रूस व यूक्रेन के बीच तनाव इस स्थिति तक बढ़ गया है कि दोनों देशों ने युद्ध की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रूस द्वारा यूक्रेन के तीन जहाज जब्त करने का मामला दोनों देशों के बीच जंग के मुकाम तक पहुंच गया है। इस बीच जहां रूस ने नौसैनिक बेस नष्ट करने का अभ्यास किया वहीं यूक्रेन ने अपनी रिजर्व सेना के 1500 से ज्यादा जवानों को युद्धाभ्यास के लिए बुला लिया है।
दोनों देशों के बीच जंग की बढ़ती आशंकाओं को देखते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने कहा कि रूस यूक्रेन को अस्थिर करना चाहते है, जो हम नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों की तैनाती की जाएगी।
पोरोशेंको ने जर्मनी व सहयोगी देशों से भी काला सागर में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की बात कही है। यूक्रेन का यह कदम इसलिए है ताकि रूस इस क्षेत्र में अपना दखलअंदाजी न कर सके। यूक्रेन का मानना है कि रूस 2014 जैसी नरसंहार की घटना दोहराना चाहता है।
रूस ने तैनात किए सुपरसोनिक मिग-31 विमान
वहीं, दूसरी ओर रूस भी इस ओर कतई नरमी नहीं दिखा रहा है। इस बीच रूस ने एक ओर जहां क्रीमिया के साथ दुश्मन देश के नौसैनिक बेस नष्ट करने का अभ्यास किया वहीं दूसरी ओर सुपरसोनिक मिग-31 विमान भी तैनात कर दिए हैं।
सैन्य बल के साथ रक्षा बजट में भी यूक्रेन रूस से कमजोर
युद्ध की तैयारी में यूक्रेन ने नाटो से भी मदद मांगी है। बता दें कि नाटो में 28 देशों के 70 लाख से भी ज्यादा सैनिक हैं। वहीं, यूक्रेन की सेना संख्याबल के मामले में रूस से काफी कमजोर है। रूस की सेना में जहां 10 लाख से ज्यादा सैनिक हैं वहीं यूक्रेन की सेना में मात्क 2.55 लाख सैनिक हैं, जो रूस की तुलना में एक चौथाई ही हैं। बता दें कि रूस के पास 25 लाख रिजर्व सैनिक भी हैं।
रक्षा बजट की बात करें तो सैन्य बल के बाद इस मामले में भी यूक्रेन रूस से कमजोर ही है। यूक्रेन का रक्षा बजट जहां सात हजार करोड़ रुपये है जो उसकी जीडीपी का 5.1 फीसद है, वहीं रूस का रक्षा बजट 4.6 लाख करोड़ रुपये है जो रूस की जीडीपी का 4.3 फीसद है।
जब तक पोरोशेंको सत्ता में तब तक जारी रहेगा युद्ध : पुतिन
दोनों देशों के बीच जंग को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में जब तक पोरोशेंको की सरकार सत्ता में रहेगी तब तक रूस युद्ध जारी रखेगा। रूसी राष्ट्रपति का यह रुख इस आशंका को हवा देता है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई का आगाज कभी भी हो सकता है।