,000-year-old artifacts found in five chests opened at BHU after 70 years in Varanasi
बीएचयू में मिलीं प्राचीन वस्तुएं - फोटो : अमर उजाला

प्रो. अहिरवार ने बताया कि विभाग का शताब्दी वर्ष चल रहा है जिसकी कई उपलब्धियां सामने हैं और कुछ छिपी हुई हैं। विभाग ने 63 जगहों पर बड़े स्तर पर खोदाई कराई। इसमें कुछ ही स्थलों की रिपोर्ट बनीं, ज्यादातर के कोई दस्तावेज नहीं हैं। रिसर्च पेपर भी गिने-चुने हैं।

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5,000-year-old artifacts found in five chests opened at BHU after 70 years in Varanasi
बीएचयू में मिलीं प्राचीन वस्तुएं - फोटो : अमर उजाला

सिक्कों पर सुई की नोक जैसे अक्षर खुदे मिले
प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार ने बताया कि जंग लगे बक्से खत्म हो चुके थे। इनमें मिले कुछ पत्थर तो 50 हजार से लेकर एक लाख साल तक पुराने हैं। राजघाट में एक हजार से ज्यादा अभिलेख, मुहरें, सीलिंग्स मिली हैं। सिक्कों पर खुदे शब्दों को अभी पढ़ा आना बाकी है। ये इतने छोटे हैं जैसे लगता है कि सुई की नोक से लिखे गए हों। उस काल की तकनीक बहुत ही सूक्ष्म स्तर पर काम कर रही थी। इससे चार हजार साल पुरानी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सभ्यता को समझने में बड़ी मदद मिलेगी।

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बीएचयू में मिलीं प्राचीन वस्तुएं - फोटो : अमर उजाला

कई रहस्य खोजे जा रहे
डॉक्यूमेंटेशन का काम विभाग में कई जगहों पर हो रहा है। पाषाण कालीन पत्थरों और औजारों से लेकर अन्य वस्तुएं अलग-अलग जगहों पर डॉक्यूमेंट के रूप में तैयार की जा रही हैं। राजघाट की रिपोर्ट चार खंडों में प्रकाशित हो चुकी है फिर भी बहुत से राज सामने आने बाकी हैं। विभागीय स्तर पर ही बिना किसी बाहरी मदद के काम हो रहा है, इसलिए इसमें थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन, इस काम के बाद बनारस के इतिहास का वैभव और देश भर के पुरातत्व का नया रहस्य सामने आएगा।

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