बैग-कपड़े लेकर धरने पर बैठे छात्र: बीएचयू में बिड़ला हॉस्टल में असुविधा, 50 से ज्यादा तस्वीरें दिखाईं; गुस्सा
छात्रों ने शुक्रवार को अव्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर धरना देकर नारेबाजी की। छात्रों ने 50 से अधिक तस्वीरें दिखाकर वार्डेन के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दीमक से किताबें खराब होने और शिकायत पर धमकी देने का आरोप लगाया। वार्डेन सत्यप्रकाश ने समस्याएं प्रशासन को भेजने की जानकारी दी।
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बीएचयू के बिड़ला ए हॉस्टल के छात्रों ने शुक्रवार को अव्यवस्थाओं के खिलाफ धरना देकर सड़क जाम कर दी। छात्र किताब-कॉपी, बैग और कपड़े लेकर सड़क पर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने हॉस्टल की बदहाली से जुड़ी 50 से अधिक तस्वीरें हाथों में लेकर वार्डेन के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि तस्वीरों के माध्यम से वे विश्वविद्यालय प्रशासन को हॉस्टल की वास्तविक स्थिति का आईना दिखा रहे हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से सफाई और अन्य व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। अव्यवस्था के कारण उनकी किताबों और नोट्स में दीमक लग गई है। छात्रों का कहना था कि करीब एक साल से हॉस्टल की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। धरने में ऐसे छात्र भी शामिल रहे, जिनके अनुसार उन्हें हॉस्टल से बाहर किया गया है।
धरना दे रहे छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी समस्या लेकर वार्डेन के पास पहुंचे एक छात्र को धक्का दिया गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सुरक्षाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी दी जा रही है। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें किताब, बैग और कपड़े लेकर सड़क पर बैठकर विरोध करने की जरूरत नहीं पड़ती।
धरने की जानकारी मिलने पर हॉस्टल के वार्डेन सत्यप्रकाश मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को बताया कि उनकी शिकायतों को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष भेज दिया गया है। वार्डेन के अनुसार समस्याओं के समाधान में अभी कुछ समय लगेगा। इसके बाद छात्रों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई।